उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। औरास थाना क्षेत्र के किलोमीटर 262 पर दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से गोरखपुर जा रही प्राइवेट स्लीपर बस औरास थाना इलाके में नींभाखेड़ा गांव के पास अंडरपास पर डिवाइडर में टकरा कर पलट गई। हादसे में छह यात्रियों की मौत गई, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं।
Ballia News: शिक्षक भर्ती में घोटाले का लगाया आरोप
सिकंदरपुर। समाजवादी पार्टी सिकंदरपुर इकाई की ओर से शनिवार की शाम क्षेत्र के नहिलापार एवं मुजही गांव में विधायक मो. ज़ियाउद्दीन रिज़वी के नेतृत्व में पीडीए जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में महंगाई, बिजली कटौती, आरक्षण एवं शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा गया। विधायक रिज़वी ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में 18 हजार से अधिक पदों पर आरक्षण घोटाला हुआ है। भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार आरक्षण में गड़बड़ी की जा रही है। पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से महंगाई चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के चुनाव में पीडीए एकजुट होकर भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करेगा। जन चौपाल को रामजी यादव, मदन राय, अनंत मिश्रा, नंदू चौहान, बड़ेलाल चौहान, अरविद चौहान, ने भी संबोधित किया। चौपाल की अध्यक्षता धर्मेंद्र यादव तथा मुजही में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभुनाथ चौहान ने की। संवाद
Ballia News: लगातार 7 से 8 घंटे की अघोषित कटौती ने लोग परेशान, 5 बार हो जाती है ट्रिपिंग
मझौवां। 42 डिग्री रिकॉर्ड तापमान के बीच बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। 60 से ज्यादा गांवों की 52 हजार की आबादी बिजली का इंतजार करती रहती है।मझौवां क्षेत्र के 132/33 केवी सब-स्टेशन से जुड़े इन गांवों में पिछले एक सप्ताह से बिजली को लेकर परेशानी है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि गांवों में अब बिजली का आना किसी संयोग से कम नहीं है। लगातार 7 से 8 घंटे की अघोषित कटौती ने लोगों का चैन और नींद सब छीन लिया है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं रहता। उमस भरी रातों में लोग पसीने से तरबतर होकर करवटें बदलते रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मासूम बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। गर्मी से बिलखते बच्चे पूरी रात रोते हैं, वहीं बुजुर्गों को सांस लेने तक में तकलीफ हो रही है।
महिलाएं पूरी रात हाथ के पंखे झलने को मजबूर हैं। घरों में रखे कूलर और पंखे सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। अगर रात में गलती से 40-45 मिनट के लिए बिजली आ भी जाए, तो उसमें भी 4 से 5 बार ट्रिपिंग होती है। हर घंटे बिजली गुल होने से हम लोग मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुके हैं।भीषण संकट के इस दौर में बिजली विभाग पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। जब इस गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। एक्सईएन मूलचंद शर्मा ने इस मामले में कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। एसई विनोद कुमार जायसवाल लगातार फोन रिसीव करने से परहेज करते रहे।रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की मांग
ग्रामीणों ने सरकार द्वारा तय किए गए ग्रामीण रोस्टर के अनुरूप नियमित बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। बिजली की आंख-मिचौली से नाराज ग्रामीणों ने विभाग को दो टूक चेतावनी दी है। यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ेगा। ग्रामीण जल्द ही बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर उग्र जन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।

