1. सबसे पहले, mass deletion।
उत्तर प्रदेश में SIR के दौरान 2.96 करोड़ वोटर हटाए गए। जिन राज्यों में अब तक SIR हो चुका है, उनमें यह सबसे बड़ी संख्या है।
2. दूसरा, suspicious voter addition।
· करीब 16 लाख वोटर Form 6 के जरिए जोड़े गए, लेकिन कानून के मुताबिक जिन वोटरों को जोड़ा जा रहा है, उनकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए थी। इन 16 लाख वोटरों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया और अब भी UP CEO (Chief Electoral Officer) ने उनकी जानकारी देने से इनकार किया है। इस मामले में UP CEO और ECI एक-दूसरे के कंधों पर बात डालने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों संस्थान यह स्पष्ट कर दें कि यह विशेष अनुरोध कहां से आई थी और किसके कहने पर यह सब हुआ?


