लखनऊ में सोमवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन ने परिवर्तन चौक से जिला कार्यालय तक मार्च निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग उठाई। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

दिल्ली आंदोलन के समर्थन में होगा प्रदर्शन
AISA ने बताया कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर यह मार्च निकाला जा रहा है।
इसके अलावा पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने और जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई का भी विरोध किया गया।
23 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल
इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के तीन कार्यकर्ताओं ने 23 दिनों से जारी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को समाप्त कर दी। विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से आंदोलन को संसद और जन अभियान के माध्यम से आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन
प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद अमरा राम, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, शिक्षाविद् अतुल सूद तथा अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आजमी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं।
योगेंद्र यादव ने कहा कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत है, जबकि मनोज झा ने छात्रों के आंदोलन को सरकार की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।


