Saturday, February 21, 2026
Home Blog Page 142

Auraiya News: फिर टूटा ट्रक का एक्सल, कंचौसी में सात घंटे जाम

0

कंचौसी। कंचौसी रेलवे क्राॅसिंग पर शनिवार की रात तेज गति से गुजर रहे ट्रक का एक्सल टूटने से कस्बे में सात घंटे तक जाम लगा रहा। दोनों छोर दो-दो किमी तक वाहन खड़े हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को जाम खुलवाने में मशक्कत करनी पड़ी। रविवार सुबह नौ बजे जाम खुलने पर क्रॉसिंग पर वाहनों की कतार लगने से आनंद विहार एक्सप्रेस व दो मालगाड़ियों को आउटर पर रोकना पड़ा।शनिवार रात करीब दो बजे एक ट्रक तेज गति से निकल रहा था । इसी दौरान वह क्राॅसिंग के एक बड़े गड्ढे में फंस गया। इससे उसका एक्सल टूट गया और आवागमन प्रभावित हो गया। रविवार सुबह तक दो किमी से अधिक लंबा जाम लग गया। लोग जाम में फंसकर परेशान होते रहे। चौकी पुलिस ने मशक्कत के बाद सुबह करीब 9 बजे जाम खुलवाया। जाम खुलने के बाद जैसे ही क्राॅसिंग को खोला गया तो ट्रैक पर वाहनों की कतार लग गई। इससे आनंद विहार एक्सप्रेस व डीएफसी ट्रैक पर आ रही दो मालगाड़ियों को आउटर पर रोका गया।

सुबह 10 बजे के करीब डीएफसी ट्रैक पर कानपुर की ओर जा रही मालगाड़ी सिग्नल न मिलने से क्राॅसिंग और रेलवे स्टेशन के बीच करीब बीस मिनट तक खड़ी रही। इससे फिर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मालगाड़ी जाने के बाद क्राॅसिंग खुल सकी और तब यातायात बहाल हो सका। इस संबंध स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया ट्रक का एक्सल टूटने से जाम की स्थिति बनी थी। कंचौसी-रसूलाबाद मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति भयानक होती जा रही है। चार दिन पहले भी कॉसिंग के पास एक ट्रक का एक्सल टूटने से पांच घंटे तक जाम लगा रहा था। स्थानीय लोगों व राहगीरों का कहना है कि जब तक ओवरब्रिज की व्यवस्था नहीं होती, तब तक कस्बे को जाम से निजात मिलना मुश्किल है।

Auraiya News: सीओ ने खुलवाया जाम, 30 वाहनों के चालान काटे

0

बिधूना। कस्बे में रविवार सुबह से बाजार बाजार की सड़क पर लगा जाम खुलवाने के लिए सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा सड़क पर उतरे। जाम खुलवाते हुए उन्होंने सड़क पर खड़े 30 वाहनों का चालान काटा। कार्रवाई की सूचना मिलते ही व्यापारियों और वाहन स्वामियों में खलबली मच गई। कई लोग अपने वाहन हटाकर मौके से निकल गए।सहालग के चलते बाजार में अधिक भीड़ होने पर वाहन स्वामियों ने मनमाने तरीके से सड़कों पर वाहन खड़े कर दिए। इससे दुर्गा मंदिर तिराहा, लोहा मंडी रोड, फीडर रोड, महिला मार्केट में जाम लग गया। लोगों ने बताया कि यहां कपड़ा और रेडीमेड दुकानों के साथ-साथ एसबीआई बैंक होने के कारण वाहनों की संख्या अधिक रहती है। दुकानदारों के फुटपाथ पर सामान रखने और ग्राहकों के सड़क पर बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन खड़े कर देने से सड़क संकरी हो जाती है जिससे रोजाना जाम की स्थिति बनती है।

नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श कुमार मिश्रा ने बताया कि जल्द ही नगर पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से कस्बे में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों को मानक के भीतर ही व्यापार करने व सड़क खाली छोड़ने के निर्देश दिए जाएंगे। (संवाद)

