Tuesday, February 17, 2026
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यहां 50 साल से ऊपर कोई नहीं जीता… रहस्यमयी बीमारी ने गांव में मचाई दहशत

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नेशनल डेस्क: बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड में बसे दूधपनिया गांव की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के पीछे एक डरावनी सच्चाई छिपी है। गंगटा पंचायत के इस नक्सल प्रभावित इलाके में ऐसा कोई परिवार नहीं, जिसने अपने किसी सदस्य को 40 की उम्र पार करने के बाद जिंदा देखा हो। यहां लोगों की जिंदगी धीरे-धीरे खत्म होती जाती है-जैसे कोई अदृश्य जहर उनके शरीर में फैल रहा हो।

रहस्यमयी बीमारी का कहर

56 वर्षीय विनोद बेसरा, गांव के सबसे बुजुर्ग लोगों में से एक हैं- और वो भी साल 2019 से बिस्तर पर पड़े हैं। विनोद कहते हैं, “पहले पैरों में दर्द शुरू हुआ, फिर कमर जवाब दे गई… अब शरीर धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहा है।” उनकी पत्नी पूर्णी देवी (43) और बेटी ललिता (27) भी इसी बीमारी की चपेट में हैं। ललिता का चेहरा और शरीर अब उम्र से कई साल बड़ा दिखने लगा है। वर्तमान में छह लोग पूरी तरह से लाचार हैं — जिनमें कमलेश्वरी मुर्मू, छोटा दुर्गा, बड़ा दुर्गा, रेखा देवी और सूर्य नारायण मुर्मू जैसे नाम शामिल हैं. लगभग 25 और ग्रामीण इसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनकी चाल अब लाठी के सहारे चलती है.

मौत की उम्र- सिर्फ 40 साल!

गांववालों के मुताबिक, बीमारी 30 की उम्र में पैरों के दर्द से शुरू होती है, फिर धीरे-धीरे कमर और मांसपेशियों को जकड़ लेती है.
बीते एक साल में ही फुलमनी देवी (40), रमेश मुर्मू (30), मालती देवी (48), सलमा देवी (45), रंगलाल मरांडी (55) और नंदू मुर्मू (50) जैसे कई लोग दम तोड़ चुके हैं.

गांव के लोग मानते हैं कि बीमारी की जड़ दूषित पानी है. पहले वे पहाड़ी झरनों और कुओं का पानी पीते थे, तब यह समस्या नहीं थी. अब सप्लाई किया गया पानी ही उनकी मौत की वजह बन रहा है.

स्वास्थ्य विभाग की जांच शुरू

आज तक की रिपोर्ट के बाद, डॉ. सुभोद कुमार (मेडिकल ऑफिसर, हवेली खड़गपुर) गांव पहुंचे. उन्होंने बताया कि “प्रारंभिक जांच में हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी ज्यादा पाई गई है।” उन्होंने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है और डॉक्टरों की टीम व पानी की जांच की सिफारिश की है। एसडीएम राजीव रोशन ने भी माना कि यह बीमारी संभवतः भूजल और खनिज असंतुलन से जुड़ी हो सकती है।

न नौकरी चाहिए, न मुआवज़ा, बस साफ पानी और इलाज

दूधपनिया के लोग जंगल से लकड़ी और झाड़ू बेचकर गुजर-बसर करते हैं. बिजली और सड़क तो मिली, लेकिन रोजगार और चिकित्सा सुविधाएं अब भी दूर हैं। गांववाले अब बस एक ही गुहार लगा रहे हैं- “हमें काम नहीं चाहिए, बस साफ पानी दो… ताकि हमारे बच्चे ज़िंदा रह सकें।”

मौत का गांव या सरकारी लापरवाही का आईना?

दूधपनिया गांव की कहानी सिर्फ एक बीमारी की नहीं, बल्कि सिस्टम की चुप्पी की है. जहां हर घर में कोई न कोई बीमार है, वहां ज़िंदगी अब एक धीमी मौत का इंतज़ार बन चुकी है.

