Saturday, February 14, 2026
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प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता है ये मुस्लिम युवक, जिला प्रशासन को लिखा पत्र; बताई वजह

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नेशनल डेस्क : नर्मदापुरम जिले के रहने वाले मुस्लिम युवक आरिफ खान चिश्ती ने विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज को अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने महाराज और जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र भी भेजा है। आरिफ का कहना है कि वे चाहते हैं कि प्रेमानंद जी लंबी उम्र तक स्वस्थ रहें और अपने प्रवचनों से देश में प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाते रहें।

कौन हैं आरिफ खान?

आरिफ खान मूल रूप से इटारसी के निवासी हैं और एक छोटी-सी दुकान पर कूरियर का काम करते हैं। साधारण जीवन जीने वाले आरिफ की सोच बहुत बड़ी है। उनका मानना है कि भारत तभी सच्चे मायनों में मज़बूत बनेगा जब सभी धर्मों के लोग आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ रहेंगे।

कैसे आया किडनी दान का विचार?

आरिफ ने सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सुने और उनसे गहराई से प्रभावित हो गए। जब भी महाराज दो धर्मों के बीच प्रेम और भाईचारे की बात करते हैं, तो आरिफ को खास सुकून मिलता है। इसी भावना के चलते उन्होंने तय किया कि वे अपनी किडनी प्रेमानंद जी को दान करेंगे, ताकि उनका जीवन और लंबा हो सके और वे देशभर में शांति और एकता का संदेश फैलाते रहें।

राष्ट्रीय एकता की मिसाल

आरिफ का यह कदम देश में धर्मों के बीच सौहार्द की अद्भुत मिसाल बन रहा है। वे मानते हैं कि यदि हर नागरिक आपसी नफरत छोड़कर भाईचारे की सोच अपनाए, तो भारत और मजबूत और सच्चा भारत बन सकता है। आरिफ का यह अनोखा निर्णय दिखाता है कि किसी भी धर्म या जाति से ऊपर उठकर इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

Dog Attack: कॉलेज से लौट रही छात्रा पर आवारा कुत्तों ने किया जानलेवा हमला, 17 टांके लगने से हालत गंभीर, तस्वीरें देखकर कांप उठेंगे…

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नेशनल डेस्क: कई शहरों में इन दिनों आवारा कुत्तों का खौफ बढ़ता जा रहा है। अब ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला कानपुर से सामने आया है, जहाँ आवारा कुत्तों के झुंड ने एक बीबीए छात्रा पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। इस हमले में छात्रा के गले और नाक में गंभीर जख्म आए हैं, और उसे 17 टांके लगाने पड़े हैं।

कॉलेज से लौटते समय हुआ हादसा
पीड़ित छात्रा की पहचान वैष्णवी साहू के रूप में हुई है। यह घटना तब हुई जब वह कॉलेज से घर लौट रही थी। बताया जा रहा है कि उस समय कुत्तों और बंदरों के बीच लड़ाई हो रही थी, और इसी दौरान कुत्तों के झुंड ने वैष्णवी पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे बुरी तरह से नोचा और घसीटा। छात्रा ने खुद को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कुत्ते लगातार उसे काटते रहे। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए और किसी तरह कुत्तों को भगाया। गंभीर रूप से घायल छात्रा को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद लोगों में कानपुर नगर निगम के खिलाफ भारी नाराजगी है। आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से लोग दहशत में हैं। हाल के दिनों में पुणे, आगरा और कई शहरों में बच्चों और बड़ों पर कुत्तों के हमले के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें मासूम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इन आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाए, ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।

पंजाब में सोमवार को छुट्टी का ऐलान, Notification जारी

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पंजाब ​​डेस्क : श्री गुरु नानक देव जी के बड़े सुपुत्र बाबा श्री चंद जी महाराज का 531वां प्रकाश पर्व सोमवार, 1 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस मौके पर पंजाब सरकार द्वारा राज्य में आरक्षित छुट्टी का ऐलान किया गया है। यहां यह स्पष्ट कर दें कि 1 सितंबर  को गजटिड छुट्टी नहीं है बल्कि आरक्षित छुट्टी है जिस कारण इस दिन स्कूल-कॉलेज सामान्य रूप से खुले रहेंगे।

पंजाब सरकार द्वारा जारी आरक्षित छुट्टियों की सूची में 1 सितंबर की छुट्टी को भी शामिल किया गया है। इस सूची में कुल 28 छुट्टियां शामिल हैं और सरकारी कर्मचारी इनमें से कोई भी 2 छुट्टियां ले सकते हैं। वहीं जिला गुरदासपुर में बाबा श्री चंद जी महाराज के 531वें प्रकाश पर्व के अवसर पर स्थानीय छुट्टी घोषित करने की भी मांग की गई है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है।

