Ballia News: बलिया जिले की एक अदालत ने पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति की हत्या के 6 साल पुराने मामले में एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत 7 लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, इसी घटना से जुड़े दूसरे पक्ष के मुकदमे में 6 लोगों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
हत्या के मामले में 7 को उम्रकैद, दूसरे पक्ष के 6 को भी सजा
शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह ने शनिवार को बताया कि पकड़ी थाना क्षेत्र के टंडवा गांव में 2020 में हुई हत्या और मारपीट की घटना में 2 पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों में जिला न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। अदालत ने एक पक्ष के 7 और दूसरे पक्ष के 6 को दोषी ठहराया। उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हत्या के मामले में 7 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर एक लाख 51 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। सिंह ने बताया कि सजा पाने वालों में एक ही परिवार के 6 सदस्य शामिल हैं।
पुरानी रंजिश में सुरेंद्र नाथ पांडेय की हुई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 अप्रैल 2020 की सुबह पकड़ी थाना क्षेत्र के टंडवा गांव निवासी सुरेंद्र नाथ पांडेय खेत से घर लौट रहे थे तभी पुरानी रंजिश को लेकर उन पर हमला कर दिया गया। उसने बताया कि शोर सुनकर उन्हें बचाने पहुंचे जय प्रकाश पांडेय और धर्मेंद्र कुमार पांडेय के साथ भी मारपीट की गई। घटना में सुरेंद्र नाथ पांडेय की मौत हो गई, जबकि जय प्रकाश पांडेय और धर्मेंद्र कुमार पांडेय घायल हो गए। सुरेंद्र के बेटे अभिषेक की तहरीर पर गांव के अजय तिवारी, उसके पुत्र आलोक और अभय, उसके भाई उदय नारायण तिवारी, मनीष तिवारी और अमित तिवारी तथा सुभाष जायसवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
खेत कब्जे के विवाद में दूसरे पक्ष के 6 दोषियों को 5-5 साल की जेल
पुलिस ने विवेचना के बाद सभी 7 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। वहीं, इसी घटना को लेकर रंभा देवी की तहरीर पर ग्राम प्रधान संजय वर्मा, सत्येंद्र पांडेय, उनके भाई अभिषेक पांडेय, लक्ष्मण वर्मा, अमरजीत वर्मा और अभिषेक वर्मा के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। रंभा देवी ने आरोप लगाया था कि उनके पति अजय तिवारी के खेत पर जबरन कब्जे का विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे अमित कुमार तिवारी और मनीष कुमार तिवारी के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में भी छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने दूसरे मुकदमे में सभी 6 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक पर 76 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।


