Wednesday, May 27, 2026

Europe Heatwave: यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर, अब तक 7 की मौत, ब्रिटेन-फ्रांस में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड

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नेशनल डेस्कः पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण गर्मी और ‘हीटवेव’ की चपेट में है, जिसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर अफ्रीका से आने वाली गर्म हवाओं ने एक ‘हीट डोम’ बना दिया है, जिसके कारण फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (UK) में मई महीने के तापमान ने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस भीषण गर्मी के कारण अब तक 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।

लंदन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, ‘ट्रॉपिकल नाइट’ ने छुड़ाए पसीने
यूनाइटेड किंगडम में गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार को दक्षिण-पश्चिम लंदन के क्यू गार्डन्स में तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मई के पुराने रिकॉर्ड से करीब 2 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, मई में लंदन का औसत तापमान महज 17-18 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार हालात गर्मियों के चरम जैसे हैं। मंगलवार की रात को ‘ट्रॉपिकल नाइट’ घोषित किया गया क्योंकि रात में भी पारा काफी ऊपर बना रहा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलते मौसम का सामना करने के लिए तैयार नहीं है।

फ्रांस में रेड अलर्ट, मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
फ्रांस की मौसम एजेंसी ‘मेटियो-फ्रांस’ ने उत्तर-पश्चिम इलाकों के लिए ऑरेंज हीटवेव अलर्ट जारी किया है। सोमवार का दिन फ्रांस के इतिहास में मई का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। गर्मी का सितम इतना है कि पेरिस में 10 किमी की दौड़ के दौरान एक व्यक्ति की जान चली गई, वहीं ल्योन शहर में फिटनेस दौड़ के बाद एक महिला की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। जूनियर ऊर्जा मंत्री मॉड ब्रेगियन के अनुसार, गर्मी से जुड़ी घटनाओं में कुल 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 5 लोग गर्मी से बचने के लिए नदी या समुद्र में नहाते समय डूब गए।

जर्मनी, स्पेन और इटली भी झुलसे
गर्मी का यह कहर पूरे यूरोप में फैल रहा है:

  • स्पेन: यहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
  • जर्मनी: यहां पहली बार तापमान 30 डिग्री के पार निकल गया है।
  • इटली: बढ़ती तपिश को देखते हुए प्रशासन ने धूप में बाहर काम करने पर पाबंदी लगा दी है।

इंसानी गलतियों की सजा है यह गर्मी!
जलवायु वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि इंसानी गतिविधियों के कारण हो रहा जलवायु परिवर्तन यूरोप को दुनिया के औसत तापमान से ज्यादा तेजी से गर्म कर रहा है। इसी वजह से हीटवेव अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बार और अधिक खतरनाक रूप में सामने आ रही हैं।

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