भारत में एक स्टूडेंट ने यह वेबसाइट बनाई है। 2 जुलाई को लॉन्च हुई Bribes.fyi वेबसाइट लोगों को बिना अपनी पहचान बताए उन मामलों को दर्ज करने की सुविधा देती है, जिनमें उनसे सरकारी काम करवाने के लिए कथित तौर पर पैसे मांगे गए थे। यह प्रोजेक्ट महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के B.Tech स्टूडेंट आर्यन निषाद ने बनाया है। वेबसाइट खुद को सरकारी शिकायत सिस्टम के बजाय एक फ्री, क्राउडसोर्स्ड प्लेटफॉर्म बताती है।
यह वेबसाइट रिपोर्ट किए गए डेटा को तीन हिस्सों में बांटती है, रिपोर्ट, विभाग और शहर। यह यूज़र्स को अलग-अलग विभागों में रिश्वत की रिपोर्ट की गई घटनाओं की संख्या की तुलना करने की सुविधा भी देती है, जिससे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सबमिट की गई रिपोर्ट का एक ओवरव्यू मिलता है। वेबसाइट पर बताए गए विभागों में पुलिस, RTO, रेवेन्यू/लैंड रिकॉर्ड्स, पासपोर्ट ऑफिस, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, GST ऑफिस, इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, इनकम टैक्स और फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं।
वेबसाइट पर रिपोर्ट की गई हालिया रिश्वत की घटनाओं में से एक 2,000 रुपए की थी। रिपोर्ट सबमिट करने वाले व्यक्ति का आरोप था कि उनसे पुणे में पुलिस विभाग को यह रकम देने के लिए कहा गया था। रिपोर्ट सबमिट करते समय उस व्यक्ति ने लिखा, मुझे ‘तत्काल’ तरीका अपनाने के लिए कहा गया, जिसकी कीमत 2,500 रुपए है, ताकि बार-बार चक्कर लगाने और बेवजह की देरी से बचा जा सके।


