नेशनल डेस्क : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अपनी दादी एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 12 साल की उम्र से उन्होंने भाई राहुल गांधी के साथ घर पर ही पढ़ाई की थी। वाद्रा ने इस बात का खुलासा सुल्तान बतेरी स्थित राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल आवासीय विद्यालय की 14 वर्षीय छात्रा के एक सवाल के जवाब में किया। छात्रा ने उनसे उनके बचपन और एक राजनीतिक रूप से प्रमुख परिवार में बड़े होने के अनुभव के बारे में पूछा था। उन्होंने कहा, ”आपने इंदिरा गांधी के बारे में सुना है? वह मेरी दादी थीं। हम एक ही घर में रहते थे। उस समय मैं 12 साल की थी जब उसी घर में उनकी हत्या कर दी गई थी जहां मैं रहती थी। उसके बाद मैं स्कूल नहीं गई। मैंने स्कूली शिक्षा घर पर ही ली।”
उन्होंने कहा, ”इसलिए, सिर्फ मैं और आपके पूर्व सांसद राहुल गांधी जी, हम दोनों ने घर पर अकेले पढ़ाई की। हम ज्यादा बाहर नहीं जा सकते थे। हमारे ज्यादा दोस्त नहीं थे। हम काफी हद तक घर में ही रहते थे।” वाद्रा ने छात्रा से कहा कि वह भाग्यशाली है कि वह बाहर जा सकती है, घूम सकती है और आनंद ले सकती है। जब एक अन्य छात्र ने उनके आदर्श के बारे में पूछा, तो कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी प्रेरणा वह महिला है जो ”मेरे बच्चों के तीन महीने के होने के समय से मेरे घर में काम कर रही है।”
वाद्रा ने कहा, ”वह मेरी रोल मॉडल हैं क्योंकि वह बहुत मजबूत हैं। भारी कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मेरे घर में दिन-रात काम किया है। उन्होंने एक मां की तरह मेरे बच्चों की देखभाल और प्यार किया है। बड़े संघर्षों के बावजूद वह डटी रहीं। जब उन्होंने अपने एक बच्चे को खो दिया, तो वह अगली ही सुबह काम पर आ गईं। जब मैंने उनसे कहा कि उन्हें आराम करने और घर पर रहने की जरूरत है, तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह काम करना चाहती हैं।” सांसद ने कहा कि वह सातवीं कक्षा तक एक अच्छी छात्रा थीं, लेकिन उसके बाद पढ़ाई में उनका प्रदर्शन थोड़ा गिरा, हालांकि बाद में इसमें सुधार आया।
छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनके पसंदीदा विषय भौतिकी, गणित और जीव विज्ञान थे। वाद्रा ने मुस्कुराते हुए कहा, ”मैं जीव विज्ञान में अच्छी थी, लेकिन गणित में नहीं।” बातचीत के दौरान वाद्रा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को संरक्षित और सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस कई कदम उठाना चाहती है, क्योंकि यह ”एक राष्ट्रीय धरोहर” है। स्कूल के लिए निधि की आवश्यकता की बात स्वीकार करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”सुविधाओं में सुधार और निधि उपलब्ध कराने के लिए मैं जो भी कर सकती हूं, करूंगी। लेकिन एक शर्त पर-जब मैं नयी सुविधाओं का उद्घाटन करने वापस आऊंगी, तो आप मुझे सही से अपना नृत्य सिखाएंगे।”


