पंजाब डैस्क : शिवालिक हिल्स के मामले में एन.जी.टी. ने बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि (NGT) ने एक ऐतिहासिक आदेश में होशियारपुर और रूपनगर के शिवालिक हिल्स क्षेत्र में 13 स्टोन क्रशर यूनिट्स को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है और उन्हें 180 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरणीय मुआवजा अदा करने का निर्देश दिया गया है। एनजीटी ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को भी 90 दिनों के भीतर सभी क्रशर की जांच और कच्चे माल के स्रोत की पुष्टि करने का सख्त निर्देश दिए हैं।
बता दें कि मामला मीडिया रिपोर्ट से शुरू हुआ था, जिसमें बीट क्षेत्र के पहाड़ों के अवैध उत्खनन और विनाश को उजागर किया गया था। गढ़शंकर (होशियारपुर) और खेड़ा काल्मोट (रूपनगर) के गांवों में माइनिंग माफिया ने पहाड़ों को 200 फीट तक समतल कर दिया। यह क्षेत्र राज्य का मुख्य भूमिगत जल पुनर्भरण क्षेत्र है और प्राकृतिक बाढ़ अवरोध के रूप में काम करता है।
चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एनजीटी ने PPCB को निर्देश दिया कि सभी 13 यूनिट्स बंद रहें और पहले से दर्ज आपराधिक मामलों को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, PPCB को अब पूरे क्षेत्र में अन्य क्रशरों के कच्चे माल के स्रोत का सत्यापन करना होगा।
NGT ने होशियारपुर और रूपनगर के शिवालिक हिल्स क्षेत्र में कई स्टोन क्रशर यूनिट्स को पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया है।