बिहार चुनाव में महज एक सीट जीतने पर गदगद हुईं मायावती, बोलीं- ‘विरोधियों की रणनीति हो गई फेल’

0

लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में कैमूर जिले की रामगढ़ सीट पर बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव की जीत को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने विरोधियों की पूरी कोशिशों पर कार्यकर्ताओं की मेहनत की जीत बताया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती बार-बार करवाने के बहाने प्रशासन और सभी विरोधी दल एकजुट होकर बसपा उम्मीदवार को हराने में जुटे थे, लेकिन बसपा के जुझारू कार्यकर्ता अंत तक डटे रहे और विरोधियों की रणनीति नाकाम हो गई।

मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इस जीत के लिए दिल से धन्यवाद दिया। कहा कि यह जीत संगठन की मजबूती और जमीनी मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने यह भी बताया कि रामगढ़ के अलावा आसपास की अन्य सीटों पर भी बसपा उम्मीदवारों ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। फीडबैक के अनुसार, यदि चुनाव निष्पक्ष होते तो बसपा कई और सीटें जीत सकती थी।

दिल्ली में प्रदूषण का कहर: कम उम्र में मौत और मंदबुद्धि रहने का खतरा

0

नेशनल डेस्क: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना खराब हो चुका है कि यहां के बच्चे आसमान का रंग ‘राख’ जैसा देखकर जाग रहे हैं। उनकी क्रेयॉन बॉक्स में भले ही ‘स्काई ब्लू’ रंग हो, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि नीला आसमान कैसा दिखता है। दिल्ली-एनसीआर में, बच्चे केवल बड़े नहीं हो रहे हैं वे सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिस हवा से उन्हें जीना, सीखना और खेलना चाहिए, वही हवा उनका जीवन छोटा कर रही है।

विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि दिल्ली में पैदा हुए और रह रहे Gen Alpha (1990 के दशक के अंत और 2010 के शुरुआती वर्षों में जन्मे युवा) के बच्चे, केवल सांस लेने के कारण, जल्दी मर सकते हैं, कम बुद्धिमान हो सकते हैं, अधिक बीमार पड़ सकते हैं और स्कूल में खराब प्रदर्शन कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे। ये वे गंभीर चेतावनियाँ हैं जो डॉक्टर 2017 से लगातार दे रहे हैं और इंडिया टुडे उन्हें निरंतर रिपोर्ट कर रहा है:

1. कम उम्र में मृत्यु
वैज्ञानिक प्रमाण लंबे समय से दिखाते रहे हैं कि सूक्ष्म कण पदार्थ (PM 2.5) के संपर्क में रहने से बच्चों में समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है, खासकर निचले श्वसन संक्रमण और निमोनिया से। दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका में किए गए मेटा-विश्लेषण इस बात की पुष्टि करते हैं कि शिशु और पाँच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर सीधे परिवेशी वायु प्रदूषण से जुड़ी हुई है।

चौंकाने वाला आंकड़ा: अगर आप पाँच साल पहले दिल्ली में पैदा हुए थे, तो आपने पहले ही 826 दिन ‘खराब’ या उससे भी बदतर हवा में बिता दिए हैं जो आपके जीवन का लगभग आधा हिस्सा है। इनमें से 81 दिन तो हवा की गुणवत्ता ‘अति गंभीर’ थी।

CSE की चेतावनी (2019): सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट ने 2019 में ही चेतावनी दी थी कि “वायु प्रदूषण एक राष्ट्रीय आपातकाल बन गया है, जो भारत में हर साल पाँच साल से कम उम्र के एक लाख बच्चों को मार रहा है।” डॉक्टर वास्तविक समय में रुके हुए फेफड़े, सूजन वाले वायुमार्ग, निमोनिया के उच्च जोखिम और समय से पहले मौत के रूप में इसे देख रहे हैं। हर साल हम कहते हैं, “कुछ करना चाहिए।” और हर सर्दी में, हम कुछ नहीं करते।

