Wednesday, February 18, 2026
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UP Budget 2026 LIVE : शिवपाल यादव का योगी सरकार पर हमला, बजट को बताया लूट का जरिया और भ्रष्टाचार का आरोप

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UP Budget 2026 Hindi LIVE Updates: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक शिवपाल सिंह यादव ने योगी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बड़ा बजट विकास के बजाय लूट का जरिया बन गया है। साथ ही भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

Uttar Pradesh LIVE Budget 2026 Updates: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की मौजूदा सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है और विकास के नाम पर आवंटित बजट का दुरुपयोग हो रहा है। शिवपाल ने कहा कि भाजपा सरकार के पास जनता के लिए ठोस काम नहीं है और वह केवल समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है। उनका यह बयान राजधानी लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया, जहां उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाए।

बजट विकास नहीं, लूट का जरिया

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित बड़ा बजट प्रदेश के वास्तविक विकास के बजाय “लूट” का माध्यम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका लाभ जनता तक नहीं पहुँचता। उन्होंने कहा कि प्रदेश को लूटने के लिए इतना बड़ा बजट लाया गया है। कागजों पर योजनाएं बनती हैं, लेकिन आम आदमी को उसका लाभ नहीं मिलता।” उनका दावा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, सिंचाई और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।

हम दो हमारे दो दर्जन…पर गरमाई यूपी की सियासत, राजभर बोले- ये सब अनपढ़

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Shaukat Ali AIMIM population statement : AIMIM पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शौकत अली के बयान ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने बयान दिया कि हम दो हमारे दो दर्जन। इस पर ओपी राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

लखनऊ : AIMIM पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शौकत अली के बयान ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने मुरादाबाद की सभा में एक नारा दिया कि हम दो हमारे दो दर्जन। इस बयान के बाद यूपी की सियासत गरमा गई।

शौकत अली का कहा है कि, बच्चे अल्लाह का उपहार हैं। मुसलमान ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें। बच्चे अल्लाह की देन हैं… जब अल्लाह दे रहा है तो इसे स्वीकार करना चाहिए। इसके आगे उन्होंने जोड़ते हुए कहा कि हमारी बढ़ती जनसंख्या हमारी ताकत बनेगी। इसके लिए शौकत अली ने चीन का उदाहरण दिया।

 

शौकत अली के बयान पर ओपी राजभर की प्रतिक्रिया

इस बयान पर जब राजभर से पूछा गया कि आप इसे किस तरह से देखते हैं तो उन्होंने कहा कि ये सब अनपढ़…गंवार हैं। इन्हें पता ही नहीं है कि देश कैसे विकास करेगा। राजभर ने आगे कहा कि AIMIM अध्यक्ष शौकत अली जो बोल रहे हैं कि हम दो और हमारे दो दर्जन तो उनके दो दर्जन कहां हैं लाकर लाइन में खड़ा करें और फोटो खिंचवाएं। हम भी तो देखें उनके दो दर्जन बच्चे हैं। यह सब जनता को बरगलाने की चीजें हैं।

कहा- हमें आज शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर करनी चाहिए बात

आज हमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार इन जैसे मुद्दों पर फोकस करना चाहिए। यह सब राजनीतिक बयानबाजी है। इन जैसे मुद्दों से कुछ होना देना नहीं है। हमें आज के समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर फोकस करना चाहिए।

दरअसल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी सांसद असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई में हैदराबाद से निकलकर उत्तर भारत में समेत कई राज्यों में चुनावी जंग लड़ रही है। पार्टी ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भी प्रतिभाग किया। विपक्षी पार्टियां AIMIM को भाजपा की B-टीम कहते हैं।

यूपी पंचायत चुनाव टलना तय! पहले बनेगा OBC आयोग, रैपिड सर्वे रिपोर्ट के बाद तय होगा आरक्षण

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Uttar Pradesh Panchayat elections postponed : यूपी के पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय हो गया है। योगी सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि OBC आयोग का गठन किया जाएगा, जिसके रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव में आरक्षण तय होगा।