हाईकोर्ट ने कहा: ‘पत्नी शिक्षित है और वह कमा सकती है, इस आधार पर भरण-पोषण के दावे को खारिज नहीं कर सकते’

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Allahabad High Court News : तलाक के बाद पत्नी और बच्ची के भरण पोषण के लिए हर माह 40 हजार रुपये देने का आदेश कानपुर की फेमिली कोर्ट ने दिया है। इस आदेश के खिलाफ पति ने इलाहाबाद कोर्ट में याचिका दायर की थी। पति का तर्क था कि पत्नी शिक्षित है और वह कमा सकती है। कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार करते हुए परिवार न्यायालय के फैसले पर मुहर लगा दी।

The claim for maintenance cannot be rejected on the ground that the wife is educated and can earn.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पत्नी शिक्षित है और वह कमा सकती है के आधार पर भरण-पोषण के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मदनपाल सिंह की एकलपीठ ने परिवार न्यायालय के पत्नी के पक्ष में 40 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के आदेश को चुनौती देने वाली कानपुर नगर निवासी गौरव गुप्ता की अर्जी खारिज कर दी।

10 अक्तूबर 2018 को गौरव की शादी रितिका से हुई थी। उन्हें एक बेटी हुई। कुछ दिन बाद पति-पत्नी में विवाद हो गया। पति ने तलाक के लिए परिवार न्यायालय में अर्जी दाखिल कर दी। वहीं, पत्नी ने 14 फरवरी 2022 को भरण-पोषण की मांग कर आवेदन दाखिल किया। परिवार न्यायालय ने आठ अक्तूबर 2024 को पत्नी के लिए 20 हजार व बेटी के लिए 20 हजार रुपये भरण-पोषण का आदेश दिया। इस फैसले के गौरव ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि भरण-पोषण की राशि ज्यादा है। उनका वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह है। पत्नी पढ़ी लिखी है और उनके पास इंटीरियर डिजाइनिंग की डिग्री है। शादी से पहले और बेटी के जन्म तक वह काम कर रही थी और अच्छा खासा पैसा कमा रही थी। हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही पत्नी अत्यधिक योग्य है, लेकिन वह वर्तमान में बच्चे की देखभाल के कारण काम करने में असमर्थ है। कोर्ट ने यह भी पाया कि पति ने अपनी आय छिपाई है। उसके पास पत्नी और बच्ची के भरण-पोषण के पर्याप्त साधन हैं।

कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का भी हवाला देते हुए कहा कि एक सक्षम, स्वस्थ युवक को पत्नी और बच्चों के लिए पर्याप्त कमाई करने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में कोर्ट ने परिवार न्यायालय के 40 हजार रुपये प्रति माह भरण-पोषण की राशि का फैसला बरकरार रखते हुए अर्जी खारिज कर दी।

Karwa Chauth 2025: देश के राजनीतिक दिग्गजों ने मनाया करवा चौथ,अर्घ्य देकर पूरा हुआ सुहागिनों का व्रत

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “भारतीय संस्कृति अद्भुत है.महिलाएं सहनशीलता और त्याग का अद्भुत उदाहरण हैं। व्रत रखना और पति की खुशी, स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए प्रार्थना करना सचमुच अद्भुत है…आज मेरे लिए बहुत खुशी की बात है क्योंकि पहले मैं और मेरी पत्नी व्रत तोड़ते थे, लेकिन आज मेरी दोनों बहुओं ने, जो मेरी बेटियों की तरह हैं, करवा चौथ का व्रत रखा इसलिए, यह मेरे लिए ऐतिहासिक और खुशी की बात है.केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना चौहान ने कहा, “मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि यह मेरी बेटियों के साथ मेरा पहला करवा चौथ है.मैं अपनी दोनों बेटियों को आशीर्वाद देती हूं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “बहुत शुभ अवसर है। पूरे देश में बहनें अपने सुहाग के लिए ये व्रत रखती हैं। हमारे देश का ये बहुत बड़ा पर्व है। आज दिल्ली की मेरी सभी बहनों को मेरी ओर से ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।” उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक ने चांद निकलने के बाद अपना करवा चौथ का व्रत तोड़ा।

