Monday, May 25, 2026

यूपी: प्रदेश में सामने आई बिजली संकट की वजह, कई दिनों तक बंद रहीं थर्मल पावर इकाइयां; कर्मियों की हुई छंटनी

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प्रदेश की कई थर्मल पावर इकाइयां मई माह में बंद रहीं। इसका असर सीधे विद्युत उत्पादन पर पड़ा। व्यवस्थागत खामियों के साथ ही कर्मियों की छंटनी से भी मुसीबत बढ़ी है। मई माह में प्रदेश और बाहरी स्रोतों से जुड़े दर्जनों थर्मल पावर प्लांट कई दिनों तक बंद रहे, जिससे हजारों मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बिजली कटौती करनी पड़ी।

इसका सबसे अधिक असर किसानों, छात्रों, छोटे व्यापारियों और आम घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि एक तरफ भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने उपभोक्ताओं का जीना मुश्किल कर दिया, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं से लिए गए भारी-भरकम बिजली शुल्क के बावजूद सिस्टम की क्षमता मांग के अनुरूप विकसित नहीं की गई। सिस्टम में 2 करोड़ किलोवाट का अंतर है।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बिजली उत्पादन इकाइयों के रखरखाव, कोयला प्रबंधन और सिस्टम क्षमता विस्तार में लापरवाही के कारण प्रदेश की जनता को अघोषित बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि बंद पड़ी उत्पादन इकाइयों को तत्काल चालू किया जाए और भविष्य में इस तरह के संकट से बचने के लिए बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना लागू की जाए। 

मई माह में बंद इकाइयां

घाटमपुर –660 मेगावाट, 18 दिन बंद
ललितपुर 660 मेगावाट, 11 दिन बंद
ओबरा बी 200 मेगावाट, 9.5 दिन बंद
ओबरा सी 660 मेगावाट, 8 दिन बंद
अनपरा- डी 500 मेगावाट, 6.5 दिन बंद
जवाहरपुर 660 मेगावाट, 4 दिन बंद
अनपरा 210 मेगावाट, 4 दिन बंद
लैंको 600 मेगावाट, 3 दिन बंद
परीछा 250 मेगावाट, 3 दिन बंद
खुर्जा 660 मेगावाट, 1 दिन बंद
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