बिधूना। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमतों में ही इजाफा नहीं हुआ है। लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले लोगों के सामने चूल्हे की आंच का इंतजाम करना जेब पर भारी पड़ रहा है।दुकानदारों का कहना है कि एक ओर व्यावसायिक गैस सिलिंडर समय से उपलब्ध नहीं हो रहा, वहीं जो मिल रहा है वह एक हजार रुपये महंगा हो गया है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में कोयला और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। इनकी कीमतों में भी अब बढ़ोतरी हो गई है।
फास्ट फूड से जुड़े हर आइटम में पांच-पांच रुपये की बढ़ोतरी करना उनके लिए मजबूरी बन गई है। यही नहीं प्लेट में आइटम की मात्रा में भी कमी करनी पड़ रही है। चूल्हे की आंच में आई महंगाई से कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
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बोले कारोबारी-लागत बढ़ गई
फास्टफूड विक्रेता संजय बाथम ने बताया कि गैस सिलिंडर महंगा होने से लकड़ी और कोयले की भट्ठी पर सामग्री तैयार कर रहे हैं। अब लकड़ी का भाव भी 15 रुपये किलो तक जा पहुंचा है। कोयला भी 40 रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे में फास्ट फूड के आइटम तैयार करने में लागत बढ़ गई है।
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समोसा दुकानदार कल्लू ने बताया कि सिलिंडर के दाम तीन हजार के पार चले गए हैं। भट्टी पर समोसा और गुजिया तैयार करना भी महंगा हो गया है। समोसे का भाव 10 रुपये प्रति पीस करना पड़ गया है। ऐसे में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। कारोबार प्रभावित हो रहा है।


