सरकार की ओर से कॉमर्शियल सिलिंडरों पर रोक और पैकेजिंग उत्पादों के दाम बढ़ने से सुबह का नाश्ता महंगा हो गया है। 480 रुपये किलो वाली जलेबी अब 500 रुपये किलो हो गई है। 12 वाला समोसा 15 रुपये का हो गया है। 60 रुपये वाली दो कचौड़ी 70 रुपये में कर दी गई है। 20 रुपये प्रति पीस वाली इमरती 25 रुपये में हो गई है। फास्ट फूड, पानी के बताशा भी महंगे हो गए हैंं। मिठाई कारोबारियों ने भी मिठाई के दाम 20 रुपये किलो बढ़ा दिए हैं। शहर में खानपान का 50 करोड़ का प्रतिदिन का कारोबार है।
शहर भर में 5000 हजार से ज्यादा मिठाई, रेस्टोरेंट और होटल संचालक हैं। छोला-भटूरा, पूड़ी-सब्जी, जलेबी, खस्ता, समोसा का असंगठित क्षेत्र का भी प्रतिदिन का करोड़ों का व्यापार होता है। पांच करोड़ के करीब ऑनलाइन फूड का कारोबार होता है। ऑनलाइन प्लेटफार्म कंपनियों ने प्लेटफार्म फार्म फीस में 19 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है। इससे उत्पादों की कीमत बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अधिकतर प्रतिष्ठानों में आधुनिक किचन हैं।
लगातार बढ़ते जा रहे हैं कोयला के दाम
सिलिंडर के विकल्प के रूप में कोयला भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। डीजल भट्ठी का उपयोग न के बराबर है। इसके इस्तेमाल से उत्पादों में डीजल की महक आने की संभावना होती है। कोयला के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहले 12 रुपये में एक समोसा मिल रहा था] जो अब 15 रुपये में हो गया है। कुछ कारोबारियों ने पांच रुपये प्रति पीस तक समोसा के दाम बढ़ाए हैं। कारोबारियों का कहना है कि लागत के मुकाबले अभी दाम बेहद कम बढ़ाए गए हैं] ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न बढ़े।
कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए। कारोबारियों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्हें अपना कारोबार बचाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। खानपान उद्योग संकट में है। मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।
-श्यामलाल मूलचंदानी, कार्यवाहक अध्यक्ष, कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
समोसा, इमरती, कचौड़ी के दाम बढ़ा दिए गए हैं। मिठाइयों के दाम में प्रति किलो 20 रुपये बढ़ाने पड़े हैं जो लागत मूल्य के अनुसार बेहद कम है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर कंपनियां कारोबारियों को नहीं दे रही हैं। डीजल भट्ठी का कारोबारी इस्तेमाल नहीं करना चाहता।
-मयंक गुप्ता, मिठाई कारोबारी, हालसी रोड
गैस की किल्लत से कोयले की मांग और कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लकड़ी वाला कोयला के दाम 60-70 रुपये किलो हो गए हैं। यह पहले 45 से 50 रुपये किलो था। पत्थर वाला कोयला के दाम 15 रुपये से बढ़कर 19-20 रुपये किलो हो गए हैं। -अभिमन्यु गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल और कोयला कारोबारी