Padmini Ekadashi to Purnima Auspicious 5 Days Significance & Remedies: हिंदू धर्म में ‘पुरुषोत्तम मास’ यानी अधिकमास को आध्यात्मिक उन्नति और कष्टों से मुक्ति का सबसे बड़ा शुभ समय माना जाता है। इस बार भगवान विष्णु की विशेष कृपा बरसाने वाला एक ऐसा महासंयोग बन रहा है, जो पूरे 3 साल बाद आया है। अधिकमास की पद्मिनी एकादशी से लेकर पूर्णिमा तक के ये 5 दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत पुण्यदायी हैं। जिस जातक के जीवन में आर्थिक तंगी, गृह क्लेश या ग्रहों के दोष चल रहे हैं, उन्हें ये काम करने चाहिए, जिससे उनके बुरे दिनों पर विराम लगेगा और अच्छे दिन लौट आएंगे।

पद्मिनी (कमला) एकादशी: पदमपुराण के अनुसार पक्षियों में गरुड़, नदियों में गंगा, मासों में पुरुषोत्तम मास जितना श्रेष्ठ है, उतना ही तिथियों में एकादशी तिथि का यह व्रत पुण्यफलदायक है। इस व्रत में बिना मांगे ही भक्त को सभी सुखों की प्राप्ति होती हैं। शाम के समय तुलसी देवी के सामने घी का दीपक जलाएं और 4 परिक्रमा करें।

अधिकमास प्रदोष व्रत: भगवान विष्णु को समर्पित इस महीने में शिव जी की कृपा पाने का सुनहरा मौका 28 मई (गुरुवार) को आने वाले प्रदोष व्रत के दिन है। इस दिन त्रयोदशी तिथि का संयोग कुंडली के शनि और राहु जैसे भारी दोषों को दूर करने में सक्षम है।
राहु और शनि के प्रभाव को नष्ट करने के लिए 5 दिन तक प्रतिदिन शाम को भैरव मंदिर में तेल का दीप अर्पित करें और काले चनों का भोग लगाएं। अधिकमास पूर्णिमा तक यह उपाय करने से शुभ फल प्राप्त होंगे।


