Wednesday, April 8, 2026
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Cholesterol Alert: सावधान! अगर आपको दिख रहे हैं ये लक्षण, तो बढ़ सकता है बैड कोलेस्ट्रॉल, तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क

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नेशनल डेस्कः हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं, गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL)। जहां गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए फायदेमंद होता है, वहीं बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने के संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर राहुल भार्गव के अनुसार, शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने के सात प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं। जिनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 

स्किन पर पीली परत जमना: चेहरे, आंखों के आस-पास या कानों के पास त्वचा पर पीली-पीली परत जमने लगती है। यह बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का साफ संकेत है।

 

बार-बार थकान महसूस होना: यदि बिना किसी भारी काम के भी व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का लक्षण हो सकता है।

 

सांस फूलना: सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा चलने पर भी सांस फूलना, शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का संकेत देता है।

 

छाती में दर्द: बार-बार या हल्का-हल्का सीने में दर्द महसूस होना इस बात का इशारा है कि शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ रहा है।

 

हाई ब्लड प्रेशर: कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने से हाई बीपी की समस्या हो सकती है, खासकर सर्दियों के मौसम में।

 

हाथ-पैर सुन्न होना: जब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो रक्त प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे हाथों और पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।

 

पैरों में दर्द: शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की अधिकता के कारण पैरों में दर्द और भारीपन की शिकायत भी आम हो जाती है।

 

डॉ. भार्गव सलाह देते हैं कि यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और नियमित रूप से लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाएं। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखा जा सकता है

कानपुर सिपाही की शादी में पहुंची प्रेमिका ने काटा हंगामा,

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कानपुर- सिपाही की शादी में पहुंची प्रेमिका ने काटा हंगामा, चोरी छिपे दूसरी जगह शादी कर रहा था सिपाही, सिपाही ने शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म-युवती, फेसबुक पर सिपाही सचिन से हुई थी दोस्ती-युवती , सूचना पर युवती ने गेस्ट हाउस में काटा हंगामा

आरोपी सिपाही और परिजन नहीं पहुंचे गेस्ट हाउस,, सिपाही के ऊपर अकबरपुर थाने में पहले से केस दर्ज , कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में होने जा रही थी शादी

अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, 19 ठिकानों पर की थी रेड

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नेशनल डेस्क: दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी धमाके के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर मेंबर जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) केस में दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। धमाके के आरोपियों का कनेक्शन इस यूनिवर्सिटी से मिलने के बाद से संस्थान पहले ही जांच के घेरे में था।

 

19 ठिकानों पर ED की एक साथ छापेमारी, 48 लाख कैश बरामद

गिरफ्तारी के साथ ही ED ने अल फलाह ग्रुप से जुड़े 19 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने

 

कई महत्वपूर्ण दस्तावेज,

डिजिटल डिवाइस, और

लगभग 48 लाख रुपये कैश बरामद किए।

जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट के फंड को गलत तरीके से परिवार की कंपनियों में ट्रांसफर किया जा रहा था।

 

ED की जांच में यूनिवर्सिटी के कई दावे झूठे निकले

ED की कार्रवाई दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की दो FIR पर आधारित है। FIR में आरोप है कि फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी ने छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के लिए कई फर्जी दावे किए।

 

यूनिवर्सिटी ने NAAC की मान्यता होने का दावा किया, जबकि यह झूठ निकला।

उसने खुद को UGC Act की धारा 12(B) के तहत रजिस्टर्ड बताया, लेकिन UGC ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय ने कभी आवेदन तक नहीं किया और यह केवल धारा 2(f) के तहत मान्यता प्राप्त है।

इन झूठे दावों का इस्तेमाल कर छात्रों से आर्थिक फायदा उठाया गया।

 

शेल कंपनियों के ज़रिए पैसा घुमाया गया

ED की प्राथमिक जांच में सामने आया कि:

 

अल-फलह चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 1995 में हुई और शुरू से इसका पूरा नियंत्रण जवाद सिद्दीकी के पास था।

कंस्ट्रक्शन, कैटरिंग और अन्य सेवाओं के कॉन्ट्रैक्ट सीधे उनकी पत्नी और बच्चों की कंपनियों को दिए गए।

कई शेल कंपनियों का निर्माण किया गया ताकि ट्रस्ट का पैसा घुमाकर निजी कंपनियों में स्थानांतरित किया जा सके।

ग्रुप ने वित्तीय रूप से तेजी से बढ़ोतरी दिखाई, लेकिन यह बढ़ोतरी असली आय से मेल नहीं खाती थी