2. कम बुद्धिमान
अब यह स्पष्ट प्रमाण है कि गंदी हवा मस्तिष्क के विकास को नुकसान पहुँचाती है। बचपन में PM 2.5 और NO2 के दीर्घकालिक संपर्क को मस्तिष्क में संरचनात्मक परिवर्तनों और मापने योग्य संज्ञानात्मक गिरावट से जोड़ा गया है। यहाँ तक कि जन्म से पहले का प्रदूषण भी बाद में IQ स्कोर और मेमोरी फंक्शन को कम कर सकता है।

नवीनतम शोध (2024): इंडिया टुडे द्वारा कवर किए गए 2024 के एक अमेरिकी अध्ययन में पाया गया कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से बच्चों की सीखने की क्षमता, याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की अवधि बाधित हो सकती है।

यूनिसेफ की चेतावनी (2017): 2017 में यूनिसेफ ने चेतावनी दी थी कि “1.7 करोड़ बच्चे उन क्षेत्रों में रहते हैं जहाँ वायु प्रदूषण वैश्विक सीमा से छह गुना अधिक है, जिससे उनके मस्तिष्क के विकास पर खतरा हो सकता है।” हम जानते थे कि धुंध हमारे बच्चों की क्षमता को खा रही है। फिर भी हमने उन्हें इसे साँस लेने दिया।

3. अधिक बीमार
चिकित्सा अनुसंधान ने दिखाया है कि PM 2.5  में प्रत्येक 10μg/m 3 की वृद्धि के साथ बच्चों में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया के लिए अस्पताल के दौरे में महत्वपूर्ण वृद्धि होती है। चूँकि बच्चे तेजी से साँस लेते हैं और उनके वायुमार्ग छोटे होते हैं, प्रदूषक अधिक गहराई तक प्रवेश करते हैं और अधिक सूजन पैदा करते हैं। अस्पतालों का हाल: दिल्ली के अस्पताल बाल चिकित्सा संकट वार्ड में बदल गए हैं। प्रतीक्षा कक्ष खाँसते हुए बच्चों से भरे रहते हैं, जो धुंध में साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

डॉक्टर की राय (2019): डॉ. विवेक नांगिया ने 2019 में कहा था, “बच्चों पर अब 5-7 दिन की दवाओं का असर नहीं हो रहा है। अब न्यूनतम दो सप्ताह के कोर्स की आवश्यकता है। एक साल तक के बच्चे श्वसन समस्याओं के साथ आ रहे हैं।” ताज़ा अपडेट (2025): AIIMS के डॉक्टरों ने रिपोर्ट किया है कि जब भी हवा की गुणवत्ता गिरती है, श्वसन मामलों में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होती है। हम एक ऐसी पीढ़ी पाल रहे हैं जिसकी सर्दी की पहली याद इन्हेलर की आवाज़ है, न कि कोहरा।

4. स्कूल में खराब प्रदर्शन
बड़े पैमाने के अध्ययनों में पाया गया है कि दीर्घकालिक वायु प्रदूषण जोखिम से स्कूल के टेस्ट स्कोर और संज्ञानात्मक प्रदर्शन में कमी आती है। यहाँ तक कि परीक्षा के दिनों में PM 2.5 में थोड़ी सी वृद्धि भी छात्र के प्रदर्शन में मापने योग्य गिरावट से जुड़ी होती है। शिक्षकों का अनुभव: पूर्वी दिल्ली की एक शिक्षिका ने बताया कि उनके आधे छात्र सुबह की प्रार्थना खाँसते हुए शुरू करते हैं।

एक बच्चा गुणन कैसे सीख सकता है जब वह अपनी साँसें गिन रहा हो? गुरुग्राम, नोएडा, लखनऊ, कानपुर सभी जगह ‘बहुत खराब से गंभीर’ AQI स्तर की रिपोर्ट आ रही है। इस साल, दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 10 भारत में थे। यह दिल्ली का संकट नहीं है। यह एक राष्ट्रीय आपातकाल है, जिसका केंद्र हमारे खेल के मैदान हैं।

