Sunday, April 19, 2026

UP: मोची का खाता 656 बार ठगी में इस्तेमाल, 80 करोड़ का लेनदेन; दो गिरफ्तार, कई देशों से जुड़े आरोपियों के तार

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यशोदानगर के दवा कारोबारी अमित राठौर से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई 13 लाख की ठगी दिल्ली, एनसीआर और पंजाब में सक्रिय गिरोह ने की है। नौबस्ता पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का के करण कसेरा और गुलशन कुमार को गिरफ्तार कर वारदात का राजफाश किया। दोनों पेशे से मोची फाजिल्का के अजय कुमार के बैंक खाते को ठगी के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। इसी खाते में दवा कारोबारी की रकम भी भेजी गई। जांच में पता चला कि तीन महीने में इस खाते में 80 करोड़ का लेनदेन हुआ है। खाते को ठगी के 656 मामलों में इस्तेमाल किया गया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि दवा कारोबारी अमित राठौर के टेलीग्राम अकाउंट में नवंबर 2025 को लिंक आया था। उसमें शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर बड़े मुनाफे की बात कही गई थी। उन्होंने नवंबर से दिसंबर तक लगभग 13 लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए। इसके बाद अचानक उनका लिंक और सभी लोगों के मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गए। दवा कारोबारी ने जनवरी 2026 में ठगी की एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक खाते की डिटेल निकवाई। रकम सेंट्रल बैंक से एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और फिर नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में भेजी गई। यह शाखा दिल्ली के मयूर विहार फेस तीन में है। पुलिस की जांच में खाता फाजिल्का के अबोहर निवासी मोची अजय कुमार का मिला। यह फर्म के नाम पर करंट अकाउंट था।

पुलिस ने लेनदेन का रिकार्ड देखा तो 30 सितंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक 80 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला। पुलिस ने 13.65 लाख रुपये फ्रीज करा दिए। इस खाते में देश भर से ठगी के 656 मामलों में रकम ट्रांसफर की गई थी। यह शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं। प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर, बाराबंकी, आगरा की 13 एफआईआर में इसी खाते का जिक्र मिला।

पुलिस ने खाता धारक अजय कुमार की जानकारी जुटाई। पता चला उसे दिल्ली पुलिस पांच दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। खाते को फाजिल्का के करण कसेरा और गुलशन कुमार संचालित कर रहे थे। दोनों ने एके ट्रेडिंग नाम से फर्जी फर्म भी खुलवाई थी। करन ऑटो पार्ट्स और गुलशन इलेक्ट्रीशियन का कार्य कर रहे थे। दोनों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो आई फोन, कई बैंकों की चेकबुक, डिपॉजिट स्लिप, 11 चेक, एटीएम कार्ड, लेनदेन के दस्तावेज, 8500 रुपये बरामद हुए।

दिल्ली में बैठा है मास्टरमाइंड
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली में बैठा है। यह गिरोह साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग, गेमिंग एप, बेटिंग एप, डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से रुपये लेकर उनको कई खातों में भेजता है। इसके लिए खाते खुलवाने की जिम्मेदारी करन कसेरा और गुलशन को दी गई थी। यह रुपयों को निकलवाने के बाद अपना कमीशन लेकर मास्टरमाइंड को पहुंचाने का कार्य कर रहे थे।

कई देशों से जुड़े आरोपियों के तार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के तार भारत से लगे हुए कई देशों से जुड़े हुए हैं। पुलिस को एक व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी हुई है जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश समेत अन्य देशों के लोग जुड़े मिले। यह रकम किस तरह से और कहां जा रही थी इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को कुछ इनपुट मिले हैं जिस पर कार्य किया जा रहा है। खातों में रकम ट्रांसफर कराने वाले कई लोग शामिल हैं।
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