दिबियापुर (औरैया)। शुक्रवार को सहायक लोको पायलट की हालत बिगड़ने पर मालगाड़ी को स्थानीय फफूंद रेलवे स्टेशन पर आधा घंटे रोका गया। यहां से उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां जांच व उपचार के बाद उनको छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने ठंड से सीने में दर्द बताया।टूंडला से कानपुर जाने वाली मालगाड़ी के सहायक लोको पायलट मुनीश कुमार कश्यप (35) की रास्ते में अचानक हालत बिगड़ी। इस दौरान साथी लोको पायलट ने मामले की जानकारी रेलवे कंट्रोलर को दी। इसके बाद मालगाड़ी को फफूंद रेलवे स्टेशन पर रोका गया। आरपीएफ एवं जीआरपी पुलिस कर्मियों की मदद से मुनीश को 108 एंबुलेंस से सुबह करीब 11 बजे सीएचसी में भर्ती कराया गया।
Auraiya News: रेलवे क्रॉसिंग बंद, डेढ़ घंटे लगा जाम
कंचौसी। दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों के गुजरने के कारण क्रॉसिंग गेट बंद किया गया। इससे शुक्रवार सुबह करीब डेढ़ घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।सुबह लगभग साढ़े आठ बजे तीन ट्रेनों को पास कराने के लिए क्रॉसिंग गेट बंद किया गया। इसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, टूंडला-कानपुर मेमू, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस आदि यात्री ट्रेनों के साथ-साथ डीएफसी ट्रैक पर छह मालगाड़ियां भी गुजरीं। इस दौरान गेट काफी देर तक बंद रहा।
फफूंद तीन साल बाद भी नहीं बना जवान का स्मारक
फफूंद। लेह-लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर देश सेवा करते हुए सेना के जवान अनुभव त्रिपाठी ने अपनी जान गंवा दी थी। जवान की याद में तीन साल बाद भी स्मारक का निर्माण नहीं हो सका है। इसे लेकर जवान के परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश है।थाना क्षेत्र के गांव मुढ़ी निवासी दिवंगत उमाकांत त्रिपाठी के पुत्र अनुभव त्रिपाठी भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात थे। 11 जुलाई 2022 को लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान बर्फ पर फिसलने से उनके सिर में गंभीर चोट आ गई थी। अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
पांच जुलाई 2025 को मां का भी निधन हो गया। बताया कि सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालय में लगाने के लिए भाई अनुभव त्रिपाठी के नाम का पत्थर भेजा गया था, लेकिन इसे अब तक नहीं लगाया गया।
नये साल पर दी श्रद्धांजलि
जवान अनुभव त्रिपाठी की स्मृति में नये साल पर बृहस्पतिवार शाम ग्रामीणों ने गांव में कैंडल मार्च निकाला। यह पूरे गांव में घूमता हुआ मुढ़ी फफूंद संपर्क मार्ग पर स्थित जवान की अंत्येष्टि स्थल पहुंचा। यहां ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि देकर अनुभव को याद किया। ग्रामीण आयुष दुबे, अभिषेक तिवारी, दुष्यंत बाथम, अंकित सेंगर, अमन दुबे, आलोक दुबे, अंकित तिवारी आदि ने जिलाधिकारी से स्मारक बनवाए जाने की मांग की है।
लखनऊ योगी सरकार के साइबर कमांडो करेंगे काम तमाम,
लखनऊ- योगी सरकार के साइबर कमांडो करेंगे काम तमाम, साइबर अपराधियों पर साइबर कमांडो कसेंगे नकेल , SPG, NSG की तर्ज पर तैयार हुए साइबर कमांडो , IIT कानपुर, नया रायपुर, मद्रास के एक्सपर्ट से ट्रेनिंग, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट से ली ट्रेनिंग , पहले चरण में 15 पुलिसकर्मियों को दिया गया, प्रशिक्षण, एनएफएसयू गुजरात और नई दिल्ली से भी ली ट्रेनिंग, साइबर कमांडो को जोन, मुख्यालय में दी गई तैनाती, जिला, थाने स्तर के पुलिसकर्मियों को दे रहे प्रशिक्षण , साइबर ठगी, अपराध पर हाईटेक टूल्स से लगाएंगे लगाम
लखनऊ प्रयागराज में माघ मेले का प्रथम स्नान पर्व,
लखनऊ – प्रयागराज में माघ मेले का प्रथम स्नान पर्व, पौष पूर्णिमा के अवसर पर आस्था की डुबकी, 5 बजे तक लगभग 28 लाख श्रद्धालु ने स्नान किया, वाराणसी के अलग अलग घाट में भी स्नान , अब तक 11 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, अयोध्या में साढ़े 6 लाख भक्तों ने डुबकी लगाई, मथुरा में 4 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान
चाय बोर्ड ने आयातित चाय की 100 प्रतिशत जांच का निर्णय लिया: डिप्टी चेयरमैन
कोलकाताः चाय बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन सी मुरुगन ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि देश में सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय के आयात को रोकने के लिए आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण किया जाएगा। चाय उद्योग ने शिकायत की है कि नेपाल और वियतनाम जैसे देशों से सस्ती और खराब गुणवत्ता वाली चाय देश में आ रही है, जिससे उद्योग को नुकसान हो रहा है।
चाय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) की द्विवार्षिक बैठक में मुरुगन ने कहा कि बोर्ड आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है, जिसमें 15–20 दिन लगेंगे। इसके बाद कानूनी सलाह और वाणिज्य मंत्रालय की मंजूरी ली जाएगी। मुरुगन ने कहा कि बोर्ड उद्योग में सुविधा प्रदान करेगा और नियंत्रण को आसान बनाएगा। चाय बोर्ड नीलामी प्रणाली में सीधे शामिल नहीं होगा लेकिन इसे सुगम बनाएगा। साथ ही, भारतीय चाय के प्रचार और विपणन को बढ़ावा देने का प्रयास भी करेगा।
उन्होंने बताया कि चाय विकास और प्रचार योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे चाय उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा। पश्चिम बंगाल के श्रम सचिव अवनींद्र सिंह ने कहा कि चाय उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा है। नेपाल से आयातित सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय दार्जीलिंग चाय उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने उद्योग से अपील की कि बंद चाय बागानों को खरीदकर उन्हें पुनर्जीवित किया जाए और इसमें कामगारों को इक्विटी देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे कामगारों में स्वामित्व की भावना विकसित होगी।