प्रदूषण पर बहानों से नहीं चलेगा काम
लगभग एक दशक से, डॉक्टर, वैज्ञानिक और माता-पिता कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं। इसके बजाय, हमने इस धुंध को ‘सामान्य’ बना दिया है। हमने अपने बच्चों को सिखाया है कि यह “बस धुंध का मौसम है।” स्वच्छ हवा विलासिता नहीं है। यह एक मौलिक अधिकार है।

भारत पर लगाए टैरिफ पर ट्रंप का यू-र्टन, अब इन भारतीय कारोबारियों को मिलेगा फायदा

0

नेशनल डेस्क: सत्ता में आने के बाद दुनिया पर अपना दबदबा दिखाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर अब noticeably बदल रहे हैं। “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” का नारा देते हुए जो आर्थिक शक्ति का दावा किया गया था, वह अब देश में मंडरा रहे मंदी के संकट के सामने कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। इसी दबाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने कृषि और खाद्य उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान कर दिया है- जिसका सीधा लाभ भारतीय मसाला कारोबारियों और चाय उत्पादकों को मिलने की उम्मीद है।

अमेरिका ने करीब 200 कृषि, खाद्य और खेती से जुड़े उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया है। नई सूची में काली मिर्च, लौंग, जीरा, इलायची, अदरक, हल्दी, काजू, आम से बने उत्पाद और चाय की कई किस्में शामिल हैं। 2024 में भारत ने अमेरिका को 50 करोड़ डॉलर से अधिक मसाले और करीब 8.3 करोड़ डॉलर की चाय-कॉफी भेजी थी। अमेरिका द्वारा खरीदे गए कुल काजू में लगभग 20% भारत से गया था।

किन उत्पादों को राहत नहीं?

टैरिफ कटौती के बावजूद भारत के कई प्रमुख निर्यात इससे बाहर रखे गए हैं।

झींगा, समुद्री उत्पाद, बासमती चावल, भारतीय रत्न व आभूषण, कपड़ा उत्पाद (इन पर अब भी 50% शुल्क)। अमेरिका का तर्क है कि बड़ा व्यापार समझौता तभी आगे बढ़ेगा जब भारत रूसी तेल की खरीद में कटौती कर अमेरिकी ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाए।

491 मिलियन डॉलर तक का फायदा!

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 50 तरह के प्रोसेस्ड फूड- जिनका पिछले वर्ष का निर्यात 491 मिलियन डॉलर था- इस कटौती के बड़े लाभार्थी होंगे। इनमें कॉफी-चाय के अर्क, फलों के रस, कोको उत्पाद, आम से बनी वस्तुएं और प्लांट वैक्स शामिल हैं। इसके साथ ही 359 मिलियन डॉलर के मसाले भी राहत पाने वालों में हैं।

फलों और मेवों की लगभग 48 किस्में- नारियल, अमरूद, आम, काजू, केला, सुपारी और अनानास- भी फायदा उठाएंगी, भले ही इनका कुल निर्यात केवल 55 मिलियन डॉलर था। नई सूची भारत के कुल 5.7 बिलियन डॉलर के कृषि निर्यात का लगभग 20% और देश के 86 बिलियन डॉलर के कुल वस्तु निर्यात का 40% हिस्से को प्रभावित करती है।

अमेरिका में बढ़ती महंगाई- ट्रंप पर बढ़ा दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राजनीतिक दबाव का नतीजा है। अमेरिका में महंगाई लगातार बढ़ रही है, और हाल ही के उपचुनावों में रिपब्लिकनों को मिली हार के बाद ट्रंप प्रशासन पर कड़ा संदेश देने का दबाव बढ़ गया था। ट्रंप ने जनता के गुस्से को शांत करने के लिए 2,000 डॉलर के राहत चेक और मांस प्रोसेसिंग उद्योग की जांच का भी ऐलान किया है।

