Thursday, February 19, 2026
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Punjab: घर में घुसकर युवक पर चलाई ताबड़तोड़ गोलियां, सदमे में परिवार

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पंजाब डेस्क: पंजाब में आए दिन गोलियां चलने की वारदात सामने आ रही हैं। इसी बीच संगरूर में हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर एक युवक की हत्या कर दी। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बू (29 साल) निवासी लहिलकलां के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि, गत रात करीब 2 बजे हमलावरों ने दीवार फांदकर घर में घुसकर युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात को अंजाम कर हमलावर मौके से फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार मृतक युवक की 2 साल पहले ही लव मैरिज हुई थी। इस वारदात के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरा परिवार सदमे में है। इस दौरान परिवार वालों का कहना है कि, मृतक गुरप्रीत सिंह कि किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी और न की कोई अपराधिक रिकार्ड था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा वारदात को अंजाम देने वाले हमलावरों और कारणों का पता लगा रही है। फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

ट्रंप की दोहरी चालः ईरान से बातचीत के बीच अमेरिका की भारी सैन्य घेराबंदी, 50 फाइटर जेट और युद्धपोत मिडिल ईस्ट किए रवाना

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Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की रणनीति एक बार फिर सवालों में है। एक ओर  United States और Iran के बीच स्विट्जरलैंड के Geneva में परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अभूतपूर्व सैन्य घेराबंदी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने 50 से अधिक अत्याधुनिक फाइटर जेट तैनात किए हैं और कई युद्धपोत रणनीतिक समुद्री क्षेत्रों की ओर रवाना किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि यह कदम “क्षेत्रीय सुरक्षा” और “निवारक क्षमता” को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि यह ट्रंप की क्लासिक दोहरे दबाव की नीति है बातचीत की मेज पर शांति की भाषा और मैदान में सैन्य ताकत का प्रदर्शन।

 

इसका सीधा संदेश ईरान को है कि अगर वार्ता अमेरिका की शर्तों पर नहीं बढ़ी, तो सैन्य विकल्प हमेशा तैयार हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस तरह का शक्ति प्रदर्शन न सिर्फ ईरान पर दबाव बनाता है, बल्कि मिडिल ईस्ट के अन्य देशों को भी अमेरिकी वर्चस्व का संकेत देता है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इस सैन्य घेराबंदी से क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे बातचीत की संभावनाएं कमजोर पड़ेंगी। अब सबकी नजर इस पर है कि ट्रंप की यह दोहरी चाल डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाती है या मिडिल ईस्ट को एक नए टकराव की ओर धकेल देती है।

पति और बच्चों को छोड़ दोस्त के साथ रहने बीकानेर पहुंची Jharkhand की महिला, पुलिस ने किया बरामद; बोली- पति से…

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Bokaro News: बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र से लापता 41 वर्षीय महिला को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। महिला राजस्थान के बीकानेर में एक व्यक्ति के साथ रह रही थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे खोज निकाला।

फेसबुक पर दोस्ती के बाद बीकानेर पहुंची महिला 
सेक्टर-12 थाना क्षेत्र से लापता रिंकू कुमारी (41 वर्ष) को पुलिस ने राजस्थान के गंगाशहर (बीकानेर) से बरामद किया है। वह फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद वहां पहुंची थी और नरेंद्र सिंह भाटी नामक व्यक्ति के साथ रह रही थी। इस मामले की जानकारी बोकारो सिटी डीएसपी ने दी। बताया गया कि 4 फरवरी को रिंकू के भाई ओम प्रकाश ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन बिना कुछ बताए घर से चली गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

किसी भी तरह की बच्चा चोरी या अन्य अफवाहों पर ध्यान न दें
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला राजस्थान में है। इसके बाद एक पुलिस टीम को वहां भेजा गया। टीम ने गंगाशहर, बीकानेर पहुंचकर महिला को बरामद कर लिया। पूछताछ में रिंकू ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2006 में हुई थी और उसका 16 साल का बेटा है। पति से विवाद के कारण वह मानसिक तनाव में थी। इसी बीच उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से नरेंद्र सिंह भाटी से हुई और वह उसके पास चली गई। महिला ने अपने फैसले के संबंध में एक लिखित बयान भी पुलिस को दिया है। सिटी डीएसपी ने लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर किसी भी तरह की बच्चा चोरी या अन्य अफवाहों पर ध्यान न दें। फिलहाल पुलिस ने महिला को उसके परिजनों के सामने पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

8th Pay Commission: सामने आया बड़ी खबर, इन 4 कैटेगरी के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फायदा!

