Tuesday, February 17, 2026
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नगर पालिका की लापरवाही लोगों पर पड़ रही भारी ,

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फर्रुखाबाद – नगर पालिका की लापरवाही लोगों पर पड़ रही भारी , खुले नाले में बाइक सवार युवक बाइक सहित गिरा , लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद नाले से निकाला बाहर, लोगों ने नगर पालिका पर लापरवाही का लगाया आरोप, फर्रुखाबाद कोतवाली क्षेत्र के लाल गेट का मामला

अनियंत्रित ई-रिक्शापलटकर नहर में गिरा,

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महोबा – अनियंत्रित ई-रिक्शापलटकर नहर में गिरा, ऑटो में सवार 2 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती, शहर कोतवाली के आलमपुरा नहर का मामला

 

 

एक ही समुदाय के दो पक्षों में मारपीट,

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प्रयागराज – एक ही समुदाय के दो पक्षों में मारपीट, फायरिंग, मो. सैफ गुट बनाम आकिब अकील गुट में टकराव, दोनों पक्षों के खिलाफ शाहगंज थाने में FIR दर्ज, पुलिस ने 17 सितंबर को मो. सैफ को पकड़ा, आकिब अकील ने कौशांबी में की आत्महत्या, परिजनों ने आत्महत्या की वजह FIR को बताया, पूरे परिवार पर केस से आकिब था सदमे में- परिजन, युवक की मौत के बाद शाहगंज थाने पर भारी भीड़
परिजनों, ग्रामीणों ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन, मौत से आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम, आकिब अकील पर पहले से दर्ज थे 8 मुकदमे, शाहगंज के कोल्हन टोला इलाके का मामला

टिहरी गढ़वाल में बारिश के कारण कई मार्ग बंद

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टिहरी गढ़वाल में बारिश के कारण कई मार्ग बंद हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मसूरी बैंड-केम्पटी मार्ग जीवन आश्रम के पास मलबे से बंद है। फकोट के आगे भिनू और बगड़धार के पास यातायात बंद है। प्रशासन जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी रखे हुए है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग देवप्रयाग के पास खोल दिया गया है और आज सभी बंद रास्तों को खोलने का काम जारी रहेगा।

 

कुशीनगर में अज्ञात कारणों से एक गांव में लगी आग ।

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कुशीनगर में अज्ञात कारणों से एक गांव में आग लग गई। आग की चपेट में आने से 5 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए और चार मवेशियों की भी मौत हुई। यह घटना खड्डा थाना फटकदौना गांव की है।

 

प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला

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प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को तलब करना ट्रायल कोर्ट की शक्ति है, लेकिन इसका प्रयोग आंख मूंदकर नहीं किया जा सकता। तलब करने के लिए गवाही में पर्याप्त बल होना आवश्यक है। यह टिप्पणी चंदौली के एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई।

 

 

प्रयागराज में सपा नेता कुंवर रेवती रमण सिंह से जुड़ी खबर

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प्रयागराज में सपा नेता कुंवर रेवती रमण सिंह से जुड़ी खबर में, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। 21 अगस्त को रेवती रमण को अंतरिम राहत मिली थी। HC ने ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर कार्रवाई रोक दी थी। अगले आदेश तक आगे की कार्रवाई पर रोक लगी है। रेवती रमण की याचिका पूरी कार्रवाई रद्द करने के लिए दाखिल की गई थी। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान करेली थाने में FIR हुई थी।

 

बरेली में युवती को नग्न अवस्था में हाईवे पर फेंककर आरोपी हुआ फरार

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बरेली में युवती को नग्न अवस्था में हाईवे पर फेंककर आरोपी फरार हो गया। आरोपी श्रीपाल ने युवती को कमरे से बुलाकर रास्ते में दो इंजेक्शन लगाए। पुलिस ने हाईवे पर मिली युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और पीड़ित की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह घटना बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की है।

BMW Accident: ‘बच जाती मेरे पिता की जान, आखिर 22KM दूर क्यों..’, वित्त मंत्रालय के अफसर की मौत पर बेटे के सवाल

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देश की राजधानी दिल्ली में रिंग रोड स्थित दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन के पास एक रविवार को BMW कार ने बाइक को टक्कर मार दी, हादसे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौत हो गई और उनकी पत्नी समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विस्तार

दिल्ली कैंट के धौलाकुआं इलाके में एक बीएमडब्ल्यू कार ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में कार्यरत उप सचिव नवजोत सिंह को कुचल दिया। हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी घायल हो गई। दोनों बाइक पर सवार थे। नवजोत सिंह की मौत पर उनके बेटे ने सवाल उठाए हैं।

मृतक के बेटे नवनूर सिंह का आरोप है कि हादसे के बाद उनके पिता को किसी बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल या एम्स जैसे संस्थान ले जाने की बजाय 22 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध ही नहीं थीं। उनके माता-पिता को एंबुलेंस की बजाय डिलीवरी वैन में अस्पताल ले जाया गया। सही इलाज न मिलने के कारण पिता की जान चली गई।

नवनूर ने बताया कि उनके माता-पिता बंगला साहिब गुरुद्वारे से लौट रहे थे और कर्नाटक भवन में खाना खाने के लिए रुके थे। जब यह हादसा हुआ, तब वे धौला कुआं होते हुए हरि नगर जा रहे थे। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय, दुर्घटनास्थल से लगभग 22 किलोमीटर दूर एक अस्पताल ले जाया गया।

