जयपुर। पूर्व सांसद डॉ. संदीप दीक्षित ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित समाजोपयोगी रचनात्मक विचारों और कार्यक्रमों को संवेदनशीलता से पूरा करने पर जोर दिया है।
डॉ. दीक्षित ने गुरुवार को भारत सेवा संस्थान एवं महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान द्वारा आयोजित “रचनात्मक कांग्रेस” विषयक संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इस बात की अत्यधिक आवश्यकता है कि रचनात्मक कार्यक्रमों को संवेदनशीलता, सामाजिक समरसता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विभिन्न समुदायों और सभी वर्गों के हितों का पूरा ध्यान रख कर लागू किया जाए।
संगोष्ठी के आरम्भ में राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष बीएम शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों का परिचय दिया। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को सभी के बीच रखने की जरूरत को बताते हुए उनके अनुरूप नवसृजन की ओर बढ़ने का आग्रह किया।
सत्र में वैभव गहलोत ने रचनात्मक विचारों के रूप में संस्थान द्वारा चलाए गए ‘अरावली बचाओ अभियान’ का उदाहरण दिया। उन्होंने सामाजिक सुधार के पहलुओं से जुड़ने के लिए इसी प्रकार के नवाचारों पर ध्यान देने की आवश्यकता प्रतिपादित की। संगोष्ठी में जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने महात्मा गांधी के दर्शन और नेहरू के सपनों के का भारत का जिक्र करते हुए आज की युवा पीढ़ी को उन्हें आत्मसात करने पर जोर दिया।