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ट्रंप के टैरिफ के जबाव में भारत ने दिखाया दम, 25 अगस्त से अमेरिका पोस्टल सर्विस बंद

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नेशनल डेस्क : अमेरिका सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नियमों में किए गए बड़े बदलावों के चलते भारतीय डाक विभाग 25 अगस्त, 2025 से अमेरिका के लिए अधिकांश अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने जा रहा है। इस फैसले का सीधा असर उन भारतीय उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में सामान भेजते हैं।

अमेरिका के नए फैसले के पीछे की वजह
सरकारी जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई, 2025 को एक विशेष कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसके तहत 800 डॉलर तक के सामान पर मिलने वाली सीमा शुल्क (ड्यूटी) छूट समाप्त कर दी गई है। पहले कम मूल्य वाले सामान बिना किसी शुल्क के अमेरिका भेजे जा सकते थे, लेकिन अब 29 अगस्त, 2025 से सभी सामानों पर ड्यूटी लगाई जाएगी, चाहे उनकी कीमत कुछ भी हो। यह नियम इंटरनेशनल इमर्जेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लागू होगा। हालांकि, 100 डॉलर तक के गिफ्ट आइटम इस नियम से फिलहाल छूट में रहेंगे।

नए नियमों से डाक सेवाएं कैसे होंगी प्रभावित
अमेरिकी सरकार के अनुसार, अब अंतरराष्ट्रीय डाक शिपमेंट पर ड्यूटी जमा करने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्ट कंपनियों और यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियों की होगी। CBP ने 15 अगस्त को प्रारंभिक दिशानिर्देश जारी किए थे, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मान्यता प्राप्त पार्टियों का चयन कैसे होगा और ड्यूटी कैसे जमा की जाएगी।

इस तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी अस्पष्टता के चलते अमेरिका जाने वाली अंतरराष्ट्रीय मेल को संभालने वाली एयरलाइंस ने 25 अगस्त, 2025 से डाक कंसाइनमेंट स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वे नए नियमों का पालन करने के लिए फिलहाल तकनीकी और परिचालन रूप से तैयार नहीं हैं।

फिलहाल क्या-क्या भेजा जा सकेगा?
भारतीय डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि 25 अगस्त से अमेरिका के लिए निम्नलिखित वस्तुओं की ही बुकिंग की जाएगी:

पत्र / दस्तावेज

100 अमेरिकी डॉलर तक के उपहार (गिफ्ट) आइटम

इनके अलावा किसी भी प्रकार की पार्सल, मर्चेंडाइज या अन्य वस्तुओं की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।

PIB द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिन ग्राहकों ने 25 अगस्त से पहले ऐसे आइटम बुक किए हैं जो अब नहीं भेजे जा सकते, उन्हें डाक शुल्क रिफंड किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि USPS और CBP से जैसे ही पूरी जानकारी प्राप्त होगी, सेवाएं दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।

जल्द बहाल हो सकती हैं सेवाएं
डाक विभाग ने यह भी बताया कि वह सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है और अमेरिका के लिए पूरी डाक सेवा को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की कोशिश की जा रही है। विभाग ने ग्राहकों से सहयोग की अपील की है और असुविधा के लिए खेद जताया है।

पति के हाथ लगाते ही आग बबूला हुई पत्नी, ब्लेड से प्राइवेट पार्ट पर किए वार; लगे 7 टांके

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नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शादी को महज 4 महीने ही हुए थे कि पत्नी ने पति के प्राइवेट पार्ट पर ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे उसकी जान पर बन आई। डॉक्टरों को गंभीर स्थिति में पति को सात टांके लगाने पड़े। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानिए क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 29 अप्रैल 2025 को बिजनौर के चांदवीर और तनु की शादी हुई। लेकिन शादी के तुरंत बाद से ही दोनों के बीच आपसी भरोसे की कमी रही। चांद का आरोप है कि तनु शारीरिक संबंध बनाने में असहज थी और वह छिपकर अन्य लोगों से फोन पर बातें करती थी। वहीं, तनु का कहना है कि चांद संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था और वह मानसिक व शारीरिक तौर पर परेशान थी।

विवाद ने लिया हिंसक रूप
20 अगस्त की शाम को दोनों के बीच एक बार फिर बहस हुई। तनु ने आरोप लगाया कि चांद जबरन शारीरिक संबंध बनाना चाहता था। विवाद इतना बढ़ गया कि तनु ने चांद के प्राइवेट पार्ट पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार कर दिए। घर में चीख-पुकार मच गई और परिवार वाले उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उपचार किया।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल तनु को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

भारत में फिर शुरू होगा TikTok! वेबसाइट हुई Active…फैंस को जगी उम्मीद, पढे़ं…

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जम्मू डेस्क :  TikTok की भारत वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।  अभी तक कुछ भी पक्का नहीं है, लेकिन जो लोग TikTok को पसंद करते हैं, उनके लिए कुछ अच्छी खबरें जरूर सामने आई हैं। TikTok, जो एक चीनी कंपनी का ऐप है, 2020 में भारत में बैन कर दिया गया था।

TikTok की वेबसाइट फिर से दिखने लगी है!