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव के टलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। चुनावी तैयारियों के बीच योगी सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का गठन किया जाएगा। इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सीटों पर आरक्षण तय होगा, जिसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

 

मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ कर रही है। दरअसल, हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया था कि वर्तमान आयोग को स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारण का कानूनी अधिकार नहीं है। इसके जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि नया समर्पित आयोग गठित कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

रैपिड सर्वे के बाद तय होगा आरक्षण

सरकार ने कोर्ट को बताया कि नया आयोग पिछड़े वर्गों का ‘रैपिड सर्वे’ करेगा, जिससे उनकी वास्तविक आबादी का आकलन किया जा सके। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सीटों का आरक्षण निर्धारित होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले एक समर्पित आयोग का गठन अनिवार्य है, जिसका कार्यकाल तीन वर्ष का होना चाहिए।

जम्मू वासियों सावधान! ठगी के इस तरीके से जरा बचकर… चौंकाने वाला मामला आया सामने

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आर.एस.पुरा (मुकेश): आर.एस.पुरा के वार्ड नंबर 13 में अंधविश्वास के नाम पर एक वृद्ध महिला से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की पहचान 70 वर्षीय रामप्यारी, पत्नी ताराचंद, के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, रामप्यारी इलाज के लिए आर.एस.पुरा अस्पताल जा रही थीं। जब वह दलजीत चौक के पास पहुंचीं, तो एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोका और बातचीत शुरू की। महिला ने उसे बताया कि उम्र अधिक होने के कारण उनके घुटनों में दर्द रहता है।

इस पर आरोपी ने कहा कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना कर दिया है, जिसके कारण वह बीमार रहती हैं। उसने दावा किया कि वह उन्हें ठीक कर सकता है। आरोपी के साथ एक महिला भी थी, जो रामप्यारी को हायर सेकेंडरी स्कूल, आर.एस.पुरा की ओर ले गई।

आरोपियों ने महिला से एक रुमाल और कुछ फूल लाने को कहा। साथ ही उनके कानों से सोने की बालियां उतरवाकर रुमाल में रखने को कहा। महिला उनकी बातों में आ गईं और वैसा ही किया। इसके बाद आरोपियों ने रुमाल में गांठ लगाकर महिला को दे दिया और कहा कि इसे घर जाकर खोलना।

घर पहुंचने पर जब महिला ने रुमाल खोला, तो उसमें से सोने की बालियां गायब थीं। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता ने पुलिस थाना आर.एस.पुरा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

सैलून वालों सावधान! खराब हेयरकट का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, महिला को मिला ₹25 लाख का मुआवजा

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नेशनल डेस्क: नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में हेयरकट को लेकर शुरू हुआ विवाद कई साल बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खत्म हुआ। शीर्ष अदालत ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन द्वारा दिए गए भारी मुआवजे को अत्यधिक बताते हुए कम कर दिया और अंतिम राशि 25 लाख रुपये तय की। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब एक महिला ने दावा किया कि उनकी इच्छा के खिलाफ बाल बहुत छोटे काट दिए गए, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ करियर से जुड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।

सैलून विजिट से शुरू हुआ विवाद
यह घटना अप्रैल 2018 की है, जब मैनेजमेंट प्रोफेशनल और मॉडल आशना रॉय नई दिल्ली स्थित एक लक्जरी होटल के सैलून में गई थीं। उनका कहना था कि उन्होंने जिस तरह का हेयरकट चाहा था, वैसा न करते हुए स्टाइलिस्ट ने बाल काफी छोटे कर दिए। उनके अनुसार इस घटना से उन्हें मानसिक तनाव हुआ और मॉडलिंग से जुड़े अवसर भी प्रभावित हुए। इस शिकायत के बाद मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा, जहां सेवा में कमी मानते हुए आयोग ने उन्हें भारी मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि दो बार तय की गई और हर बार लगभग 2 करोड़ रुपये देने की बात कही गई। होटल प्रबंधन ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि सेवा में कमी साबित होने के बावजूद मुआवजे की राशि ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। अदालत ने पाया कि नुकसान के समर्थन में प्रस्तुत दस्तावेज केवल फोटोकॉपी के रूप में थे और इतने बड़े दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसिक आघात के कारण मूल दस्तावेज खो जाने की दलील को मुआवजे का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत के अनुसार उपभोक्ता विवादों में मुआवजा किसी अनुमान या भावनात्मक आधार पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि यह दिखाना जरूरी होता है कि वास्तविक आर्थिक नुकसान कितना हुआ है।

