Thursday, February 19, 2026
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बिधूना में खोया से लदी पिकअप पकड़ी:खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लिए, जांच के लिए लैब भेजा गया

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त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह औरैया के बेला थाना क्षेत्र में कानपुर रोड पर खोया (मावा) से लदी एक पिकअप को पकड़ा गया। अधिकारियों ने खोया की गुणवत्ता जांचने के लिए उसके नमूने लिए।कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास के नेतृत्व में की गई। पकड़ी गई पिकअप के चालक ने अपनी पहचान तेज सिंह पुत्र घनश्याम, निवासी जैतपुर, आगरा के रूप में बताई। चालक ने अधिकारियों को बताया कि वह यह खोया जैतपुर, आगरा से कानपुर मंडी ले जा रहा था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास ने बताया कि खोया के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा त्योहारों से पहले की जा रही इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वाले 18 गिरफ्तार:पुलिस ने कसम खिलाकर परिजनों को सौंपा, एसपी के आदेश पर चला अभियान

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औरैया में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के आरोप में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देश पर की गई है।अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा, क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार और सदर कोतवाल राजकुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर छापा मारा। ये लोग खुले में शराब पी रहे थे।

गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को कोतवाली लाया गया, जहाँ उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शराब न पीने की कसम खाई। इसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं इस अभियान ने सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालो में हड़कंप मच गया है। आस पास के रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस की इस पहल की शराबियों के परिजनों ने सराहना की है।

जैसलमेर बस अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हुई; सुरक्षा चूक की जांच शुरू

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नेशनल डेस्क: जैसलमेर बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राजस्थान पुलिस ने हादसे के संबंध में बस के मालिक व चालक को हिरासत में लिया है और बस निर्माण एवं सुरक्षा मानकों में संभावित चूक की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में झुलसे एक और यात्री की मौत के बाद मृतकों की संख्या 22 हो गई है। उन्होंने बताया कि जोधपुर में इस समय भी 13 घायलों का इलाज चल रहा है जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।

 

जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि हादसे का शिकार हुई बस के मालिक तुराब अली और चालक शौकत खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि बस का ढांचा बनाने वाले वर्कशॉप के मनीष जैन के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ), जोधपुर ने उनकी वर्कशॉप को सील कर दिया है। शिवहरे ने कहा कि संभावित आपराधिक लापरवाही सहित सभी पहलुओं से मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

 

उन्होंने कहा, ‘‘बस में 35 यात्री सवार थे – 22 की मौत हो गई और 13 का इलाज हो रहा है। कोई भी लापता नहीं है।” उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक और तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बस सुरक्षा मानदंडों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रशासन) और परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ओ.पी. बुनकर ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जोधपुर की एक टीम ने अब तक शहर के जैनम कोच क्राफ्टर परिसर में निर्मित 66 बसों को निरीक्षण के लिए जब्त किया है।

 

जैसलमेर त्रासदी से संबंधित तकनीकी और नियामक खामियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। राज्य सरकार ने घटना का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआईआरटी) पुणे को भी आमंत्रित किया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। जिन परिवारों में तीन या अधिक लोगों की मृत्यु इस दुर्घटना में हुई है, उन परिवारों को 25-25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

 

गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये एवं अन्य घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं, कुछ पीड़ितों के परिवारों ने बृहस्पतिवार को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और अधिक मुआवजे की मांग की। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहा, ‘‘दुर्घटना कैसे हुई इसके बारे में कई बातें कही जा रही हैं। सरकार को पूरी जांच करानी चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हों।” जैसलमेर से जोधपुर के लिए मंगलवार की दोपहर रवाना होने से कुछ मिनट के बाद ही बस में आग लग गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

 

 

कर्ज में डूबे ऑटो चालक ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी को जहर देकर खुद भी खाया, मौत; पत्नी की हालत गंभीर

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नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश के मथुरा में कर्ज से परेशान एक ऑटो चालक ने अपनी पत्नी को जहरीला पदार्थ पिलाने के बाद स्वयं भी जहर पी लिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि ऑटो चालक योगेश (38) की आगरा के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि उसकी पत्नी रेणू (35) की जान बच गई।

 

रिफाइनरी थाना प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि मूलरूप से हाथरस के सादाबाद थाना क्षेत्र के महावतपुर गांव का निवासी योगेश मथुरा की राधा विहार कॉलोनी में अपनी पत्नी रेणू और चार बच्चों मानसी (12), राधा (10), गिरधर (आठ) और तुलसी (पांच) के साथ रहता था। वर्मा ने बताया कि योगेश ने एक व्यक्ति से कर्ज लेकर अपने छोटे भाई के लिए एक ऑटो रिक्शा खरीदा था। हालांकि, दोनों भाई समय पर कर्ज की राशि नहीं चुका पाए।

