Monday, February 23, 2026

शरीर में पानी की कमी होने पर दिखते हैं ये बड़े लक्षण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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नेशनल डेस्क: पानी हमारे शरीर के लिए जीवनदायी तत्व है। यह न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर के लगभग हर जरूरी काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार मानव शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। यही कारण है कि शरीर में पानी की कमी होने पर सेहत पर सीधा और गंभीर असर पड़ सकता है।

शरीर में पानी क्यों है जरूरी
पानी शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करता है। यह पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाता है और अपशिष्ट तथा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है। पाचन तंत्र को सही ढंग से चलाने, रक्त संचार को सुचारु रखने और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में भी पानी की अहम भूमिका होती है। पर्याप्त पानी न मिलने पर शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगती है।

किन कारणों से होती है पानी की कमी
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना इसका सबसे सामान्य कारण है। इसके अलावा अधिक पसीना आना, उल्टी-दस्त, बुखार, धूप में लंबे समय तक रहना या ज्यादा व्यायाम करना भी शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकता है। अधिक चाय, कॉफी या शराब का सेवन भी शरीर से तरल पदार्थ कम कर देता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन की समस्या जल्दी देखने को मिल सकती है, इसलिए इन वर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

पानी की कमी के लक्षण कैसे पहचानें
Lady Hardinge Medical College से जुड़े मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे पहले तेज प्यास लगती है। मुंह, जीभ और होंठ सूखने लगते हैं। पेशाब की मात्रा कम हो जाती है और उसका रंग गहरा पीला दिखाई दे सकता है। थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सिरदर्द भी सामान्य संकेत हैं। कई बार ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और व्यक्ति सुस्ती महसूस करता है। त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है। कुछ लोगों में दिल की धड़कन तेज हो सकती है या बेचैनी महसूस हो सकती है। बच्चों में रोते समय आंसू कम आना और असामान्य सुस्ती भी डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। यदि लक्षण गंभीर हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

पानी की कमी से होने वाली संभावित समस्याएं
लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी बनी रहे तो इसका असर किडनी पर पड़ सकता है। पेशाब से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और पथरी बनने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा कब्ज, लो ब्लड प्रेशर और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी जैसी हालत भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए समय रहते लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है।

बचाव के लिए क्या करें
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना बेहतर होता है। गर्मी के मौसम में या व्यायाम के दौरान तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे पेय भी शरीर में पानी और जरूरी लवणों की पूर्ति में मदद कर सकते हैं। अत्यधिक चाय, कॉफी और शराब से परहेज करना चाहिए। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या भी शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।

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