चांद दिखने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी ने पूजा-अर्चना की और अपना व्रत तोड़ा।भाजपा सांसद मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि तिवारी ने चांद निकलने के बाद अपना करवा चौथ का व्रत खोला।भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और उनकी पत्नी जयलक्ष्मी शर्मा ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर चांद देखने के बाद करवा चौथ की रस्में निभाईं। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “करवा चौथ का त्यौहार पूरे विश्व में सनातनी संस्कृति के अनुयायियों द्वारा मनाया जा रहा है.पूरे प्रदेश की बहनों को मेरी शुभकामनाएं और मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी मनोकामनाएं पूरी हों  कुल मिलाकर राजनीतिक दिग्गजों ने करवा चौथ का त्यौहार पूरे धूमधाम के साथ मनाया और साथ ही देशवासियों को शुभकामनाएं दी

टूर छोड़कर पत्नी प्रियंका चोपड़ा को सरप्राइज देने पहुंचे निक जोनस, न्यूयाॅर्क में देसी गर्ल ने मनाया करवा चौथ

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शुक्रवार के दिन मनोरंजन जगत के सेलेब्स ने धूमधाम से करवा चौथ का त्यौहार मनाया। इस कड़ी में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का नाम भी शामिल रहा, जिन्होंने न्यूयॉर्क में इसे सेलिब्रेट किया है। एक्ट्रेस ने पति निक जोनस संग सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही उन्होंने कैप्शन भी लिखा है। जानिए अभिनेत्री ने क्या कहा।

साझा की खूबसूरत तस्वीरें 
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं। पहली तस्वीर में वो पति निक जोनस संग सेल्फी लेती दिख रही हैं। वहीं दूसरे में उनकी बेटी मालती भी दिख रही है। इसके साथ ही उनके हाथों में मेहंदी लगी हुई दिख रही है। इसके अलावा अन्य तस्वीरों में प्रियंका और निक की बेटी स्केच करती नजर आ रही हैं।

निक जोनस ने प्रियंका को दिया सरप्राइज 
इस पोस्ट को करते हुए प्रियंका चोपड़ा ने कैप्शन दिया है। उन्होंने लिखा, सरप्राइज, निक करवा चौथ के लिए घर आए थे। हर साल जब वो मेरे साथ करवा चौथ मनाने के लिए घर आते हैं, तो मेरी सास एक दिन पहले ही मुझे सरगी भेज देती हैं और मेरी मां विकास खन्ना के हाथ का बना स्वादिष्ट खाना लेकर आती हैं।अपना व्रत तोड़ने के लिए, मेरे सपने इसी से बने थे। मेरे प्यारे चांद होने के लिए शुक्रिया। हमेशा-हमेशा के लिए तुमसे प्यार करता हूं निक जोनस।

प्रियंका चोपड़ा का वर्कफ्रंट
काम की बात करें तो प्रियंका इस समय निर्देशक एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं। यह फिल्म एक जंगल एडवेंचर ड्रामा बताई जा रही है, जिसमें महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। खबरों के मुताबिक, इस फिल्म का पहला पोस्टर नवंबर 2025 में रिलीज किया जाएगा।

Auraiya News: अटसू महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र, उमड़ी भीड़

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अटसू। परंपरा व संस्कृति के संगम बने अटसू महोत्सव में शुक्रवार को सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। कस्बे के मुख्य मैदान में आयोजित महोत्सव में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। हस्तशिल्प, सजावटी सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने और परिधान के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।महोत्सव में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों पर भी भीड़भाड़ रही। शाम होते ही मेला स्थल रोशनी से जगमगा उठा। मेले में सुरक्षा के साथ नगर पंचायत ने साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था भी की। नगर पंचायत अध्यक्ष इंदु पोरवाल के कहा कि महोत्सव न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी आय का बड़ा अवसर साबित हुआ है। मेले में खरीददारी कर रही महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय संस्कृति को जीवंत रखते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। इस महोत्सव का पूरे क्षेत्र में उत्साह है।