 

थाना प्रभारी के अनुसार, कर्जदाता ने मंगलवार को बकाया राशि को लेकर योगेश के साथ कथित तौर पर मारपीट की और अपशब्द कहे। उन्होंने बताया, “इस घटना से आहत योगेश ने घर लौटकर अपनी पत्नी को सारी बात बताई और आत्महत्या करने की बात कही। रेणू ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन योगेश ने कथित तौर पर उसे धमकाकर जहर मिला पानी पीने के लिए मजबूर किया और फिर स्वयं भी पी लिया।”

 

पड़ोसियों ने दंपति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि योगेश की गंभीर हालत के कारण उसे आगरा के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। जिला अस्पताल में भर्ती रेणू की हालत अब खतरे से बाहर है। वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद योगेश का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि योगेश को परेशान करने और कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है

 

 

28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली गिफ्ट, इस राज्य सरकार ने बढ़ाया मंहगाई भत्ता

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नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की है।

राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार रात जारी एक बयान के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशन भोगियों की महंगाई भत्ते में तीन फीसद का इजाफा करने का फैसला लिया गया है। अब महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 फीसद हो जाएगा। यह व्यवस्था एक जुलाई 2025 से लागू होगी।

बयान के मुताबिक महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से राजकोष पर मार्च 2026 तक 1960 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता इसी महीने से नकद भुगतान के रूप में देने का आदेश दिया है।

 

 

कितने लोग भारत में हर रोज भूखे सोते हैं? आंकड़े जानकर चौंक जाएंगे आप

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नेशनल डेस्कः हर साल 16 अक्टूबर को विश्वभर में वर्ल्ड फूड डे (World Food Day) मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि आज भी दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें भरपेट खाना नहीं मिल पाता। यह पहल संयुक्त राष्ट्र की संस्था FAO (Food and Agriculture Organization) के जरिए शुरू हुई थी। साल 2025 में FAO अपने 80 साल पूरे कर रहा है।

 

इस खास मौके पर भूख, कुपोषण और खाने की बर्बादी जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया जाता है। भारत जैसे बड़े और विविध देश में जहां मॉल, होटल और रेस्टोरेंट्स में खाना फेंका जा रहा है, वहीं लाखों लोग रात को भूखे पेट सोने को मजबूर हैं।

 

भारत में भूखे लोगों की संख्या

भारत में आज भी लगभग 19 करोड़ लोग हर रोज भूखे पेट सोते हैं। यह संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। हर साल भारत में लगभग 40 प्रतिशत खाना बर्बाद हो जाता है। यह खाने की बर्बादी लगभग ₹92,000 करोड़ रुपये के बराबर है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2021 के अनुसार भारत की रैंक 116 देशों में 101वीं है, यानी भूख की समस्या गंभीर स्तर पर है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा भूखे लोग भारत में रहते हैं, चीन से भी ज्यादा।

 

भूखे रहने के कारण

भूखे रहने के पीछे कई कारण हैं:

 

खाने की बर्बादी:

 

दुनिया भर में हर साल करीब 250 करोड़ टन खाना बर्बाद होता है।

 

कोरोना महामारी से पहले ही 93 करोड़ टन खाना खराब हो चुका था।

 

इसमें से 63% घरों से, 23% रेस्टोरेंट से और 13% रिटेल शॉप्स से बर्बाद हुआ।

 

आर्थिक असमानता और वितरण की समस्या:

 

गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की पहुंच सीमित है।

 

स्थानीय प्रशासन और सरकारी योजनाओं के बावजूद, पर्याप्त भोजन नहीं पहुंच पाता।

 

सरकारी प्रयास भूख कम करने के लिए

भारत में भूख और कुपोषण कम करने के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013: गरीब परिवारों को सब्सिडी पर अनाज उपलब्ध कराता है। मिड-डे मील योजना: स्कूल जाने वाले बच्चों को पोषणयुक्त भोजन प्रदान करती है।आंगनवाड़ी कार्यक्रम: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण योजनाएं। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS): गरीब परिवारों तक अनाज और खाद्य सामग्री पहुंचाने का माध्यम।

 

भविष्य की चुनौती और समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं।

 

खाद्य उत्पादन, वितरण और बर्बादी को कम करना सबसे बड़ा कदम होगा। लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि खाना फेंकने की प्रवृत्ति कम हो। स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करके भारत में भूख और कुपोषण को कम किया जा सकता है। वर्ल्ड फूड डे हमें यह याद दिलाता है कि भूख एक गंभीर वैश्विक चुनौती है और इसके समाधान के लिए हर व्यक्ति, समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।

