Wednesday, February 25, 2026

यूपी: चार बजे गोली चली लेकिन किसी ने नहीं सुनी, आखिर बेटे अक्षत ने क्यों बनाया था वाट्सएप ग्रुप, ‘पापा लौट आओ’

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20 फरवरी की सुबह चाढ़े चार बजे वारदात के समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी दूसरे तल पर मौजूद थीं। उनके साथ बच्चे भी सो रहे थे। अक्षत ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन इसकी आवाज परिजनों ने नहीं सुनी। अरविंद का कहना है कि परिवार सो रहा था, जिसकी वजह से उन लोगों को सुनाई नहीं दिया।मानवेंद्र के परिजनाें के इस बयान से रहस्य गहरा गया है। सवाल ये है कि आखिर परिजन क्या छिपा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र बेटे और बेटी के साथ एक ही बिस्तर पर साेते थे। घटना के वक्त बिस्तर पर उनकी बेटी कृति भी मौजूद थी। कृति के सामने ही अक्षत ने वारदात को अंजाम दिया। कृति तब से सदमे में है। पुलिस कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कृति से पूछताछ की गई। कृति ने बताया कि मां की मौत के बाद से भाई और पिता का ही सहारा था। पिता की हत्या के बाद भाई भी जेल चला जाएगा।

ऐसे में वह किसके साथ रहेगी। हत्या के मामले में पूछने पर कृति ने चुप्पी साध ली। उधर, अरविंद ने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वह छुट्टी लेकर घर बनवाने जालौन गए थे। घटना की जानकारी पाकर वह लखनऊ पहुंचे। दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी। दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि 19 की रात में मानवेंद्र एक बजकर 34 मिनट तक ऑनलाइन थे।परिजनों और मानवेंद्र के दोस्ताें को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा कि पापा, आप कहां हो। आप प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं। आपके दोस्त भी आपकी तलाश कर रहे हैं। किसी को शक ने हाे इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।
 

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