हाल ही में कुछ लोगों ने देखा कि TikTok की वेबसाइट (mobile और laptop पर) फिर से काम कर रही है। हालांकि, कुछ लोग अभी भी इसे नहीं खोल पा रहे हैं, जिससे लगता है कि शायद वेबसाइट कुछ चुनिंदा लोगों के लिए या टेस्टिंग के लिए खोली गई है। लेकिन TikTok का ऐप अभी भी Google Play Store या Apple App Store पर उपलब्ध नहीं है।
इसलिए सिर्फ वेबसाइट का दिखना यह नहीं कह सकता कि TikTok पूरी तरह वापस आ गया है।

भारत-चीन के रिश्तों में सुधार?

TikTok की वापसी की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि हाल ही में भारत और चीन के बीच रिश्ते थोड़े बेहतर होते दिख रहे हैं।

सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं

हालांकि TikTok की वेबसाइट दिख रही है, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक TikTok की वापसी को मंजूरी नहीं दी है, और कंपनी की ओर से भी कोई घोषणा नहीं की गई है।इसका मतलब है कि TikTok अभी भी भारत में आधिकारिक रूप से बैन ही है, और वह बिना सरकार की इजाजत के काम नहीं कर सकता।

Auraiya News: बारिश से तिरंगा स्टेडियम के मंच की दीवारें ढहीं, होगी जांच

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ककोर। बारिश के चलते तिरंगा स्टेडियम मंच की दीवारें भरभराकर ढह गई। जानकारी पर सीडीओ ने निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।जिला मुख्यालय के बाहर बने तिरंगा स्टेडियम में इन दिनों मेंटीनेंस का काम चल रहा है। इसमें टूटी हुई बाउंड्री व स्टेडियम में बने मंच को चौड़ा किया जा रहा है। यहां यूपीपीसीएल के ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। यह मंच जनसभा, खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है।बारिश में इसके ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मंच व बाउंड्रीवॉल पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। मौके पर पहुंचे सीडीओ संत कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि कार्य करवा रही संस्था से बात की गई है। ठेकेदार का कहना है कि यह मंच जेसीबी से गिरवाया है। इस संबंध में सीडीओ ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Auraiya News: किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म में 20 वर्ष की कैद

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औरैया। थाना दिबियापुर क्षेत्र से एक किशोरी के अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले में युवक अखिलेश को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई।सात साल पुराने मामले की विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने सुनवाई की। दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वादी ने थाना दिबियापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 नवंबर 2018 की दोपहर उसकी 14 वर्षीय बहन घर अकेली थी। उसकी मां व वादी खेत पर काम कर रहे थे। तभी फफूंद के गांव लालपुर निवासी अखिलेश बहन को घर से ले गया। गांव के लोगों के बताने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो, अपहरण व दुष्कर्म का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मुकदमे में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश कोर्ट में सुनाई हुई। बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद ने अखिलेश को सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

Auraiya News: कॉलोनी के पार्क भी अधूरे, बने तबेला

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औरैया। सड़क और सीवरेज जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही आवास विकास कॉलोनी में पार्कों के विकास पर भी ध्यान नहीं दिया गया। विभाग ने यहां जगह-जगह छोटे-बड़े 25 पार्क तो तैयार कराए, लेकिन यहां न तो पौधे हैं, न ही साफ-सफाई और बैठने की जगह।कई पार्क तो तबेला बने हैं। स्थानीय लोगों व कुछ संस्थाओं ने चंदा कर कुछ पार्कों में पौधरोपण किया है। शहर की आवास विकास कॉलोनी में करीब पांच हजार की आबादी है। यहां लोग सात सेक्टरों में बसे हैं।

इनमें निचले, मध्यम व उच्च तबके के लोग रहते हैं, लेकिन यह लोग 29 साल पहले विकसित हुई सोसायटी में अब तक मूलभूत समस्याओं से उबर नहीं सके हैं। सीवरेज लाइन, बदहाल सड़क, नाला और गंदगी जैसी समस्याओं के लिए लोग लंबे अरसे से संघर्ष करते आ रहे हैं।

आठ साल पहले इन समस्याओं के निस्तारण की पहल करने के लिए एक जन कल्याण समिति का भी गठन किया गया। तबसे यह समिति भी इन समस्याओं को खत्म कराने के लिए जूझ रही है। सरकार और अधिकारियों से लेकर नेताओं तक इस समिति ने पहल की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।

एक तरफ सीवरेज लाइन न बनने से इस सोसायटी का विकास अधर में लटका है। तो दूसरी तरफ यहां पार्क तक बदहाल हैं। स्थिति यह है कि छोटे-बड़े 25 पार्कों में से किसी में भी बैठने तक की जगह नहीं है। कई पार्कों में झाड़ियां उगी हैं तो कई गंदगी से भरे हैं। यहां मवेशी भी बांधे जा रहे हैं। पार्क तबेले जैसे नजर आ रहे हैं।

जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. एसएसएस परिहार के मुताबिक कुछ साल पहले भारत विकास परिषद ने विवेकानंद पार्क के सुंदरीकरण की शुरूआत की थी। अब उनकी संस्था इसकी देखभाल कर रही है। लोगों से भी चंदा किया गया। संस्था महाराणा प्रताप पार्क में पौधरोपण कराकर इसे संवारने की योजना बना रही है। जंभेश्वर पार्क के सुंदरीकरण के लिए भाजपा एमएलसी सलिल विश्नोई ने भरोसा दिया है।
उधर, पार्कों की दुर्दशा पर एई वैभव कुमार ने यह कहकर कुछ भी बताने से मना कर दिया कि वह कोई जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं है। बाकी अधिकारियों में कोई फोन नहीं उठाते तो कोई रोज नहीं मिलते।

Auraiya News: जीएसटी व मंडी शुल्क में चोरी से बनते लिफाफे

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औरैया। सरकारी महकमे में जुगाड़ के लिफाफे बनते हैं। ये लिफाफे जीएसटी और मंडी शुल्क चोरी से तैयार होते हैं। जिसके बाद इनकी हिस्सेदारी तय होती है। बाद में तैयार लिफाफे अफसरों की चौखट तक पहुंचते हैं। यहां तक कि अफसर की रैक में भी रख दिए जाते हैं। हर माह यह लिफाफे अपने मुकाम तय समय पर पहुंच जाते हैं। हालांकि कभी कभार इन लिफाफों की मोटाई बढ़ जाती है। अफसर के अनुसार भी इनकी मोटाई तय होती है।गुरुवार को सदर तहसील कार्यालय में वायरल सीसीटीवी फुटेज के लिफाफा प्रकरण में एसडीएम राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार की कार्रवाई होने के बाद जानकार इस लिफाफे की हकीकत बयां कर रहे हैं। किसानों को फसली उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए जगह-जगह पर मंडियां खोली गई हैं। इनमें आसपास के काश्तकार अपनी फसल लेकर आते हैं। जहां उन्हें बेचकर अपनी फसल का मूल्य भी लेते हैं। इसके एवज में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क वसूला जाता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मंडियों में तिलहन पर मंडी कर के साथ-साथ जीएसटी भी लगता है। सरसों, तिली, अलसी, मूंगफली व सूरजमुखी की अच्छी खासी आवक होती है।

सूत्रों की मानें तो सिक्स आर (खरीद बिल) व नाइन आर (विक्रय बिल) से लेकर गेट पास न बनाते हुए सरकारी राजस्व की बड़ी चोरी होती है। कुल माल के मूल्य की तुलना में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क अपने आप में बड़ा आंकड़ा होता है। जबकि गेहूं, धान, बाजरा, ज्वार, मक्का, चना, अरहर, उड़द, मूंग दलहनी फसलों पर महज 1.5 फीसदी मंडी शुल्क लिया जाता है। एक मंडी की सालाना शुल्क वसूली 10 करोड़ के पार तक चली जाती है। बस यहीं से लिफाफा बनने की जड़ शुरू होती है। पूरा सिस्टम तैयार होता है। जिसे एक से दूसरे टेबल तक पहुंचना होता है।

सीजन में बढ़ जाती लिफाफे की मोटाई
धान हो या गेहूं फसल कटाई के बाद एकाएक मंडी में आवक बढ़ती है। यह सीजन जितना आढ़तियों के मुनासिब होता है। उससे कहीं ज्यादा लिफाफे के लिए। लिफाफा भी सीजन के अनुसार मोटा हो जाता है। मोटाई कम होने पर अफसर इसकी सुध लेते हैं। यही कारण है कि निरीक्षण शुरू हो जाते हैं। जिससे लिफाफे की मोटाई ठीक-ठाक बनी रहे।