अंतिम फैसला और संदेश
इन सभी तथ्यों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे की राशि घटाकर 25 लाख रुपये कर दी। अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि ऐसे मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है ताकि सेवा प्रदाताओं पर अनुचित बोझ न पड़े और शिकायतकर्ता को भी उचित राहत मिल सके। यह फैसला उपभोक्ता मामलों में साक्ष्यों की अहमियत को रेखांकित करता है और यह संदेश देता है कि न्यायिक प्रक्रिया में भावनाओं से ज्यादा महत्व प्रमाण और तथ्यों को दिया जाता है।

बांग्लादेश खूनी चुनाव में वोटिंग खत्म: मतगणना शुरू, असली मुकाबला BNP और जमात गठबंधन के बीच

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Dhaka: बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय खूनी चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया और कई इलाकों में मतगणना शुरू कर दी गई है। यह चुनाव अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बनी अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार चुनने के लिए कराया गया। मतदान के दौरान देश के कई हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आईं। यह चुनाव 84-सूत्रीय जटिल सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ आयोजित किया गया। देश की 300 में से 299 संसदीय सीटों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान हुआ। एक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक करीब 48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। देशभर में 42,779 मतदान केंद्रों पर लगभग 12.7 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे।

 

अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण यह चुनाव बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पिछले वर्ष अवामी लीग को भंग कर चुनाव लड़ने से रोक दिया था। BNP प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज में वोट डालने के बाद कहा कि यदि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहा तो उनकी पार्टी परिणाम स्वीकार करेगी। वहीं जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी निष्पक्ष चुनाव की स्थिति में नतीजे मानने की बात कही।

चुनाव के दौरान कई जगह हिंसा की घटनाएं सामने आईं। गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर कथित हैंड बम हमले में 13 वर्षीय लड़की समेत तीन लोग घायल हो गए। मुंशीगंज में एक अन्य मतदान केंद्र के बाहर कई हैंड बम विस्फोट हुए, जिससे करीब 15 मिनट तक वोटिंग रोकनी पड़ी। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर BNP और जमात कार्यकर्ताओं की झड़प में BNP के एक नेता की मौत हो गई। सुरक्षा के लिए करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई जो देश के चुनावी इतिहास में सबसे बड़ी है। पहली बार ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया गया।

 

राजधानी ढाका में बख्तरबंद वाहन और रैपिड एक्शन टीम भी तैनात रहीं। चुनाव की निगरानी के लिए 81 स्थानीय संगठनों के 55,000 से अधिक पर्यवेक्षक और 394 अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर मौजूद रहे। कई जगह बैलेट स्टफिंग और वोट खरीदने के आरोप भी लगे, जिन पर पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां की हैं। चुनाव परिणाम 13 फरवरी को घोषित किए जाने की उम्मीद है। देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह चुनाव बांग्लादेश को राजनीतिक स्थिरता की ओर ले जा पाएगा।

 

यूट्यूबर ने स्टूडियो का दरवाजा अंदर से बंद कर लगाई आग, मदद के लिए चिल्लाने लगे परिवार के लोग, फिर जो हुआ…

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Garhwa News: गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। एक 27 वर्षीय युवक ने अपने ही घर में बने स्टूडियो में आग लगा दी। समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से पूरे परिवार की जान बचा ली गई, लेकिन घर और स्टूडियो को भारी नुकसान हुआ है।

आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई
मेराल थाना क्षेत्र के निवासी 27 वर्षीय यूट्यूबर विधायक प्रजापति ने बुधवार रात करीब 10 बजे अपने घर में बने स्टूडियो में आग लगा दी। बताया जाता है कि स्टूडियो में फिल्म एडिटिंग और वीडियो बनाने का काम होता था। पड़ोसी और गोंडा के पूर्व मुखिया प्रकाश कुमार अरुण ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से प्रजापति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। बुधवार रात उन्होंने स्टूडियो का दरवाजा अंदर से बंद कर आग लगा दी। आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे।

10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान
घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने बगल की दीवार तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और पानी डालकर आग पर काबू पाया। इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि आग की वजह से घर का बड़ा हिस्सा और पूरा स्टूडियो जलकर खाक हो गया। नुकसान का अनुमान 10 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है। बाद में दमकल की टीम भी पहुंची और आग को पूरी तरह बुझाया। घटना के बाद विधायक प्रजापति घर के पीछे से दीवार फांदकर फरार हो गए। परिजनों ने गुरुवार सुबह उन्हें मानसिक इलाज के लिए रांची ले जाने की जानकारी दी। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस मामले की जांच कर

दुबई से सोना लाने का है प्लान? संभल जाएं…भारी पड़ सकती है 1 छोटी सी गलती; जानें क्या कहते हैं नियम

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Dubai to India Gold Limit: भारत में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच अक्सर लोग दुबई से सोना खरीदना पसंद करते हैं। दुबई का सोना न केवल शुद्धता के लिए मशहूर है, बल्कि यह भारत के मुकाबले सस्ता भी पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुबई से सोना भारत लाना उतना आसान नहीं है जितना दिखता है? सीमा शुल्क (Customs Duty) के कड़े नियम आपकी बचत को जुर्माने में बदल सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ताज़ा नियम और कितनी है छूट।

कितना सोना लाना है कानूनी? 

भारत सरकार के नियमों के अनुसार, दुबई से सोना लाने की सीमा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तय की गई है:

  • महिला यात्री अपने साथ अधिकतम 40 ग्राम सोने के गहने ला सकती हैं।
  • पुरुष यात्री अधिकतम 20 ग्राम सोने के गहने ला सकते हैं।

यह छूट केवल आभूषणों (Jewellery) पर लागू है। यदि आप सोने के सिक्के या बिस्कुट लाते हैं, तो 1 ग्राम पर भी टैक्स देना अनिवार्य है।

दुबई में क्यों सस्ता मिलता है सोना? 

दुबई को ‘गोल्ड सिटी’ कहा जाता है और यहां भारत की तुलना में सोना 5% से 7% तक सस्ता मिल सकता है। इसके मुख्य कारण हैं:

  • कस्टम ड्यूटी और GST: भारत की तरह दुबई में भारी टैक्स नहीं देना पड़ता।
  • मेकिंग चार्ज: वहां आभूषणों के निर्माण शुल्क (Making Charges) काफी कम होते हैं।
  • शुद्धता: दुबई के सोने की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानक की गारंटी दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

टैक्स और पेनल्टी का गणित 

यदि आप निर्धारित फ्री लिमिट से अधिक सोना लाते हैं, तो आपको कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी।

  • 6 महीने से अधिक विदेश में रहने पर: सोने के बिस्कुट/सिक्कों पर लगभग 6% टैक्स देना होता है।
  • कम समय के यात्रियों के लिए: यदि आप कम समय के लिए विदेश गए हैं, तो टैक्स की दरें काफी अधिक हो सकती हैं।

छिपाने पर कार्रवाई: अगर कोई यात्री सोने की जानकारी छिपाते हुए पकड़ा जाता है, तो कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत सोना जब्त किया जा सकता है, जुर्माना लग सकता है और जेल भी हो सकती है।

सावधानी बरतें: रीसेल पर घाटा! 