उन्होंने दावा किया कि उनकी मां को गंभीर हालत होने के बाद भी अस्पताल की लॉबी में बैठाया गया, मेरी मां दर्द से चीखती रहीं, जबकि बीएमडब्ल्यू चालक के पति, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया गया। उन्होंने आगे कहा लापरवाही और देरी के कारण मेरे पिता की मौत हो गई। बाद में परिवार ने मां को बेहतर इलाज के लिए वेंकटेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया।

BMW कार ने बाइक को मारी टक्कर
देश की राजधानी दिल्ली में रिंग रोड स्थित दिल्ली छावनी मेट्रो स्टेशन के पास एक रविवार को BMW कार ने बाइक को टक्कर मार दी, हादसे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौत हो गई और उनकी पत्नी समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक की पहचान वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में उप सचिव नवजोत सिंह (52) के रूप में हुई है, जो हरि नगर के निवासी थे। दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि रविवार दोपहर एक बजे धौला कुआं से दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन रोड की ओर ट्रैफिक जाम की सूचना से संबंधित तीन पीसीआर कॉल मिली।

दिल्ली कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वहां एक बीएमडब्ल्यू कार सड़क पर तिरछी खड़ी थी और एक बाइक मेट्रो पिलर संख्या 67 के पास सड़क के डिवाइडर के पास क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बीएमडब्ल्यू कार एक महिला चला रही थी, जिसने बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे में बाइक सवार और उनकी पत्नी लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें पता चला कि कार के सेंट्रल वर्ज से टकराने के कारण अनियंत्रित हुई और बाइक से टकरा गई। टक्कर लगने के बाद बाइक सवार बाईं ओर बस से टकरा गए।
इसके बाद महिला और उसका पति कैब लेकर घायलों को घटनास्थल से 22 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित एक अस्पताल ले गए। फिर पुलिस को न्यू लाइफ अस्पताल से नवजोत सिंह के मृत होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके से वाहनों को जब्त कर लिया। पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने वहां से साक्ष्य हासिल किए।

पुलिस अस्पताल पहुंचकर नवजोत सिंह के शव को कब्जे में कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नवजोत सिंह भारत सरकार में वित्त मंत्रालय में कार्यरत थे और हरि नगर में रहते थे। उनकी पत्नी घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं आरोपी महिला कार चालक गुरुग्राम के निवासी हैं। पति कारोबारी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार गगनप्रीत कक्कड़ चला रही थी। पति परीक्षित कक्कड़ भी उसके साथ था। आरोपी दंपती भी हादसे में घायल हुए हैं। दंपती भी अस्पताल में भर्ती हैं।
पुलिस का बयान सामने आया
दिल्ली पुलिस ने कहा कि धारा 281/125B/105/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान एफएसएल टीम और अपराध टीम ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया है। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों बीएमडब्ल्यू और मोटरसाइकिल की भी जांच हो रही है। पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी महिला और उसका पति अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। वे घोड़े के चमड़े की काठी, सीट, कवर, बेल्ट आदि बनाने का व्यवसाय करते हैं। आगे की जांच जारी है।
केंद्रीय सचिवालय सेवा मंच के अध्यक्ष उदित आर्य ने एक्स पर एक पोस्ट में नवजोत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “दुर्घटना में दुखद रूप से अपनी जान गंवाने वाले नवजोत सिंह सर के परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। @PMOIndia @DelhiPolice, कृपया गहन जांच सुनिश्चित करें और शोक संतप्त परिवार को न्याय मिले। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे।

नया वक्फ कानून लागू होगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा:

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उच्चतम न्यायालय सोमवार को तीन प्रमुख मुद्दों पर अपना अंतरिम आदेश सुनाएगा, जिसमें ‘‘अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ” घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। ये बिंदु वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की…

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय सोमवार को तीन प्रमुख मुद्दों पर अपना अंतरिम आदेश सुनाएगा, जिसमें ‘‘अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ” घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। ये बिंदु वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आये थे। प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वक्फ मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद 22 मई को इन मुद्दों पर अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया था।

उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 सितंबर की वाद सूची के अनुसार, अदालत इस मामले में अपना आदेश सुनाएगी। अंतरिम आदेश सुरक्षित रखने से पहले, पीठ ने संशोधित वक्फ कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के वकीलों और केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें लगातार तीन दिनों तक सुनी थीं। पीठ ने पहले उन तीन मुद्दों की पहचान की थी, जिन पर याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम आदेश के जरिये रोक लगाने का अनुरोध किया था।

अधिसूचना रद्द करने के मुद्दे के अलावा, याचिकाकर्ताओं ने राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना पर भी सवाल उठाए हैं, उनका तर्क है कि बोर्ड और परिषद में केवल मुसलमानों को ही शामिल किया जाना चाहिए। तीसरा मुद्दा उस प्रावधान से संबंधित है, जिसके अनुसार, जब कलेक्टर यह पता लगाने के लिए जांच करता है कि संपत्ति सरकारी है या नहीं, तो वक्फ संपत्ति को वक्फ नहीं माना जाएगा।

केंद्र सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित किया था। लोकसभा ने इस विधेयक को तीन अप्रैल को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। राज्यसभा ने चार अप्रैल को इस विधेयक को पारित किया। राज्यसभा में इसके पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया।