Sunday, February 22, 2026

Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम चलाने के लिए नहीं कर्मचारी

यह भी पढ़े

औरैया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी नई बिल्डिंग ने शिफ्ट हुए एक साल का समय होने जा रहा है।इस बिल्डिंग में लाखों की कीमत के अग्निशमन संयंत्र (फायर सेफ्टी सिस्टम) लगाए गए हैं, लेकिन आपातकाल की स्थिति में इसे चलाने के लिए हुनरमंद अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई।
ऐसे में यदि आग व अन्य तरह की कोई आकस्मिक घटना हुई तो यह संयंत्र धरे के धरे रह जाएंगे। सीएफओ ने जनवरी में निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज में यह खामी पकड़ी तो अब पत्राचार किया जा रहा है।मेडिकल कॉलेज की ओपीडी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में ओपीडी का आंकड़ा तीन हजार के पार तक चला गया। नई बिल्डिंग में ओपीडी, इमरजेंसी और सेंट्रल लैब का संचालन किया जा रहा है। दिन के समय यहां पर अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है। स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को इस भीड़ को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन आग लगने की कोई घटना हो जाए तो बचाव करना मुश्किल हो जाएगा।

इधर, गर्मी का सीजन आने वाला है। ऐसे में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ेगी। उधर, यहां की नई बिल्डिंग में लाखों की कीमत का अग्निशमन संयंत्र लगा है। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन की लाइनें बिछी हुई हैं, लेकिन इस संयंत्र को चलाने के लिए पेशेवर कर्मियों व अधिकारियों की तैनाती नहीं है। जबकि बिल्डिंग तैयार होने के साथ ही इसमें यह अग्निशमन संयंत्र भी लगाया गया था। बीते एक साल में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में इस संयंत्र का मेंटीनेंस भी सवालों के घेरे में है।

पुरानी बिल्डिंग में भर्ती मरीज, संयंत्र खराब पड़े
मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में लेबर रूम से लेकर जनरल वार्ड है। यहां पर रोजाना 200 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। तीमारदारों की भीड़ भी यहां देखी जाती है। इस बिल्डिंग में सालों पहले लगाए गए संयंत्र देखरेख के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे में यह बिल्डिंग भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगी।

सवाल जिनके नहीं हैं जवाब
-साल भर से क्यों नहीं चेक हुआ अग्निशमन संयंत्र।
-मरीजों की जान से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार।

-आग लगी तो कौन संचालित करेगा संयंत्र।

-क्या जिम्मेदारी से बचने के लिए पत्राचार ही काफी है।

मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में हाईटेक अग्निशमन संयंत्र लगा है, लेकिन वहां पर अग्निशमन अधिकारी व कर्मचारी की तैनाती ही नहीं है। इस खामी को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्राचार किया गया है।
-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

अग्निशमन संयंत्र के संचालन को लेकर अधिकारी व कर्मचारी की नियुक्ति की प्रकि्रया शासन स्तर से चल रही है। फिलहाल कार्यदायी संस्था के कर्मचारी संयंत्र की देखरेख कर रहे हैं।-डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

- Advertisement -
Ads

ट्रेंडिंग न्यूज़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement

अन्य खबरे