यूपी के रायबरेली में मोबाइल चलाने से मना करने पर किशोर घर छोड़कर चला गया। परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार को मां ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। मामला नसीराबाद इलाके के कांटा गांव का है। गांव की रहने वाली राजकली ने बताया कि 22 जनवरी को उनका बेटा मोहित (14) मोबाइल चला रहा था। इसी बात को लेकर उसे फटकार लगा दी गई। इससे नाराज मोहित घर से निकल गया। मां ने बताया कि वह बेटे को समझाने और वापस लाने के लिए उसके पीछे गांधीनगर चौराहे तक गई। लेकिन, वहां से मोहित किसी व्यक्ति की बाइक पर बैठकर चला गया। तब से घर वापस नहीं आया। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज कर तलाश की जा रही है।
पुलिस ने उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे जमुना बाग बकेवर पुल के पास से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। किशोरी ने पुलिस और अपनी मां को बताया कि हसनैन उसे बहलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी हसनैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में पीड़िता की उम्र से संबंधित शैक्षिक प्रमाण पत्र पेश किए, जिससे साबित हुआ कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। इसके बाद दोषी को सजा सुनाई गई।