कौन-कौन लौट रहा भारत…? अमेरिका ने 200 भारतीयों को किया डिपोर्ट, गैंगस्टर बिश्नोई भी फ्लाइट में आएंगे

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नेशनल डेस्क: अमेरिका ने एक बार फिर सख्त इमिग्रेशन नीति के तहत बड़ा कदम उठाते हुए 200 भारतीयों को डिपोर्ट कर दिया है। इनमें गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई, पंजाब के दो और वांटेड अपराधी तथा 197 अवैध प्रवासी शामिल हैं। ये सभी लोग अमेरिका से विशेष विमान के जरिए भारत लौटा रहे हैं, और यह फ्लाइट कल सुबह 10 बजे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। यह कदम ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी 200 से अधिक भारतीयों को अमेरिका वापस भेज चुका है।

 

डंकी रूट से पहुंचे थे कई लोग

डिपोर्ट किए गए ज्यादातर लोग पंजाब के रहने वाले बताए जाते हैं। इन्हें पहले अमृतसर में उतारा गया था, जहां से इन्हें बसों के जरिए घर भेजा गया था। दोष यह था कि- कई लोगों ने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया, कुछ ने वीजा ओवरस्टे किया, और अधिकांश ने कथित तौर पर “डंकी रूट” यानी कनाडा के रास्ते अवैध प्रवेश की कोशिश की।

 

सैंकड़ों भारतीय पहले ही हो चुके हैं डिपोर्ट

ट्रंप ने चुनावी वादों के तहत अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई शुरू की थी। जनवरी 2025 से मई तक, अमेरिका सैंकड़ों भारतीयों को डिपोर्ट कर चुका है। भारत सरकार ने इस अभियान में सहयोग का आश्वासन दिया है, लेकिन साथ ही वेरिफिकेशन प्रक्रिया को अनिवार्य बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में कहा था कि “भारत अवैध रूप से रहने वालों को वापस लेने को तैयार है।”

 

अनमोल बिश्नोई की वापसी- इंटरनेशनल गैंग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

डिपोर्ट किए गए लोगों की सूची में सबसे चर्चित नाम है-अनमोल बिश्नोई, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई। उसे अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। उस पर आरोप हैं-

 

बाबा सिद्दीकी और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में संलिप्तता

सलमान खान के घर हमले की साजिश

देशभर में कई आपराधिक मामले दर्ज

 

लखनऊ उत्तर प्रदेश के नाम एक और बड़ी उपलब्धि ,

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लखनऊ- उत्तर प्रदेश के नाम एक और बड़ी उपलब्धि , जल संक्षरण,जल संचय में CM की नीति रंग लायी, 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में यूपी ने मारी बाजी, उत्तरी क्षेत्र में पहला दूसरा और तीसरा मिला, पहला स्थान मिरजापुर,दूसरा जालौन जिले को मिला, तीसरा स्थान पर वाराणसी ने कब्जा किया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया पुरस्कार, जल संचय जन भागीदारी में गोरखपुर का नाम, टॉप 10 नगर निगम में गोरखपुर को तीसरा स्थान

Gold Price Today: महंगा या सस्ता हुआ सोना? जानें क्या है आपके शहर में आज 10 ग्राम गोल्ड का लेटेस्ट रेट

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नेशनल डेस्क: शादी-ब्याह का सीजन अपने चरम पर है और ऐसे में गहनों की खरीदारी करने वालों के लिए आज का दिन खास है। 18 नवंबर को सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशक और खरीदार दोनों राहत महसूस कर रहे हैं।

 

सोने के दाम में गिरावट

आज 24 कैरट सोने के दाम में 1,740 रुपये की कमी आई है। इसके बाद 10 ग्राम 24 कैरट सोना 1,23,660 रुपये में उपलब्ध है। वहीं, 22 कैरट सोने के दाम में 1,600 रुपये की गिरावट हुई है और आज इसका भाव 10 ग्राम 1,13,350 रुपये हो गया है। 18 कैरट सोने का भाव 1,310 रुपये गिरकर 92,740 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

 

चांदी के दाम भी घटे

सोने की तरह ही चांदी के दाम में भी गिरावट देखी गई है। 1 किलो चांदी की कीमत में 5,000 रुपये की कमी हुई है। अब चांदी का भाव 1,62,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इस गिरावट के साथ यह समय चांदी खरीदने के लिए सबसे सही माना जा रहा है।

 