हालांकि ट्रंप का दावा है कि उनके टैरिफ नियमों ने घरेलू खर्च नहीं बढ़ाया, लेकिन उद्योग समूहों और अर्थशास्त्रियों ने शुल्क कम करने के फैसले की सराहना की है। दूसरी ओर आलोचक इस बात पर कटाक्ष कर रहे हैं कि जब आम अमेरिकी महंगाई से जूझ रहा है, तब राष्ट्रपति ने मार-ए-लागो में गैट्सबी थीम वाली आलीशान पार्टी रखी और व्हाइट हाउस से भी बड़ा बॉलरूम बनवाने की तैयारी की।

Heart Attack: बढ़ते प्रदूषण से क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह

0

नेशनल डेस्क: दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक ज़ोन में बना हुआ है। सर्दियों में हवा भारी हो जाने और ठंड के कारण धुंध नीचे जम जाती है, जिससे प्रदूषित कण वातावरण में लंबे समय तक तैरते रहते हैं। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ता है खासकर दिल पर। बढ़ते पॉल्यूशन की वजह से सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी के अलावा हार्ट अटैक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।

कैसे बढ़ता है दिल का खतरा?
हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे बेहद महीन कण फेफड़ों से होते हुए सीधे रक्त प्रवाह में पहुंच जाते हैं। ये कण ब्लड वेसल्स की अंदरूनी दीवारों में सूजन पैदा करते हैं, जिससे नसें सिकुड़ने लगती हैं और खून का बहाव बाधित होता है। इसके कारण—

दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है
➤ ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
➤ शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है
➤ हार्ट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं
जो लोग पहले से हार्ट, अस्थमा, डायबिटीज या हाई बीपी के मरीज हैं, उनके लिए प्रदूषण के दिन और अधिक खतरनाक साबित होते हैं।

डॉक्टर का चेतावनी भरा बयान
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि प्रदूषित हवा में मौजूद जहरीले तत्व ब्लड वेसल्स को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं। इससे खून गाढ़ा होने लगता है और प्लेटलेट्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं। यही स्थिति आगे चलकर अचानक ब्लॉकेज और हार्ट अटैक की वजह बन सकती है।

किन लक्षणों को हल्के में न लें?
प्रदूषण के दिनों में अगर ये संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है—
➤ छाती में दर्द या भारीपन
➤ अचानक सांस चढ़ना
➤ बेचैनी
➤ कंधे, जबड़े या बांह में दर्द
➤ चक्कर आना
➤ अनियमित या तेज धड़कन
➤ अत्यधिक थकान
हार्ट मरीजों की हालत इन दिनों और बिगड़ सकती है, इसलिए किसी भी लक्षण की अनदेखी खतरनाक हो सकती है।

प्रदूषण के दौरान हार्ट को सुरक्षित कैसे रखें?
दिल की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ कुछ महत्वपूर्ण उपाय बताते हैं—
➤ बाहर निकलते समय N95 मास्क जरूर पहनें
➤ सुबह और शाम जब स्मॉग ज्यादा हो, उस समय वॉक/व्यायाम से बचें
➤ घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें
➤ ज्यादा पानी पिएं ताकि शरीर डिटॉक्स होता रहे
➤ सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार लें
➤ ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें
➤ धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें
➤ किसी भी लक्षण पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें

Gold Rate: सोने की कीमतों में 8,000 रुपये तक की गिरावट, क्या आगे और घटेंगे दाम या बढ़ेंगे?

0

नेशनल डेस्कः बीते कुछ दिनों से सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि इसका भाव अभी बढ़ेगा या घटेगा। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह चिंता का विषय है जो घर में शादी-ब्याह या अन्य बड़े आयोजन की तैयारी कर रहे हैं और सोने की खरीदारी का इंतजार कर रहे हैं।

पिछले कारोबार के दिन सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 3,351 रुपये यानी 2.64 फीसदी तक लुढ़क गई। सोना अपने उच्च स्तर से लगभग 8,000 रुपये तक सस्ता हो गया है। 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाले सोने का भाव 1,23,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि इसका उच्च मूल्य 1,32,294 रुपये था। यानी सोना अब तक 8,894 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। चांदी की कीमत में भी गिरावट देखी गई। यह अपने ऑल टाइम हाई 1,70,415 रुपये से 14,885 रुपये कम होकर 1,55,530 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

