औरैया। जिले में सोमवार व मंगलवार को दीपावली मनाई गई। जमकर पटाखे छोड़े गए इससे बुधवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर पर पहुंच गया। बुधवार को सुबह से दोपहर तक समय धुएं की चादर दिखाई दी। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दो दिन में हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। बुधवार दोपहर जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 153 दर्ज किया गया। जोकि खराब श्रेणी का माना जाता है।दीपावली के बाद हवा प्रदूषित हुई है। इसका असर मंगलवार सुबह से ही देखने को मिलने लगा था। बुधवार को दिनभर आसमान में धुंध छाई रही। जिले का एक्यूआई 153 तक पहुंच गया। सोमवार व शनिवार को यही एक्यूआई 105 से 110 के आसपास था। दीपावली पर चले पटाखों के कारण भी एक्यूआई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके कारण बुधवार सुबह सैर-सपाटे पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। खासतौर पर लोग बाहर निकलने से बचते नजर आए। ये वो लोग रहे जो हृदय व सांस संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं। स्मॉग से आंखों में जलन, सांस संबंधी परेशानियां, फेफड़ों में संक्रमण, सिरदर्द, अनिद्रा, और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि अभी मरीजों की संख्या अस्पतालों में नहीं बढ़ी है।
धीरे-धीरे ठंडक बढ़ने लगी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 32 व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन की अपेक्षा रातें सर्द हो रही हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट के अनुसार आने वाले दिनों में सर्दी और भी बढ़ेगी। वहीं, बुधवार को हवा का एक्यूआई 153 तक पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि धुंध से खांसी, गले और छाती में संक्रमण हो सकता है। जिन्हें अस्थमा है, उनके लिए यह खतरनाक है। सांस लेने में दिक्कत होने से बुखार भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह हैं।
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दीपावली पर दो करोड़ से ज्यादा के बिके पटाखे
पटाखा विक्रेताओं की माने तो जिलेभर की 315 दुकानों पर दीपावली सीजन में दो करोड़ से ज्यादा पटाखे बिक्री हुए हैं। छोटी दीपावली से अब तक रोजाना रात में पटाखे खूब चल रहे हैं।