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8th Pay Commission: केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में इसे लेकर एक अपडेट सामने आया है, जिसके अनुसार 8वें वेतन आयोग का कार्यालय दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में स्थापित कर दिया गया है। इसके चलते 25 फरवरी को कर्मचारी संगठनों की अहम बैठक होने वाली है। क्या आप जानते हैं कि इन 4 कैटेगरी के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।

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इन लोगों को नहीं मिलेगा 8वें वेतन आयोग का लाभ

1.      प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी: वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह से सरकारी क्षेत्र के लिए होती हैं। निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सैलरी उनकी कंपनी की पॉलिसी और परफॉरमेंस पर बेस्ड होती है।

2.      कॉन्ट्रैक्ट और एड-हॉक कर्मचारी: केंद्र सरकार के उन विभागों में काम करने वाले लोग जो कॉन्ट्रैक्ट या एड-हॉक बेसिस पर हैं और CCS नियमों के दायरे में नहीं आते, उन्हें इस बढ़ोतरी से बाहर रखा जा सकता है।

3.      राज्य सरकार के कर्मचारी: 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार की ओर से गठित किया जाता है। राज्य सरकारें इसे अपनी इच्छा और वित्तीय स्थिति के अनुसार लागू करती हैं। कई बार राज्यों में इसे लागू होने में सालों लग जाते हैं।

4.      पीएसयू (PSU) कर्मचारी: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का अपना अलग सैलरी स्ट्रक्चर होता है। जब तक वहां का प्रबंधन आधिकारिक रूप से वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करता, तब तक कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा नहीं मिलता।

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फिटमेंट फैक्टर और सैलरी का कैलुकलेशन

कर्मचारी संगठन इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.25 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार 3.00 का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार करती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹54,000 तक पहुँच सकती है।

जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.8cpc.gov.in लॉन्च कर दी है। कर्मचारी और पेंशनर्स 16 मार्च 2026 तक अपने सुझाव और फीडबैक यहाँ दे सकते हैं।

भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सर्तक है : राष्ट्रपति मुर्मू

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नेशनल डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशाखापत्तनम में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा के दौरान कहा कि भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के साथ-साथ व्यापक समुद्री वाणिज्य गतिविधियों की स्थिरता में भी योगदान दे रही है। बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर सवार होकर विशाखापत्तनम तट पर अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू…. आईएफआर) की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना समुद्र में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और खतरों के खिलाफ रक्षा और प्रतिरोध के एक विश्वसनीय साधन के रूप में क्षेत्र में तैनात है।

मुर्मू ने कहा, “भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सर्तक है और व्यापक समुद्री वाणिज्यिक गतिविधियों की स्थिरता में योगदान दे रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना दुनिया भर की नौसेनाओं के साथ सद्भावना को बढ़ावा देने और विश्वास, भरोसे व दोस्ती का सेतु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राष्ट्रपति के अनुसार, विशाखापत्तनम का समुद्री इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन विशाखापत्तनम के निरंतर नौसैनिक महत्व को रेखांकित करता है। भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) का मुख्यालय विशाखापत्तनम में स्थित है।

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भारत और उसके मित्र देशों की नौसेनाओं के युद्धपोतों के प्रभावशाली बेड़े और नौसैनिकों के प्रदर्शन को देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि आईएफआर समुद्री परंपराओं के प्रति राष्ट्रों के बीच एकता, विश्वास और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के जहाज और अलग-अलग देशों के नाविक एकजुटता की भावना का प्रदर्शन करते हैं। मुर्मू ने समुद्रों के साथ भारत के संबंधों पर कहा कि यह संबंध सदियों पुराने, गहरे और स्थायी हैं। उन्होंने महासागरों को भारत के लिए वाणिज्य, संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मार्ग बताया। राष्ट्रपति ने कटक में ‘कार्तिक पूर्णिमा’ से शुरू होने वाले सप्ताह के दौरान उत्साहपूर्वक मनाए जाने वाले ‘बाली यात्रा’ उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह त्योहार वर्तमान ओडिशा के प्राचीन नाविकों के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।

Cancer Alert: ये हैं सबसे घातक कैंसर, समय पर पहचान ही बचा सकती है जान, जानें बचाव के उपाय

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नेशनल डेस्कः कैंसर आज भी दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में गिना जाता है और हर साल लाखों लोगों की जान लेता है। हालांकि इलाज के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है, फिर भी कई मामलों में बीमारी देर से पकड़ में आने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच, सही जानकारी और जागरूकता ही कैंसर से बचाव और बेहतर इलाज की कुंजी है। खासतौर पर कुछ ऐसे कैंसर प्रकार हैं जिनकी सर्वाइवल रेट काफी कम मानी जाती है, इसलिए इनके प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

समय पर पहचान क्यों है जरूरी? 

विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इलाज की सफलता दर कई गुना बढ़ जाती है। अक्सर लोग लगातार थकान, अचानक वजन कम होना, शरीर में बिना कारण दर्द, सूजन या अन्य असामान्य बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि परिवार में किसी को पहले कैंसर हो चुका है, तो नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कराना बेहद जरूरी है। समय पर उपचार शुरू होने से जीवन प्रत्याशा बढ़ती है और बीमारी के जटिल होने का खतरा कम हो जाता है।

सबसे कम सर्वाइवल रेट वाले कैंसर

स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनमें पांच साल तक जीवित रहने की दर अपेक्षाकृत कम पाई गई है:

पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) – यह कैंसर अधिकतर मामलों में देर से पकड़ में आता है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 8.3% से 13% के बीच बताई जाती है।

छोटी कोशिका फेफड़ों का कैंसर (Small Cell Lung Cancer – SCLC) – इसे सबसे आक्रामक कैंसरों में गिना जाता है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की संभावना 7% से भी कम हो सकती है।

ग्लियोब्लास्टोमा (Glioblastoma – ब्रेन कैंसर) – यह मस्तिष्क का एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की दर करीब 12.9% मानी जाती है, जबकि औसत जीवनकाल 12 से 18 महीने तक बताया जाता है।

लिवर कैंसर (Liver Cancer) – इस कैंसर में पांच साल तक जीवित रहने की औसत संभावना लगभग 13.4% होती है।

एसोफेजियल कैंसर (Esophageal Cancer) – इस प्रकार के कैंसर में मरीजों के पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 16.3% तक बताई जाती है।

बचाव के उपाय

डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहले जागरूक रहना जरूरी है। नियमित हेल्थ चेकअप, समय पर स्क्रीनिंग और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना जीवन बचा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से दूरी, तथा तनाव कम रखने जैसी स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Jalandhar में पुलिस व शूटर में Encounter, दोनों तरफ चली ताबड़तोड़ फायरिंग

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जालंधर : जिला जालंधर में पुलिस और शूटर में एनकाउंटर की सूचना प्राप्त हुई है। मामला फोलड़ीवाल इलाके से सामने आया है जहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कौशल चौधरी गैंग के शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, इस दौरान दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। वहीं जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में लगी और वह घायल हो गया।

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घायल शूटर की पहचान नरेंद्र उर्फ आकाश के रूप में हुई है। इस संबंधी जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान बाइक पर सवार होकर नरेद्र उर्फ आकाश जा रहा था, जिसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश की।

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जब पुलिस ने शूटर आरोपी का पीछा किया आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी घायल हो गया और बाइक फिसलने से आरोपी नीचे गिर गया जिसे पुलिस ने काबू कर लिया।

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Etawah: रूठकर गई प्रेमिका को मनाने पहुंचा प्रेमी, न मानने पर तमंचे से खुद को मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

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इटावा जिले में बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम हलूपुरा में ससुराल में आए एक अधेड़ ने मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे खुद को तमंचे से गोली मार ली। अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। आत्महत्या के पीछे साले की पत्नी से प्रेम प्रसंग का मामला बताया जाता है। मृतक 10 साल से साले की पत्नी को अपने साथ ही रख रहा था। दो माह पहले महिला झगड़े के चलते ससुराल आ गई थी। मृतक मैनपुरी जनपद के करहल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मनोना का रहने वाला है और राजमिस्त्री का काम करता था। सूचना पर बकेवर थानाध्यक्ष विपिन कुमार मलिक व सीओ भरथना रामदवन मौर्य मौके पर पहुंचे।

मृतक अनिल कुमार (48) उर्फ पप्पू पुत्र रामचंद्र कठेरिया निवासी ग्राम मनोना थाना करहल मैनपुरी की ससुराल बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम हलूपुरा निवासी मुन्नू कठेरिया के यहां थी। ससुराल आने जाने के चलते कई साल पहले अनिल के संबंध अपनी साले सत्यनारायण की पत्नी लक्ष्मी से हो गए थे। इस कारण पति सत्यनारायण ने अपनी पत्नी लक्ष्मी को घर से निकाल दिया था। इसके चलते महिला अपने मायके औरैया जनपद के अयाना थाना क्षेत्र में पिता राम आसरे के घर पर पिछले 10 वर्ष से अपने प्रेमी अनिल के साथ रह रही थी।

