Kasganj News: अगर आपके मोबाइल पर भी RTO ई-चालान का मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए! यह आपको ट्रैफिक जुर्माने से बचाने का नहीं, बल्कि आपके बैंक खाते को पूरी तरह खाली करने का नया जाल है। जनपद कासगंज में साइबर ठगों ने APK फाइल के जरिए ठगी का एक ऐसा खतरनाक रास्ता निकाला है, जिसमें न तो आपसे कोई पासवर्ड पूछा जाता है और न ही कोई OTP मांगा जाता है।
बिना OTP के कैसे हो रही है ठगी?
कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में हाल ही में तीन लोग इस डिजिटल डकैती का शिकार हुए हैं। पीड़ितों ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि उनका RTO चालान पेंडिंग है। मैसेज के साथ एक फाइल भेजी गई थी जिसका नाम RTO E-Challan.apk था। जैसे ही पीड़ितों ने चालान की जानकारी देखने के लिए उस फाइल को डाउनलोड कर अपने फोन में इंस्टॉल किया, खेल शुरू हो गया। बिना कोई गोपनीय जानकारी साझा किए, कुछ ही मिनटों में उनके खातों से हजारों रुपये कटने के मैसेज आने लगे।
क्या है इस APK फाइल का काला सच?
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस के अनुसार, यह APK फाइल दरअसल एक मालवेयर (सॉफ्टवेयर वायरस) है। इसे इंस्टॉल करते ही आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है। वे आपके मैसेज, गैलरी और बैंकिंग एप्स को रिमोटली एक्सेस कर लेते हैं। यही कारण है कि ठग बिना OTP मांगे ही आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी पटियाली, संदीप वर्मा ने जनता को सचेत किया है। उन्होंने बताया कि ठग अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी सरकारी स्कीमों के नाम पर भी ऐसी फाइलें भेज रहे हैं।
ठगी से बचने के लिए पुलिस के सुझाव:-
– अपरिचित लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें।
– आधिकारिक एप का ही करें प्रयोग: सरकारी जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या mParivahan जैसे एप का इस्तेमाल करें।
– टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर Two-Step Verification तुरंत एक्टिव करें।
– यहां करें शिकायत: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।


