गोरखपुर। 33 हजार वोल्ट की भूमिगत केबल में गड़बड़ी से मंगलवार शाम तकरीबन 5:30 बजे मानबेला उपकेंद्र बंद हो गया है। इससे प्रधानमंत्री आवास, पत्रकारपुरम, राप्तीनगर विस्तार इलाके के पांच हजार से ज्यादा घरों में अंधेरा छा गया। अभियंताओं की लापरवाही का आलम यह है कि एक तरफ बिजली निगम सभी उपकेंद्रों को दो तरफ से बिजली देने की बात करता है तो दूसरी तरफ मानबेला उपकेंद्र को सिर्फ एक लाइन से बिजली दी जा रही है। व्यवस्था के अनुसार एक उपकेंद्र को भूमिगत केबल से बिजली देने के लिए दो अलग-अलग केबल बिछाया जाता है ताकि एक में खराबी आए तो दूसरे से बिजली दी जाए।
मानबेला उपकेंद्र को एफसीआइ पारेषण उपकेंद्र से बिजली दी जाती है। मंगलवार शाम अचानक उपकेंद्र की आपूर्ति ठप हो गई। आरोप है कि काफी देर तक अभियंताओं को गड़बड़ी तलाश करने की कोशिश ही नहीं गई। बाद में जेई नित्यानंद ओझा ने भूमिगत केबल में फाल्ट की तलाश शुरू कराई।
फाल्ट लोकेटर मशीन है लेकिन नहीं मंगाया
महानगर में भूमिगत केबल में फाल्ट की तलाश के लिए फाल्ट लोकेटर मशीन है। इस मशीन से भूमिगत केबल में आई गड़बड़ी की तत्काल जानकारी हो जाती है लेकिन रात 10 बजे तक मशीन को मौके पर नहीं मंगाया गया था। अभियंता मैनुअल तरीके से गड़बड़ी की तलाश में जुटे थे।
साढ़े चार घंटे बंद रहा असुरन फीडर
शाहपुर उपकेंद्र से जुड़े असुरन फीडर की आपूर्ति में मंगलवार को भी व्यवधान आया। दोपहर तकरीबन 1:30 बजे फीडर बंद होने से एक हजार से ज्यादा घरों की बिजली कट गई। उमस भरी गर्मी में लोगों का बुरा हाल रहा। तकरीबन साढ़े चार घंटे बाद शाम छह बजे बिजली आई। एसडीओ वीके जायसवाल ने बताया कि असुरन चौराहे के पास जर्जर और टेढ़े पोल बदलने के कारण आपूर्ति में व्यवधान आया।


