ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज की घटनाओं से यह साफ हो गया है कि किसी भी राजनीतिक संकट का सैन्य समाधान नहीं हो सकता। अराघची ने अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को ‘प्रोजेक्ट डेडलॉक’ (गतिरोध) करार दिया।ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान की कोशिशों से बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो उसे फिर से दलदल में खींचना चाहते हैं। उन्होंने यूएई को भी ऐसी ही सलाह दी।ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज की घटनाओं से यह साफ हो गया है कि किसी भी राजनीतिक संकट का सैन्य समाधान नहीं हो सकता। अराघची ने अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को ‘प्रोजेक्ट डेडलॉक’ (गतिरोध) करार दिया।ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान की कोशिशों से बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो उसे फिर से दलदल में खींचना चाहते हैं। उन्होंने यूएई को भी ऐसी ही सलाह दी।
ईरान के सरकारी मीडिया ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से हमलों के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारी ने कहा कि फुजैराह के तेल ठिकानों पर हमला करने की ईरान की कोई योजना नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका होर्मुज के प्रतिबंधित इलाकों से अवैध रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस पूरी स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से छोड़ी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, 3 क्रूज मिसाइलों और 4 ड्रोनों को रोका है। इस हमले में तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। मंत्रालय ने बताया कि अब तक वे ईरान के कुल 549 बैलिस्टिक मिसाइल, 29 क्रूज मिसाइल और 2,260 ड्रोनों को नाकाम कर चुके हैं।
फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में हुए इन हमलों में तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। घायल भारतीयों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूतावास उनके स्वास्थ्य और मदद पर पूरी नजर रख रहा है।


