जालौन- मामूली विवाद के बाद चली गोली, घटना के बाद इलाके में मचा हड़कंप, गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी का घर घेरा,, सूचना पर पहुंची पुलिस और अधिकारी, पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार, रामपुरा थाना नगर क्षेत्र की घटना
बिहार- मोतिहारी विधानसभा में सीएम योगी की जनसभा, बिहार चुनाव में लगातार प्रचार कर रहे CM योगी, लगातार भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा, मोतिहारी की पावन धरा को नमन करता हूं- सीएम, पहले चरण में बिहार ने साबित कर दिया है- सीएम, रुझान बता रहे हैं बिहार में लालटेन की जगह नहीं, लालटेन की धुंधली रोशनी में अपराध नहीं होगा- सीएम, NDA सरकार की LED रोशनी से जगमगाएगा बिहार-CM, बिहार ने नालंदा विवि, आर्यभट्ट दिया- सीएम योगी, बिहार में साक्षरता में कमी के दोषी RJD, कांग्रेस- सीएम, RJD, कांग्रेस ने स्वार्थ के चलते विकास नहीं किया- CM, कांग्रेस-RJD के लोगों की दलाली से नौजवान निराश हुए, एनडीए सरकार में सुशासन की आधारशीला- सीएम योगी, अब बिहार में इनलैंड वॉटरवे, मेट्रो कनेक्टिविटी है- सीएम, अगर अपराधी जीतेगा तो निवेश भागेगा- सीएम योगी, यूपी में अपराधियों के लिए बुलडोजर खड़े किए हैं- सीएम, यूपी में माफियाओं की छाती पर धड़धड़ाता है बुलडोजर- CM, यूपी में बुलडोजर चलने से माफिया की हड्डी-पसली एक- CM, यूपी में माफिया पस्त, युवा रोजगार मिलने से मस्त हैं- सीएम.आज अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार है- सीएम योगी, सपा ने रामभक्तों पर अयोध्या में गोलियां चलवाईं- CM योगी
————————————–
लखनऊ – सिर्फ आधार कार्ड से वोटर नहीं बन सकेंगे, चुनाव आयोग ने सभी डीएम को भेजे निर्देश, वोटर बनने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जरूरी, 2003 की सूची में नाम नहीं तो अन्य दस्तावेज जरूरी
औरैया। मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी की दिशा में लगातार नए आयाम गढ़ रहा है। अब मेडिकल कॉलेज में पहली बार छह साल की बच्ची नेहा को एचएलएच (हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस) बीमारी से निजात दिलाई है। एक माह पहले जांच के दौरान बीमारी की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से ही टीम बच्ची को उपचार दे रही थी।बाल एवं शिशु रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि करीब एक माह पहले अस्पताल में छह साल की नेहा को लेकर तीमारदार आए थे। बच्ची की हालत गंभीर थी। वह लंबे समय से बुखार से ग्रसित थी। उसका कई जगह इलाज भी हो चुका था फिर भी सेहत में सुधार नहीं हो रहा था। विस्तृत जांच में पता चला कि बच्ची के पेट व फेफड़ों में पानी भर गया था। लिवर की कार्यप्रणाली भी खराब थी। प्लेटलेट्स की संख्या भी बहुत कम हो गई थी।
जांचों के आधार पर डॉक्टरों की टीम ने बच्ची में एचएलएच होने की पुष्टि की। बाल एवं शिशु रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम ने विशेष उपचार प्रोटोकॉल में शुरू किया। एक माह तक चले इलाज के बाद बच्ची की स्थिति में सुधार हो गया। बच्ची को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने बताया कि बच्ची का इलाज कर एचएलएच बीमारी से मुक्ति दिलाने के लिए विभाग की स्वास्थ्य टीम का कार्य सराहनीय है। डॉक्टरों की टीम में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नेहा गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर डॉ. रंजीत, डॉ. कर्मदीप सीनियर रेजिडेंट शामिल रहे।
क्या है एचएलएच रोग
विभाग्याध्यक्ष प्रो. डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि एचएलएच एक दुर्लभ और गंभीर रोग है। इसमें शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली अनियंत्रित हो जाती है। अनियंत्रित होने पर यह प्रणाली शरीर के अपने ही अंगों और रक्त कोशिकाओं पर हमला करने लगती है। इसके कारण मल्टी-ऑर्गन डैमेज होता है। यदि समय पर इसका उपचार न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है।