दो माह पहले अपने मायके आ गई थी लक्ष्मी
लक्ष्मी के दो पुत्र रवि (18), जिसकी शादी हो गई है। वहीं, दूसरा पुत्र भूरा (16) और  एक बेटी खुशबू (23) की शादी हो गई है। मृतक की पत्नी सुमन की दो वर्ष पूर्व आग से जलने से मौत हो गई थी। मृतक अनिल के एक पुत्री सोनी (25) की शादी हो गई है। बड़े पुत्र रिंकू की मौत हो गई थी, जबकि छोटा पुत्र सुंदरम शादीशुदा है। बताया जा रहा  है कि प्रेमी अनिल के झगड़ने से महिला लक्ष्मी दो माह अपने मायके से अपनी ससुराल ग्राम हलूपुरा आकर रहने लगी थी।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मंगलवार की रात मैनपुरी जनपद के करहल थाना क्षेत्र के ग्राम मनोना निवासी अनिल कुमार उर्फ पप्पू ग्राम हलूपुरा आए। यहां अपने पिठ्ठू बैग से तमंचा निकाल कर लक्ष्मी देवी के घर के बाहर गली में सिर में गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे बकेवर थानाध्यक्ष विपिन मलिक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही सीओ भरथना रामदवन मौर्य भी मौके पर पहुंचे और मृतक अधेड़ का शव पुलिस ने कब्जे में लेकर इटावा भिजवा दिया। साक्ष्य संकलन के लिए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।

 

Kanpur: भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, गोली मारने के बाद आठ बार चाकुओं से गोदा, रंजिश का CCTV आया सामने

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कानपुर में रावतपुर थानाक्षेत्र के छपेड़ा पुलिया के पास मंगलवार देर रात एक बजे दुकान की रंजिश में तीन युवकों ने भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सोनू राठौर की पीठ पर गोली मार दी। इसके बाद हत्या करने के लिए पेट में चाकू से गोद दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।नाजुक हालत में भाजपा नेता को पुलिस ने हैलट पहुंचाया। वहां हालत नाजुक बताई जा रही है। भाजपा युवा मोर्चा का पूर्व जिला उपाध्यक्ष सोनू राठौर नवाबगंज के सिग्नेचर सिटी के पास रहते हैं। मां रज्जो देवी और भाई सौरभ ने बताया कि छपेड़ा पुलिया पर उनकी पूजन सामग्री की दुकान है।

गोली मारने के बाद चाकुओं से गोदा
मंगलवार की रात वह रावतपुर में एक शादी समारोह में गए थे। वहां से छपेड़ा पुलिया स्थित दुकान के पास से होकर आ रहे थे। इसी बीच साजन उर्फ रोहित, बाबा लाइट और अभिषेक ने अपने साथियों के साथ उसे जमकर पीटा। गोली मारने के बाद चाकुओं से गोद दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगीं चार टीमें 
उसके शरीर में सात से आठ चाकू के वार मिले हैं। पीठ पर गोली भी लगी है। एडीसीपी कपिल देव सिंह ने बताया दोनों पक्षों के बीच दुकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी के चलते मंगलवार की देर रात हमला किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई हैं।

भाजपा नेताओं का लग गया जमावड़ा
घरों में दबिश दी जा रही है। घटना के बाद हैलट अस्पताल के बाहर शहर भर के भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया। इस दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए सर्किल का फोर्स तैनात कर दिया गया है। घटनास्थल पर डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी जांच करने पहुंचे हैं।

मोहन भागवत: जो लोग हिंदू धर्म में लौटें हमें उनका ख्याल रखना होगा, तेज होना चाहिए घर वापसी का काम

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हिंदू समाज को किसी से भी खतरा नहीं है, लेकिन हमको सावधान रहना होगा। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को कही। वह निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा।

बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। उन्होंने कहा एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा। इस बैठक में सिक्ख,बौद्ध,जैन समाज के साथ ही रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम, ब्रह्म विद्या निकेतन, सहित अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

अबला नहीं असुर मर्दिनी है भारतीय नारी

सरसंघचालक ने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह माताएं तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है।

जातियां झगड़े का न बने कारण

Mohan Bhagwat: We must take care of those who return to Hinduism, the work of homecoming must be expedited.

यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी।

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा।

कानून सभी को मानना है 
यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।