दिबियापुर डीएवी पब्लिक स्कूल ने स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में जीते 18 पदक

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दिबियापुर। गेल डीएवी पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने डीएवी राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स बालिका प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने आठ स्वर्ण, सात रजत व तीन कांस्य पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता डीएवी फर्टिलाइजर पब्लिक स्कूल बबराला में छह से आठ अक्तूबर के बीच आयोजित हुई थी। इसमें विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए।एथलेटिक्स अंडर-17 वर्ग की दिया कुमारी ने 200 मीटर व 100 मीटर दौड़ में दो स्वर्ण पदक जीतते हुए सर्वश्रेष्ठ एथलीट का खिताब हासिल किया। अंडर-14 वर्ग की इशिता सिंघल ने 1500 मीटर व 800 मीटर में दो स्वर्ण पदक जीते। अंडर-17 वर्ग की आसमा ने डिस्कस थ्रो में और अंडर-19 वर्ग की एंजेल अर्निम सिंह ने शॉट पुट में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। मिंजा खान को शॉट पुट में रजत पदक मिला। बैडमिंटन में अंडर-17 टीम में शामिल मोही सिंह, हीर पटेल, हिया पटेल, राजकुमारी व आराध्या दास ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि अंडर-14 टीम में शामिल अश्रिता, इलीशा, मेधा व काव्या ने रजत पदक प्राप्त किया।टेबल टेनिस में अंडर-14 वर्ग की रियांशी गर्ग ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। अंडर-14 टीम में शामिल रियांशी, डोयल व आद्या ने रजत और अंडर-17 टीम में शामिल अनिका, जागृति व सुनिष्का ने कांस्य पदक अर्जित किया। अंडर-17 वर्ग की अनिका चौधरी ने व्यक्तिगत रजत पदक प्राप्त किया। योग में भी विद्यालय की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंडर-19 वर्ग की निष्ठा मिश्रा ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 समूह योग टीम में शामिल निष्ठा मिश्रा, वैष्णवी, खुशी सिंह व माधवी सिंह ने कांस्य पदक जीता। अंडर-17 टीम में शामिल अयाति शुक्ला, अनिका पाल, अदिति कुशवाहा व जाह्नवी गुप्ता ने रजत पदक हासिल किया।

रोलर स्केटिंग में अंडर-14 वर्ग की सुमेधा सक्सेना ने 300 मीटर इनलाइन रेस में रजत पदक प्राप्त किया। स्वर्ण और रजत पदक विजेता छात्राओं का चयन डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के लिए किया गया है। यह प्रतियोगिता दिसंबर में होगी। विद्यालय की प्राचार्य दीपा शरण ने कहा बेटियों ने अनुशासन, निष्ठा और कठिन परिश्रम से यह सफलता अर्जित की है।

Auraiya News: बस स्टेशन की सड़क पर एंगल, नहीं निकल पाते वाहन

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दिबियापुर। पीएब्ल्यूडी ने रोडवेज बस स्टेशन की सड़क तो बनवा दी लेकिन वहां एंगल लगा देने से लोगों को परेशानी में डाल दिया। एंगल के कारण आसपास के मोहल्लों के बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहन तक नहीं निकल पा रहे हैंस्थानीय लोगों ने बताया कि एंगल लगाने के साथ ही अभी तक रोड के किनारे मिट्टी तक नहीं डाली गई। इससे आए दिन गाड़ियों को क्रॉस होने में समस्या पैदा हो रही है। लोगों ने जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से इस समस्या का निराकरण करने की मांग की है। एंगल लगने पर रोष जताते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि एंगल लगने से सड़क पर न स्कूली वाहन निकल पा रहे हैं और न बच्चे समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं। रात में वाहन निकलने पर एंगल टकराने का खतरा भी बना हुआ है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि जांच कर समस्या का निराकरण किया जाएगा।