प्रमुख शहरों में आज के सोने के भाव

चेन्नई: 24 कैरट – 12,437 / 22 कैरट – 11,400 / 18 कैरट – 9,510

मुंबई: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

दिल्ली: 24 कैरट – 12,381 / 22 कैरट – 11,350 / 18 कैरट – 9,291

कोलकाता: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

बेंगलुरु: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

हैदराबाद: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

केरल: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

पुणे: 24 कैरट – 12,366 / 22 कैरट – 11,335 / 18 कैरट – 9,274

अहमदाबाद: 24 कैरट – 12,371 / 22 कैरट – 11,340 / 18 कैरट – 9,281

सऊदी उमरा हादसे में 44 भारतीयों की मौत बाद जेद्दा मिशन अलर्ट, भारत ने खोला आपात शिविर

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International Desk जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सऊदी अरब में बस दुर्घटना में मारे गए भारतीय उमरा जायरीनों के परिवारों की सहायता के लिए मदीना में एक शिविर कार्यालय स्थापित किया है। मिशन की तरफ से मंगलवार को यह जानकारी दी गयी। सोमवार तड़के मदीना के निकट एक बस और ईंधन टैंकर के बीच हुई टक्कर में उमरा के लिये गए 44 भारतीय मारे गए, जिनमें 42 तेलंगाना के थे। स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक भारतीय जीवित बचा है और उसका इलाज जारी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट में वाणिज्य दूतावास ने कहा कि उसने दुर्घटना में मारे गए भारतीयों के परिवारों की सहायता के लिए मदीना स्थित भारतीय हज यात्री कार्यालय में शिविर कार्यालय स्थापित किया है।

 

 

 

एक अलग पोस्ट में मिशन ने कहा कि महावाणिज्य दूत फहद अहमद खान सूरी ने दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति अब्दुल शोएब मोहम्मद से मुलाकात की, जिनका फिलहाल मदीना के एक अस्पताल में इलाज जारी है। इसमें कहा गया, “संबंधित अस्पताल अधिकारियों ने सूचित किया है कि उन्हें (अब्दुल को) सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। वाणिज्य दूतावास उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।”

 

 

 

इस बीच, ईरान ने सऊदी अरब में सड़क दुर्घटना में मारे गए भारतीय तीर्थयात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की तथा भारत की जनता और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त की। प्रवक्ता ने “मृतकों के लिए मगफिरत की दुआ (उनके गुनाहों को माफ करने की दुआ) तथा घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की।”

ढाई साल के मासूम को ऐसी बीमारी, जिसका इलाज 9 करोड़ में, मां-बाप ने MP की महिलाओं से मांगे 10-10 रुपए

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इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर में कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक मार्मिक मामला सामने आया, जब राजगढ़–ब्यावरा निवासी मां सारिका शर्मा अपनी ढाई साल की मासूम बेटी अनिका के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचीं। बच्ची SMA टाइप–2 (Spinal Muscular Atrophy) जैसी बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसका इलाज भारत में संभव नहीं है। इसका उपचार अमेरिका में होता है और इसके लिए लगभग 9 करोड़ रुपए की आवश्यकता है।

 

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महिला ने जनसुनवाई में रोते हुए कहा, कि अगर हर लाड़ली बहन सिर्फ 10 रुपए दे दे, तो मेरी बच्ची की जान बच सकती है। उनकी यह गुहार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जिसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस गंभीर मामले को प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रशासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं और शहर के नागरिकों से संपर्क कर बच्ची के इलाज के लिए राशि जुटाने का प्रयास किया जाए। कलेक्टर ने शहरवासियों से भी आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि मासूम अनिका को समय रहते इलाज मिल सके।

दिल्ली एम्स में जारी है प्राथमिक इलाज

मासूम अनिका का फिलहाल इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है, लेकिन आगे का उपचार ना मिलने पर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। पिछले कई महीनों से परिवार हर दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है।

शराब के साथ चखना खाने का चलन कब से हुआ शुरू, जानें क्या है इसका इतिहास

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नेशनल डेस्क : भारत में शराब पीने की संस्कृति में ‘चखना’ का स्थान इतना अटूट हो चुका है कि बिना इसके शराब का मजा ही अधूरा लगता है। मूंगफली हो या कबाब, चिप्स हो या तंदूरी चिकन हर घूंट के साथ कुछ न कुछ चबाना अब हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह परंपरा नई नहीं, बल्कि सदियों पुरानी है?