सोने की कीमत ने तोड़ दिए सारे रिकार्ड, जानें क्यों बढ़ रहे इतने दाम

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नेशनल डेस्क: सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। COMEX पर दिसंबर 2025 डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने की कीमत आज 4,300.20 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुँच गई- जो पिछले 52 हफ़्तों का नया उच्च रिकॉर्ड है। यह पिछले दिन की तुलना में 98.60 डॉलर यानी 2.35% की तेज़ उछाल दर्शाता है।

सुबह से शाम तक बढ़ती रही चमक

सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई, लेकिन दोपहर तक अचानक रफ्तार पकड़ ली। दिन के अंत में कीमत 4310 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची।क्या है सोने की उड़ान के पीछे की वजह?

विश्लेषकों के मुताबिक, सोने की इस ऐतिहासिक बढ़त के पीछे तीन मुख्य कारण हैं-

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ना

केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी

अमेरिकी डॉलर की कमजोरी

इन तीनों कारणों ने मिलकर सोने को सुरक्षित निवेश का प्रतीक बना दिया है।

निवेशकों की नजर अब सोने पर

बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि यह रुझान जारी रहा, तो आने वाले हफ़्तों में सोने के भाव में और तेजी देखने को मिल सकती है। उथल-पुथल भरे बाजार माहौल में निवेशक और बड़े फंड फिर से गोल्ड की ओर रुख कर रहे हैं।

UP: ट्रेन की चपेट में आकर मां व मासूम की मौत, दो माह की गर्भवती थी महिला, जांच में जुटी जीआरपी…ये है आशंका

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Auraiya News: दिबियापुर में बुधवार देर रात पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला और उसके बेटे की अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। महिला दो माह की गर्भवती थी। जीआरपी मामले की जांच कर रही है।औरैया जिले में दिबियापुर कस्बा निवासी एक महिला व उसका मासूम बेटा देर रात करीब 12 बजे अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी पर जीआरपी मौके पर पहुंची। दोनों शवों को ट्रैक से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां-बेटे घटनास्थल पर कैसे पहुंचे पुलिस इसकी जांच में जुटी है।जानकारी के अनुसार, कस्बा के मोहल्ला संत रविदास नगर निवासी अनिल फफूंद रेलवे स्टेशन के थाने की तरफ फल की दुकान किए है। बुधवार रात रोजाना की तरह बुधवार रात आठ बजे उसकी पत्नी पूजा (28) अपने पांच वर्षीय बेटे दीपक के साथ पति को खाना देने पहुंची। वहां मौजूद ससुर, ननद आदि परिजन से पांच रुपये बेटे के इलाज के लिए मांगे

मायका पक्ष प्रेम विवाह के खिलाफ था
इसके बाद पत्नी व बेटे के शव को सीने से लगा लिया। पिता रामस्नेही ने बताया कि बेटे ने पूजा के साथ प्रेम विवाह किया है। तीन माह पहले ही वह घर पर आई थी। पांच वर्षीय बेटा पहले पति का है। पूजा का मायके जनपद कानपुर देहात थाना रूरा के गांव सिठमरा में है। मायका पक्ष इस प्रेम विवाह के खिलाफ था। पूजा व अनिल औरैया में मिले थे।

दो माह की गर्भवती थी महिला
परिजनों का कहना है कि पूजा दो माह की गर्भवती थी। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि खाने देने के बाद पूजा घर पहुंची थी। पीछे से पति भी पहुंच गया। जिसके बाद दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ और पत्नी अपने बच्चे को लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंची थी। फफूंद रेलवे स्टेशन जीआरपी प्रभारी सोहिल राज ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर

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अयोध्या- श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर, सीएम योगी के निर्देश पर DM ने गठित की टीम, दीपोत्सव को लेकर 34 जगह छापे,76 नमूने लिए, 33 लाख कीमत की 19657 किलो सामग्री बरामद, 35 हजार से अधिक की 167 किलो खाद्य सामग्री नष्ट
खाद्यान्न सुरक्षा अधिकारियों की अयोध्या में तैनाती, 19-20 अक्तूबर को बड़ी संख्या में आएंगे श्रद्धालु, 5 तहसीलों और 2 नगर क्षेत्रों में निगरानी तंत्र सक्रिय

 

सीएमओ कार्यालय पर आशाओं का प्रदर्शन,

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सिद्धार्थनगर – सीएमओ कार्यालय पर आशाओं का प्रदर्शन, चार माह से मानदेय न मिलने पर नाराजगी, जिला अध्यक्ष बिनीता मिश्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन, डॉक्टर रजत कुमार चौरसिया से मुलाकात, चेतावनी दी, कई बार ज्ञापन देने के बाद भी नहीं मिला मानदेय