Tuesday, February 17, 2026

अछल्दा गौतला एक गोलीकांड व तीन मुठभेड़, अपराधियों के हौसले बुलंद

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औरैया। 16 दिन पहले अछल्दा में हुए गोलीकांड में पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जंग कर रही है। यह तस्दीक पुलिस व बदमाशों के बीच हुई तीन मुठभेड़ कर रही है। तीन मुठभेड़ में चार आरोपी धरे गए हैं, जिन्होंने पुलिस पर भी फायर झोंका है। वहीं, गोलीकांड में जहां अपराधियों का दुस्साहस साफ-साफ दिखा। जिलाबदर रहते अपराधियों ने वारादात को अंजाम दिया। गोलीकांड में एक जान चली गई तो दूसरा घायल हुआ था। खास बात तो यह है कि इस कांड की साजिश रचने में गैर जनपद में तैनात खाकी वर्दी भी शामिल रही। पकड़े आए अपराधियों ने पूछताछ में यह बात खुद कबूली है। ये पूरा मामला अपराधियों में पुलिस को कोई खौफ न होना बयां कर रहा है।

अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव गौतला में बदमाशों के दो गुटों की तनातनी वैसे तो काफी समय से चली आ रही है। यह तनातनी वर्ष 2024 में दुश्मनी में बदल गई। पुलिस के अनुसार दूसरे गुट के विपिन और उसके दोस्त प्रशांत को रास्ता से हटाने के लिए फिरोजाबाद में तैनात सिपाही कुलदीप ने साजिश रची। 24 सितंबर को घर जाते समय विपिन व प्रशांत पर फायर झोंक दिया। इसमें विपिन घायल हो गया जबकि प्रशांत ने भाग कर जान बचाई, लेकिन आरोपियों ने रात में उसे घर के बाहर उसे उठा लिया। बाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस को उसका शव 26 अक्तूबर को धान के खेत में मिला था। मामले में पुलिस ने रजनीश, रॉकी, सुखानी, राहुल जयकेश, सुखदेव, बलवीर, कुलदीप व अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की और धरपकड़ के लिए दबिश दी। 28 सितंबर मुठभेड़ में पुलिस ने सुखानी को गिरफ्तार कर लिया। 30 सितंबर को मुठभेड़ में गौतम व सुखदेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अपराधियों में पुलिस का खौफ नहीं दिखा। बुधवार रात चेकिंग के दौरान रजनीश ने भी पुलिस पर फायर झोंक दिया जो उनके दुस्साहस को बताता है। जानकार बताते हैं कि इन अपराधियों को सफेदपोश भी संरक्षण देते हैं। चुनावी बयार में इन अपराधियों का सहारा लिया जाता है। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि गोलीकांड में नामजद राहुल ने दो अक्तूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

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हिस्ट्रीशीटर झबरा बना पुलिस की चुनौती
बुधवार को जेल गए आरोपी रजनीश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गोलीकांड में गांव नगला रामधन निवासी गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर प्रदीप यादव उर्फ बबलू झबरा व गांव द्वारिका की मडैया निवासी अनुज यादव शामिल थे। झबरा का नाम प्रकाश में आने के बाद अब वह पुलिस के लिए चुनौती बन गया। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 30 मुकदमे दर्ज हैं।

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