पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में दुनिया के कई देश भी शामिल हो रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि उसके सहयोगी देश, जैसे जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, अपने युद्धपोत भेजें ताकि होर्मुज रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सके। वहीं, जापान ने कहा है कि वह सीधे युद्ध में नहीं उतरेगा, लेकिन अगर युद्धविराम होता है तो वह माइंस (समुद्री बारूदी सुरंग) हटाने में मदद कर सकता है। जापान के लिए यह मामला बहुत गंभीर है, क्योंकि उसका करीब 90% तेल इसी रास्ते से आता है। इसलिए अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
West Asia Crisis: होर्मुज में माइनस्वीपर्स तैनात करेगा जापान, जंग के बीच कैसे हैं हालात; क्या है ईरान का रुख?


