Sunday, February 15, 2026

फफूंद तीन साल बाद भी नहीं बना जवान का स्मारक

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फफूंद। लेह-लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर देश सेवा करते हुए सेना के जवान अनुभव त्रिपाठी ने अपनी जान गंवा दी थी। जवान की याद में तीन साल बाद भी स्मारक का निर्माण नहीं हो सका है। इसे लेकर जवान के परिजन और ग्रामीणों में आक्रोश है।थाना क्षेत्र के गांव मुढ़ी निवासी दिवंगत उमाकांत त्रिपाठी के पुत्र अनुभव त्रिपाठी भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात थे। 11 जुलाई 2022 को लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान बर्फ पर फिसलने से उनके सिर में गंभीर चोट आ गई थी। अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।

पार्थिव शरीर गांव लाने पर यहां डीएम व एसपी समेत कई अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसी दौरान जवान की स्मृति में समाधि स्थल के पास स्मारक बनाए जाने का भरोसा भी दिया गया था। शहीद के छोटे भाई अतुल त्रिपाठी ने बताया कि स्मारक को लेकर उनकी मां शांति देवी ने कई बार ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पांच जुलाई 2025 को मां का भी निधन हो गया। बताया कि सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालय में लगाने के लिए भाई अनुभव त्रिपाठी के नाम का पत्थर भेजा गया था, लेकिन इसे अब तक नहीं लगाया गया।

नये साल पर दी श्रद्धांजलि

जवान अनुभव त्रिपाठी की स्मृति में नये साल पर बृहस्पतिवार शाम ग्रामीणों ने गांव में कैंडल मार्च निकाला। यह पूरे गांव में घूमता हुआ मुढ़ी फफूंद संपर्क मार्ग पर स्थित जवान की अंत्येष्टि स्थल पहुंचा। यहां ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि देकर अनुभव को याद किया। ग्रामीण आयुष दुबे, अभिषेक तिवारी, दुष्यंत बाथम, अंकित सेंगर, अमन दुबे, आलोक दुबे, अंकित तिवारी आदि ने जिलाधिकारी से स्मारक बनवाए जाने की मांग की है।

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