नेशनल डेस्कः कैंसर शरीर की कोशिकाओं में होने वाले जीन म्यूटेशन के कारण होता है। कुछ म्यूटेशन आनुवांशिक होते हैं, जबकि कुछ खराब जीवनशैली और हानिकारक पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने से हो सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार तंबाकू, प्रोसेस्ड मीट और शराब को ग्रुप-1 कार्सिनोजेन माना जाता है, जो कैंसर के खतरे को बढ़ाने का प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके साथ-साथ कुछ अन्य आदतें भी शरीर को नुकसान पहुंचाती है।
रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन
रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन करने ले शरीर में इंसुलिन बढ़ता है, जिससे शरीर मोटा होने लगता है। मोटापे कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है।
प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करना
प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करने खाना भी कैंसर का एक कारण है। प्लास्टिक कि बजाय कांच या अन्य सुरक्षित बर्तनों का उपयोग करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
रात में अंधेरे में न सोना
विशेषज्ञों के अनुसार, रात में पर्याप्त अंधेरे में न सोना से भी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता।
देर रात भोजन करना
देर रात भोजन करने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी प्रभावित हो सकती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है।
तेजी से खाना खाने की आदत
तेजी से खाना खाने से भी मोटापा और इंसुलिन को बढ़ावा मिलता है, जो कैंसर के खतरे का कारण बनता है।
डॉक्टरों का कहना है कि ये आदतें तुरंत कैंसर का कारण नहीं बनतीं, लेकिन लंबे समय बाद इनका प्रभाव शरीर पर पड़ सकता है। इसलिए हमें हमेशा स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और ऐसी आदतों से बचना जरूरी है।