बीते 20 दिनों में सोने की कीमत

बीते 20 दिनों में सोने की कीमत 1,30,624 रुपये से घटकर 1,23,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस गिरावट में कोई बड़ी कमजोरी नहीं है। यह केवल टेक्निकल करेक्शन का हिस्सा है और लगातार बढ़ रही कीमतों में ठहराव माना जा रहा है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि हालिया गिरावट सोने के मजबूत ट्रेंड का संकेत है। घरेलू और वैश्विक चार्ट्स अभी भी बढ़ते पैटर्न के तहत हैं, जो दिखाता है कि बीच-बीच में गिरावट के बावजूद सोने की अंदरूनी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

आने वाले दिनों में सोने की कीमतें

विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने का पहला बड़ा सपोर्ट 1,21,800 रुपये है। इसके नीचे अगले सपोर्ट 1,19,250 रुपये से 1,17,600 रुपये के बीच हैं। फिलहाल सोना अपने तत्काल सपोर्ट से ऊपर बना हुआ है। मौजूदा दौर में एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1,25,000 से 1,27,000 रुपये के बीच रह सकती है, जबकि भारत में यह 1,30,000 रुपये से ऊपर जा सकती है।

Bullet Train: भारत में जल्द दौड़ेगी बुलेट ट्रेन! PM मोदी ने सूरत स्टेशन का किया निरीक्षण, MAHSR प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट

0

नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जल्द ही जुड़ने वाला है। जिस बुलेट ट्रेन की चर्चा पिछले कई सालों से हो रही थी, वह अब ज़मीन पर उतरने के लिए तैयार है। देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) पर काम बहुत तेज़ी से चल रहा है।

पीएम मोदी ने किया सूरत स्टेशन का निरीक्षण
बिहार चुनाव में शानदार जीत के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के निर्माण कार्य का जायजा लिया और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की। पीएम मोदी ने पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

प्रोजेक्ट की खासियत और प्रगति:
➤ कुल लंबाई: यह कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है।
➤ इंजीनियरिंग का कमाल: इस प्रोजेक्ट को अंतर्राष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से पूरा किया जा रहा है।
➤ पुलों पर हिस्सा: कॉरिडोर का 465 किलोमीटर का हिस्सा पुलों (वायडक्ट) पर बनाया जा रहा है, जो पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 85% है।
➤ काम की रफ्तार: अभी तक 326 किलोमीटर के हिस्से पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
➤ नदी पुल: रूट पर कुल 25 नदी पुलों का निर्माण होना है, जिनमें से 17 पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

बुलेट ट्रेन का रूट और राज्यों में हिस्सा:
यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तीन मुख्य क्षेत्रों को कवर करेगा:
➤ गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली: 352 किलोमीटर का हिस्सा।
➤ महाराष्ट्र: 156 किलोमीटर का हिस्सा।
➤ यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

सफर होगा आसान, समय बचेगा:
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद, मुंबई से अहमदाबाद के बीच की यात्रा का समय वर्तमान के कई घंटों से घटकर महज 2 घंटे रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा, बल्कि उन्हें बेहद आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।

क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा:
यह प्रोजेक्ट देश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। उम्मीद है कि इस पूरे कॉरिडोर से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

 

Blood Group: इन ब्लड ग्रुप वालों को है बीमारियों का अधिक खतरा, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

0

नेशनल डेस्कः क्या आप जानते हैं कि आपका रक्त समूह (Blood Group) न केवल यह तय करता है कि आप किसे रक्तदान कर सकते हैं या किससे रक्त प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि यह आपके समग्र स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ा होता है? विशेषज्ञों का कहना है कि हमारा रक्त समूह विभिन्न बीमारियों के प्रति हमारी संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकता है।

पोषण विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक डॉ. शेल्डन ज़ब्लो बताते हैं कि व्यक्ति का रक्त समूह उसकी कई शारीरिक प्रवृत्तियों और रोगों के खतरे को निर्धारित करता है। उनका कहना है, “रक्त समूह के आधार पर किसी व्यक्ति में अलग-अलग बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।”