 

प्राचीन सभ्यताओं से चली आ रही परंपरा

दुनिया की लगभग हर सभ्यता में शराब के साथ कुछ न कुछ खाने की परंपरा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि भोजन शराब की तीक्ष्णता को कम करता है, पाचन में मदद करता है और पीने का अनुभव लंबा व मजेदार बनाता है।

 

न्यू ऑरलियंस से मिली प्रेरणा

1930 के दशक में अमेरिका के न्यू ऑरलियंस शहर के बार मालिकों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। वे हर ड्रिंक के साथ मुफ्त में एक प्लेट भोजन परोसते थे। उनका मानना था कि जितना भारी भोजन होगा, ग्राहक उतनी ही ज्यादा शराब आराम से पी पाएगा। यही विचार धीरे-धीरे दुनिया भर में फैला और भारत में भी चखना संस्कृति को मजबूती मिली।

 

मुगल दरबारों का शाही चखना

मुगल काल में शराब के साथ बेहद शानदार व्यंजन परोसे जाते थे। खजूर, खुबानी, अंजीर, बादाम, पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स के साथ भुना हुआ मांस और विभिन्न प्रकार के कबाब शाही दावतों का हिस्सा होते थे। यह परंपरा आज भी उत्तर भारत के कई इलाकों में कबाब और तंदूरी व्यंजनों के रूप में जीवित है।

 

क्षेत्रीय स्वाद, अलग-अलग चखना

भारत के अलग-अलग हिस्सों में चखना भी स्थानीय स्वाद के अनुसार बदलता रहा:

 

महाराष्ट्र में मूंगफली और उबले अंडे सबसे लोकप्रिय रहे।

 

पंजाब में तंदूरी चिकन, पनीर टिक्का और सीख कबाब का बोलबाला है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में स्मोक्ड पोर्क और अन्य स्मोक्ड मीट पसंद किए जाते हैं।

 

महानगरों में आजकल पिज्जा, मोमोज, चाइनीज मंचूरियन और फ्राइड आइटम्स ने जगह बना ली है।

 

1970-90 का दौर: मूंगफली-अंडे का जलवा

सत्तर और नब्बे के दशक में पूरे देश में सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने के कारण मूंगफली और उबले अंडे चखने के रूप में छा गए। दिलचस्प बात यह है कि मूंगफली में विटामिन बी9 (फोलेट) प्रचुर मात्रा में होता है, जो शराब के नशे को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है। आज भी चखना शराब का सबसे अच्छा साथी बना हुआ है। चाहे घर पर पार्टी हो या बार में बैठकी, बिना चखने के मजा अधूरा ही रहता है। अगली बार जब आप ग्लास उठाएं तो याद रखिए यह सिर्फ स्नैक्स नहीं, सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है।

Big Breaking: लारैंस गैंग पर शिकंजा: अनमोल बिश्नोई भारत की गिरफ्त में

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पंजाब डैस्क : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के सगे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका की हिरासत से भारत लाया जा रहा है। अनमोल लंबे समय से भारत की कई एजेंसियों को वांटेड था और विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में थी। सूत्रों के अनुसार, अनमोल बिश्नोई को पहले अमेरिका में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने पर उसे यूके के जरिए भारत भेजा जा रहा है। माना जा रहा है कि उसे कल तक भारत लाया जा सकता है, जिसके बाद उससे कई बड़े मामलों में पूछताछ होने की उम्मीद है।

मूसेवाला मर्डर केस का अहम किरदार

पंजाब में हड़कंप मचाने वाले मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई को मुख्य साज़िशकर्ताओं में शामिल था। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या की प्लानिंग में अनमोल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी और वह कई हमलावरों के संपर्क में था।

सलमान खान को धमकी देने में भी नाम आया

इतना ही नहीं, बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को धमकी भरे ईमेल और संदेश भेजने के मामले में भी अनमोल बिश्नोई वांटेड है। इस धमकी के बाद मुंबई पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सितारे की सुरक्षा बढ़ा दी थी। वहीं महाराष्ट्र में हुए चर्चित बाबा सिद्दिकी हत्याकांड में भी अनमोल बिश्नोई की संलिप्तता सामने आई थी।

अनमोल बिश्नोई पर आरोप है कि वह विदेश में बैठकर अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट को भी चला रहा था। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गैंग के कई बड़े राज़ सामने आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारत लौटते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसियाँ उससे कई संवेदनशील मामलों में पूछताछ करेंगी। सुरक्षा एजेंसियाँ मान रही हैं कि अनमोल के भारत आने से न सिर्फ बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर विराम लगेगा, बल्कि कई हाई-प्रोफाइल मामलों की परतें भी खुल सकती हैं।