Auraiya News: एक चांद आसमान पर लाखों जमीं पर…

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औरैया। एक चांद आसमान पर लाखों जमीं पर… कुछ ऐसा ही नजारा करवाचौथ की रात छतों पर रहा जब महिलाओं ने दिनभर भूखे-प्यासे रहकर उस आसमान के चांद का दीदार कर अपने चांद की पूजा की। सुबह से निर्जला व्रत रख चांद का इंतजार करतीं सुहागिनों ने सज-संवर कर चंद्र को अर्घ्य दे पति की दीर्घायु व समृद्धि की कामना की। इस मौके पर सुहागिनों ने सोलह-शृंगार कर छलनी से चंद्रमा को निहार कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। वहीं, पति भी पूजा के दौरान पत्नी का सहयोग करते नजर आए।शुक्रवार को करवाचौथ के पर्व को लेकर सुहागिनों में खासा उत्साह था। सुबह से निर्लजा व्रत रखे सुहागिन दिनभर पूजन की तैयारी व सजने संवरने में व्यस्त रही। शाम ढलते ही पूजा की तैयारी में तैयार हुई सुहागिनें चंद्रमा के दीदार का बेसब्री से इंतजार करती दिखीं। 8 बजकर 13 मिनट के बाद चंद्रमा उगते ही करवा से सींक के द्वारा अर्घ्य देकर पूजन किया और छलनी से निहार की पूजा की परंपरा का निर्वाह किया। इस दौरान उन्होंने पति की लंबी आयु व उनकी समृद्धि की कामना की। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखा। ज्यादातर पति भी पत्नी की पूजा के साथ मौजूद रहे।

नवविवाहिताओं में दिखा अपार उत्साह
पहला करवा चौथ व्रत करने वाली नव विवाहिता सुहागिनों में खासा उत्साह नजर आया। पहली बार चंद्र को अर्घ्य देने के लिए उन्होंने सास, जेठानी व सगी संबंधी महिलाओं के साथ पूजा-अर्चना की। इससे पहले उन्होंने सोलह शृंगार किया और दिनभर पूजा की तैयारी में जुटी रहीं।


पतियों ने दिए गिफ्ट और आशीर्वाद
चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद सुहागिनों ने पतियों को रोली चंदन का तिलक लगाकर पूजन अर्चन किया। उन्होंने पति की आरती उतारकर उनकी समृद्धि की कामना की। इस मौके पर पतियों ने पत्नी को जीवनभर साथ निभाने का आशीर्वाद देते हुए गिफ्ट दिए।

अछल्दा गौतला एक गोलीकांड व तीन मुठभेड़, अपराधियों के हौसले बुलंद

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औरैया। 16 दिन पहले अछल्दा में हुए गोलीकांड में पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जंग कर रही है। यह तस्दीक पुलिस व बदमाशों के बीच हुई तीन मुठभेड़ कर रही है। तीन मुठभेड़ में चार आरोपी धरे गए हैं, जिन्होंने पुलिस पर भी फायर झोंका है। वहीं, गोलीकांड में जहां अपराधियों का दुस्साहस साफ-साफ दिखा। जिलाबदर रहते अपराधियों ने वारादात को अंजाम दिया। गोलीकांड में एक जान चली गई तो दूसरा घायल हुआ था। खास बात तो यह है कि इस कांड की साजिश रचने में गैर जनपद में तैनात खाकी वर्दी भी शामिल रही। पकड़े आए अपराधियों ने पूछताछ में यह बात खुद कबूली है। ये पूरा मामला अपराधियों में पुलिस को कोई खौफ न होना बयां कर रहा है।

अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव गौतला में बदमाशों के दो गुटों की तनातनी वैसे तो काफी समय से चली आ रही है। यह तनातनी वर्ष 2024 में दुश्मनी में बदल गई। पुलिस के अनुसार दूसरे गुट के विपिन और उसके दोस्त प्रशांत को रास्ता से हटाने के लिए फिरोजाबाद में तैनात सिपाही कुलदीप ने साजिश रची। 24 सितंबर को घर जाते समय विपिन व प्रशांत पर फायर झोंक दिया। इसमें विपिन घायल हो गया जबकि प्रशांत ने भाग कर जान बचाई, लेकिन आरोपियों ने रात में उसे घर के बाहर उसे उठा लिया। बाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस को उसका शव 26 अक्तूबर को धान के खेत में मिला था। मामले में पुलिस ने रजनीश, रॉकी, सुखानी, राहुल जयकेश, सुखदेव, बलवीर, कुलदीप व अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की और धरपकड़ के लिए दबिश दी। 28 सितंबर मुठभेड़ में पुलिस ने सुखानी को गिरफ्तार कर लिया। 30 सितंबर को मुठभेड़ में गौतम व सुखदेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अपराधियों में पुलिस का खौफ नहीं दिखा। बुधवार रात चेकिंग के दौरान रजनीश ने भी पुलिस पर फायर झोंक दिया जो उनके दुस्साहस को बताता है। जानकार बताते हैं कि इन अपराधियों को सफेदपोश भी संरक्षण देते हैं। चुनावी बयार में इन अपराधियों का सहारा लिया जाता है। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि गोलीकांड में नामजद राहुल ने दो अक्तूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

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हिस्ट्रीशीटर झबरा बना पुलिस की चुनौती
बुधवार को जेल गए आरोपी रजनीश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गोलीकांड में गांव नगला रामधन निवासी गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर प्रदीप यादव उर्फ बबलू झबरा व गांव द्वारिका की मडैया निवासी अनुज यादव शामिल थे। झबरा का नाम प्रकाश में आने के बाद अब वह पुलिस के लिए चुनौती बन गया। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 30 मुकदमे दर्ज हैं।

Auraiya News: सहायल में स्वास्थ्य टीम ने डाला डेरा, जांच के बाद बांटी दवाएं

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औरैया। सहायल में फैले बुखार के प्रकोप के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में डेरा डाला है। टीम ने बुखार के मरीजों की जांच की। और 36 मरीजों के सैंपल भी लिए। हालांकि रिपोर्ट में वायरल बुखार आया। वहीं, डेंगू के एक संदिग्ध मरीज को पीएचसी में भर्ती कराया गया। एलाइजा जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का विभाग को इंतजार है। उधर, पीएचसी में भी वायरल बुखार से ग्रसित मरीज बड़ी तादाद में पहुंचे जिन्हें किट से जांच के बाद दवाएं बांटी गईं।

सहायल गांव में बुधवार को बुखार से ग्रसित एक वृद्धा की मौत हो गई थी। इस पर संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गांव में फैले बुखार की हकीकत जांची थी। 10 अक्तूबर को खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है। गुरुवार को गांव में किट से हुई जांच में एक मरीज के डेंगू होने की आशंका जताई गई थी। जिसे शुक्रवार को पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहीं, दूसरे दिन शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम के पहुंचने के बाद बुखार से पीड़ित मरीज घरों से निकलकर शिविर में पहुंचे।

शिविर में डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की किट से जांच की। यहां पर 36 मरीजों की जांच किट से हुई। जांच में वायरल बुखार पाया गया जिन्हें दवाएं भी दी गई। शिविर में सुबह से दोपहर तक जांच का दौर जारी रहा। उधर पीएचसी में भी मरीजों की भीड़ उमड़ी। पीएचसी के डॉ. अभय कुमार ने बताया कि गांव में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच की गई है। 36 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं जबकि डेंगू की आशंका पर एक मरीज को पीएचसी में भर्ती कराया गया है। एलाइजा रिपोर्ट आने के बाद हकीकत पता चलेगी। ——————

गांव में सफाई अभियान हुआ तेज
फोटो-10एयूआरपी 04- नालियों की सफाई करते कर्मी। संवाद
सहायल में बुखार तेजी से फैलने पर पंचायती राज विभाग भी हरकत में आया है। गली-मोहल्लों में बजबजाती नालियों की सफाई शुरू कराई गई है। सफाई कर्मी दिनभर इस काम में जुटे रहे। सचिव से लेकर ब्लॉक के जिम्मेदार इस अभियान की सुध लेते रहे।