Sunday, April 26, 2026

जापान का वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार घाटा 1700 अरब येन, लगातार पांचवें वित्त वर्ष में दर्ज किया घाटा

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तोक्योः जापान का वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार घाटा 1700 अरब येन (10.7 अरब डॉलर) रहा। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि लगातार पांचवें वित्त वर्ष में व्यापार घाटा दर्ज किया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि आयात केवल 0.5 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जापान और अन्य देशों से आयात पर लगाए गए ऊंचे शुल्क वैश्विक मोटर वाहन विनिर्माताओं और अन्य उद्योगों के लिए बड़ा झटका साबित हुए हैं। गत वित्त वर्ष में अमेरिका को जापान का कुल निर्यात 6.6 प्रतिशत घटा जबकि मोटर वाहन निर्यात में 16 प्रतिशत की गिरावट आई।

मार्च में जापान का व्यापार अधिशेष एक साल पहले की तुलना में हालांकि 26 प्रतिशत बढ़ा, जो निर्यात क्षेत्र के पिछले झटकों से उबरने का संकेत है। मार्च में निर्यात लगभग 11.7 प्रतिशत और आयात करीब 10.9 प्रतिशत बढ़ा। इस बीच, ईरान युद्ध से पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति में बाधा की आशंका भी जापान के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि वह लगभग अपनी पूरी तेल और गैस जरूरतों का आयात करता है। ऊर्जा के अलावा, तेल की कमी नेफ्था आधारित उत्पादों के उत्पादन को भी प्रभावित कर सकती है जो चिकित्सा आपूर्ति एवं अन्य प्लास्टिक के लिए महत्वपूर्ण हैं।

जापानी सरकार ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि देश के पास ऐसी आपात स्थिति के लिए 254 दिन का तेल भंडार है। आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार इस भंडार से कुछ आपूर्ति कर सकती है। जापान इसके अलावा एशिया के अधिकतर तेल एवं गैस की आपूर्ति के मुख्य मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का विकल्प भी तलाश रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद है।

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