हृदय रोग का खतरा

डॉ. ज़ब्लो के अनुसार, रक्त समूह AB और B वाले लोगों में हृदय रोग की संभावना अधिक होती है। इसका कारण है, शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल और प्रोटीन की अधिक मात्रा, जो रक्त के थक्के बनने से जुड़ी होती है। वहीं, रक्त समूह O वाले व्यक्तियों में हृदय संबंधी समस्याएँ अपेक्षाकृत कम पाई जाती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लोग प्रदूषित वातावरण से दूर रहें, घर के अंदर व्यायाम करें, हृदय के लिए संतुलित आहार लें, धूम्रपान से बचें और नियमित रूप से हृदय की जांच करवाएँ।

पेट के अल्सर का जोखिम

हालाँकि O रक्त समूह वाले लोग हृदय के मामले में कुछ हद तक सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन इन्हें पेट के अल्सर का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा, A रक्त समूह वाले व्यक्तियों में पेट के कैंसर का खतरा ज़्यादा देखा गया है। स्वस्थ रहने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आहार में साबुत अनाज, मछली, फल और सब्ज़ियाँ शामिल करें, नियमित रूप से कम से कम 40 मिनट व्यायाम करें और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।

दृष्टि क्षीणता और स्मृति हानि

AB रक्त समूह वाले लोगों में उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि कमजोर होने की समस्या विकसित हो सकती है। इसके अलावा, रक्त में प्रोटीन असंतुलन के कारण इन लोगों में स्मृति हानि (Memory Loss) की संभावना भी बढ़ जाती है।

रक्त का थक्का जमना और स्ट्रोक का खतरा

A और B रक्त समूह वाले व्यक्तियों में रक्त का थक्का जमने की समस्या अधिक देखी जाती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

तनाव और मानसिक स्वास्थ्य

यदि आपका रक्त समूह A है, तो तनाव प्रबंधन आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डॉ. ज़ब्लो के अनुसार, इस समूह वाले लोग तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का अधिक स्राव करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति बनाए रखने के लिए, नियमित व्यायाम करें और हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद अवश्य लें।

राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा की बड़ी मांग, बिहार चुनाव दोबारा कराए जाएं, चुनाव आयोग की वजह से जीती BJP

0

इंदौर (सचिन बहरानी): नेता विपक्ष राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा ने एक बड़ी मांग कर डाली है। वाड्रा ने बिहार  में हुए चुनाव को दोबारा से कराने की मांग कर दी है। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को घेरा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता चुनाव परिणामों से खुश नहीं है।

दोबारा से चुनाव हुए तो रिजल्ट जरुर पलटेगा-राबर्ट वाड्रा

 

PunjabKesari

जो भी नतीजे आए हैं वो चुनाव आयोग के कारण हुआ है।  चुनाव आयोग की मदद से ही ऐसे परिणाम आए हैं। इन रिजल्ट से कोई भी सहमत नहीं है । वाड्रा ने दावा किया है कि दोबारा से चुनाव हुए तो रिजल्ट जरुर पलटेगा। इसके लिए राहुल गांधी से सभी युवा जुड़ेंगे और लोकतंत्र के लिए आंदोलन करेंगे। देश को बदलाव चाहिए, जो भी गलत यह सरकार कर रही हैं वो आज के युवा को पसंद नहीं, इसके लिए हम लड़ेंगे।

17 नवम्बर को उज्जैन, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन और नर्मदा स्नान करेंगे वाड्रा

आपको बता दें कि  रॉबर्ट वाड्रा दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। रविवार शाम को वो इंदौर के देवी अहिल्या होलकर हवाई अड्डे पर पहुँचे, जहां से सीधे खजराना गणेश मंदिर में दर्शन करेंगे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वो उज्जैन आते हैं , मेरा भरोसा हैं कि शिव की शक्ति मिलती हैं ।  मेरा धार्मिक दौरा पूरे देश में होता हैं और यही से शुरू होता है ।