उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के क्रम में प्रदेश भर के होम-स्टे मालिकों को उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 20 मार्च तक पर्यटन विभाग के मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में हुआ।
होम-स्टे सिस्टम विकसित करने के तरीके सिखाए जा रहे
उन्होंने बताया कि देशी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आमद के बीच उत्तर प्रदेश में होम-स्टे मॉडल तेजी से उभर रहा है। इससे ठहरने के लिए कमरों की संख्या बढ़ रही है। प्रशिक्षण में प्रभावी होम-स्टे सिस्टम विकसित करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही विभिन्न टैरिफ प्लान, बजट और लागत नियंत्रण की तकनीकों पर जानकारी दी गई। इसके अलावा, प्रतिभागियों को समस्या समाधान, सेवाओं में सुधार, होम-स्टे के रखरखाव और इंटीरियर साज-सज्जा के महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट के गुर भी सिखाए गए
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे संचालकों को अब पारंपरिक ढर्रे से निकालकर आधुनिक और पेशेवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट के गुर भी सिखाए गए।
प्रशिक्षण के दौरान होम स्टे की साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ रिस्पांसिबल टूरिज्म के महत्व को विस्तार से समझाया गया। ताकि, पर्यटकों को बेहतर और यादगार अनुभव मिल सके। प्रशिक्षण में लखनऊ, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, सिद्धार्थनगर, अम्बेडकर नगर, शाहजहांपुर, कासगंज और उन्नाव के प्रतिभागियों शिरकत किया।


