Monday, June 1, 2026

Auraiya: थाने में सुलह, गेट पर संग्राम; बीएसएफ जवान और पत्नी के बीच सड़क पर घमासान

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दिबियापुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय बीच सड़क पर अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब देश की सीमा की रक्षा करने वाला एक बीएसएफ जवान अपनी ही पत्नी के साथ सरेराह गुत्थमगुत्था हो गया। अभी कुछ ही देर पहले पुलिस ने दोनों के बीच समझौता कराकर थाने से विदा किया था, लेकिन थाने के मुख्य गेट पर पहुंचते ही दोनों के बीच फिर से लात-घूंसे चलने लगे।

इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान जवान के अत्यधिक शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। वहीं, अस्पताल में भर्ती जवान ने स्थानीय पुलिस पर ही थाने के भीतर बेरहमी से पीटने का संगीन आरोप मढ़ दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है।साले की शिकायत पर थाने पहुंचा था जवान
पंजाब के जलालाबाद में 158 बटालियन में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान का अपनी पत्नी के साथ काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार को घर पर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। इसके बाद जवान के साले ने स्थानीय दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

साले द्वारा पुलिस बुलाने की भनक लगते ही जवान भी खुद थाने पहुंच गया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों को काफी देर तक समझाया-बुझाया और कानूनी पचड़े से बचते हुए दोनों के बीच आपसी रजामंदी से सुलह कराकर थाने से विदा कर दिया।

बीच सड़क पर लात-घूंसे और हाईवोल्टेज ड्रामा
पुलिस को लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था। दोनों पक्ष जैसे ही थाने के मुख्य गेट पार कर सड़क पर पहुंचे, किसी पुरानी बात को लेकर पति-पत्नी में दोबारा तीखी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्ष मर्यादा भूलकर बीच बाजार एक-दूसरे पर टूट पड़े।

बताया जा रहा है कि बीएसएफ जवान उस वक्त भारी शराब के नशे में धुत था, जिससे वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और मारपीट के दौरान अचानक सड़क पर ही औंधे मुंह गिर पड़ा। सड़क पर घिसटने और गिरने के कारण उसके शरीर और सिर में काफी गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

जवान के आरोप थाने के अंदर की गई बेरहमी से पिटाई
अस्पताल के बेड पर लेटे बीएसएफ जवान ने खुद का बचाव करते हुए दिबियापुर थाना पुलिस पर ही गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगा दिए। जवान का दावा है कि उसके शरीर पर जो चोटें आई हैं, वे गिरने से नहीं बल्कि पुलिस द्वारा थाने के अंदर की गई बेरहमी से पिटाई के कारण लगी हैं।

मामले को बढ़ता देख सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए फैलाई जा रही इस फर्जी खबर के मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है और भ्रामक तथ्य फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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