यदि आप दुबई से सोना लाकर भारत में बेचना चाहते हैं, तो याद रखें कि यहां आपको 3% GST देना होगा। इसके अलावा, करेंसी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव आपके कुल मुनाफे को कम कर सकता है।

Auraiya News: 10.50 करोड़ से संवारा जाएगा चिचौली मेडिकल कॉलेज

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औरैया। जिले में वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत बिधूना में एएसडी वोटरों को लेकर दावे और आपत्तियों का काम ठप पड़ा है। काम में प्रगति न होने पर निर्वाचन आयोग तक मामला पहुंच गया।ऐसे में रुरुगंज प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक राधेश्याम तिवारी को निलंबित किया गया है। राधेश्याम ने एक दिन भी बूथ पर ड्यूटी नहीं की।
प्राथमिक विद्यालय रुरुगंज के सहायक अध्यापक राधेश्याम तिवारी को मतदेय स्थल 280 पर बतौर बीएलओ ड्यूटी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 23 जनवरी को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद 31 जनवरी से 14 फरवरी तक के लिए शिक्षक ने मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन कर दिया, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया था। इसके बाद भी शिक्षक ने एसआईआर में कोई कार्य नहीं किया।

सुपरवाइजर की ओर से भी इस समस्या को उच्चाधिकारियों को बताया गया। प्रगति रिपोर्ट शून्य रहने पर निर्वाचन आयोग की ओर से इसका संज्ञान लिया गया। इसके बाद जिला स्तरीय निर्वाचन अधिकारी हरकत में आए। जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है।

वहीं, बूथ पर एसआईआर कार्य के लिए दूसरे कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले में बीईओ भाग्यनगर दाताराम को जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 15 दिन के अंदर आरोप पत्र आने के बाद कार्रवाई भी की जाएगी।

रुरुगंज प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक के बीएलओ ड्यूटी से किनारा करने पर निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। एसआईआर कार्य में किसी तरह की लापरवाही बरतने नहीं दी जाएगी।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Auraiya News: 10.50 करोड़ से संवारा जाएगा चिचौली मेडिकल कॉलेज

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औरैया। यूपी के बजट में औरैया को स्वास्थ्य, शिक्षा व विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। सदन में पेश किए गए प्रदेश के बजट में औरैया जनपद के हिस्से कई तोहफे आए।इसमें चिचौली मेडिकल कॉलेज के लिए 10.50 करोड़ की स्वीकृति स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी की दिशा में बड़ा कदम रहा। वहीं, गांवों के विकास के लिए जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना की भी सौगात मिली है।बुधवार को विधानसभा में प्रदेश का बजट पेश किया गया। सभी की निगाहें सुबह से टेलीविजन पर टिकी रहीं। पेश किए गए बजट में औरैया के हिस्से काफी कुछ आया।
इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर मेडिकल कॉलेज को संजीवनी देने के लिए 10.50 करोड़ जारी किए गए। 10 करोड़ से जहां निर्माण कार्य होंगे वहीं, 50 लाख से जरूरी मशीनरी जुटाई जाएगी। यह वित्तीय स्वीकृति स्वास्थ्य सेवाओं में काफी कुछ बेहतरी लाएगी।

इस बजट से मेडिकल कॉलेज में कई नए विभाग बनाए जा सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में अभी न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी जैसे अहम विभाग नहीं हैं। इनके मरीजों को कानपुर या इटावा जाकर इलाज कराना पड़ता है। कई बार सफर में देरी अनहोनी का कारण बन जाती है। इसके अलावा एमआरआई मशीन भी मेडिकल कॉलेज में नहीं है। माना जा रहा है कि बजट से ये सभी कमियां दूर हो जाएंगी।

इसके साथ ही गांवों के विकास को लेकर जिला ग्राम विकास संस्थान को हरी झंडी दे दी गई। इस संस्थान के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले में ही प्रशिक्षण प्रदान करना है। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। गांवों के सतत विकास में यह अहम भूमिका निभाएगा।
जिला ग्राम्य विकास संस्थान के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, सरकारी योजनाओं का कि्रयान्वयन बेहतर ढंग से हो सकेगा। अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने वाली यह संस्था विकास में अहम भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण विकास की गति को बढ़ाने के साथ ही प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा।