Wednesday, May 20, 2026

यूपी में डिटर्जेंट पाउडर से बना रहे दूध:20 लीटर दूध मिनटों में 80 लीटर बना देते हैं; पहली बार कैमरे पर खुलासा

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एक बर्तन में सोया ऑयल और डिटर्जेंट पेस्ट लेकर हाथों से रगड़ें। इस सफेद पेस्ट को 60 लीटर पानी में मिलाएं। ऊपर से 20 लीटर शुद्ध दूध, 2 किलो शीरा पाउडर या ग्लूकोज मिलाएं। गाढ़ा करने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाएं। लीजिए 80 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार है। एक लीटर नकली दूध 25 रुपए में तैयार हो जाता है, जिस पर यह गिरोह 25 से 30 रुपए तक मुनाफा कमा रहा है।

यूपी से सटे मध्यप्रदेश-राजस्थान के इलाकों में इसी मुनाफे के लिए नकली दूध बनाने की फैक्ट्रियां खड़ी हो गई हैं। पिछले दिनों यूपी के बुलंदशहर में 1400 लीटर और आगरा में 450 लीटर नकली दूध पकड़ा गया था। इस सिंडिकेट को समझने और इसका भंडाफोड़ करने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर व्यापारी बनकर नकली दूध बनाने वाली इन फैक्ट्रियों तक पहुंचा। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…

एक लीटर नकली दूध बनाने में सिर्फ 25 रुपए का खर्च आता है। कारोबारी 30-35 रुपए एक लीटर पर कमा रहे हैं।
एक लीटर नकली दूध बनाने में सिर्फ 25 रुपए का खर्च आता है। कारोबारी 30-35 रुपए एक लीटर पर कमा रहे हैं।

हमें बुलंदशहर और आगरा से कुछ सोर्स मिले, जिनकी मदद से हम यूपी से सटे राजस्थान के धौलपुर में बसई नवाब कस्बे में दूध की फैक्ट्री तक पहुंचे। यहां मजदूर सिंथेटिक दूध बना रहे थे। उन्होंने बताया कि वे 15-20 हजार रुपए महीने की सैलरी पर काम करते हैं। हर घंटे 80 से 100 लीटर दूध बना देते हैं। सिंथेटिक दूध बना रहे मजदूर केदार सिंह से हमने दूध बनाने का प्रोसेस समझा।

केदार सिंह: सिंथेटिक दूध बनाने के लिए अलग-अलग चीजें होती हैं। यूरिया भी काम करता है, ग्लूकोज भी काम करता है।

रिपोर्टर: कितना बना देते हैं?

केदार सिंह: 20 लीटर का 80 लीटर बना देते हैं।

रिपोर्टर: बेचते कहां हैं? आपको कितना पैसा मिलता है?

केदार सिंह: पता नहीं कहां बेचते हैं? पैसा तो कुछ नहीं मिलता, हमको तो 15-20 हजार रुपए देते हैं महीने के।

ये तस्वीर मजदूर केदार सिंह की है। केदार ने बताया कि नकली दूध बनाने के लिए उसे हर महीने सैलरी मिलती है।
ये तस्वीर मजदूर केदार सिंह की है। केदार ने बताया कि नकली दूध बनाने के लिए उसे हर महीने सैलरी मिलती है।

रिपोर्टर: ये बताओ, 20 लीटर दूध का 80 लीटर कैसे बन जाता है?

केदार सिंह: पहले डालडा और सर्फ को मिलाकर आपस में मलते हैं। उसके बाद चूना डालते हैं। फिर एक लीटर दूध डालते हैं। फिर पानी डाल देते हैं 40-50 लीटर। फिर ग्लूकोज या यूरिया डाल देते हैं। इससे पाउडर की मात्रा बढ़ जाती है। फैट 5% तक आएगा।

रिपोर्टर: ग्लूकोज से दूध मीठा नहीं होता।

केदार सिंह: मीठा होता है तो उसमें एक केमिकल डालते हैं, इससे दूध मीठा नहीं लगता। चूना डालने से केमिकल की लेयर नहीं बनती है।

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