Wednesday, June 10, 2026
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मौत का ‘कनेक्शन’: जुड़ते सेगमेंट, तो बचती जान, अब 13 पिलरों का होगा लोड टेस्ट, तकनीकी चूक ने लिखी पुल की कहानी

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हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के चौथे दिन सोमवार को शासन से नामित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक हादसे के कारणों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल की। टूटे पिलर, स्लैब और मलबे से कोर कटिंग के साथ स्टील के नमूने लिए।

प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता
इसके अलावा स्लैब के सेगमेंट भी पूरी तरह जुड़ नहीं पाए थे। यदि समय रहते प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता। एडीएम नमामि गंगे सुरेश कुमार की मौजूदगी में मिथलेश कुमार, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (डिजाइन) फरहान बासित और जनरल मैनेजर प्रेम सिंह ने क्षतिग्रस्त पिलर, स्लैब और अन्य संरचनाओं की फोटो व वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।

जांच टीम के सदस्य राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथलेश कुमार ने बताया कि नमूनों को परीक्षण के लिए आईआईटी कानपुर अथवा वाराणसी भेजा जाएगा। यहां की रिपोर्ट से ही हादसे की वजह साफ हो सकेगी। शुरुआती जांच में आंधी-तूफान से ही हादसा प्रतीत हो रहा है। 

Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected

टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए
छह नंबर पिलर की माप कराई जिसकी परिधि 8.66 मीटर निकली। निर्माण में प्रयुक्त सरिया, कंक्रीट और कपलर की भी जांच की। मलबे के बड़े टुकड़ों में अंदरूनी संरचना जांची। टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए। स्लैब और पिलर में इस्तेमाल 25 एमएम और 32 एमएम सरिया को कटवाकर सैंपल सुरक्षित किया। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नमूनों को सील पैक किया गया।

सभी 13 पिलरों का लोड टेस्ट होने के बाद शुरू होगा पुल का काम
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के बाद अब निर्माण गुणवत्ता और मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग लापरवाही के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। मृतकों के परिजनों से लेकर साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों तक ने दावा किया है कि यदि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप हुआ होता, तो पिलर इस तरह टूटकर नहीं गिरता।

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प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी
इन आरोपों को प्रशासन और विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम ने स्पष्ट किया है कि पुल के सभी 13 पिलरों की लोड टेस्टिंग कराई जाएगी। सामान्य तौर पर यह परीक्षण पुल का निर्माण पूरा होने के बाद किया जाता है, लेकिन हादसे के बाद अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी।

Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected
छह परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं
विशेषज्ञों के अनुसार लोड टेस्ट के जरिये यह परखा जाएगा कि पिलर निर्धारित भार सहन करने की स्थिति में हैं या नहीं। जांच में यदि कोई पिलर कमजोर या मानक के विपरीत पाया गया, तो उसे गिराकर दोबारा निर्माण कराया जाएगा। उधर पुल हादसे में छह परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं।
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निर्माण कार्य जारी रखना बड़ी चूक रही
सोमवार को मौके पर पहुंची सेतु निगम की विशेषज्ञ जांच टीम ने भी माना कि मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखना बड़ी चूक रही। जांच के लिए पहुंचे सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथलेश कुमार ने कहा कि हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और मृतकों के परिजनों के प्रति विभाग की गहरी संवेदनाएं हैं।
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected
सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता
उन्होंने स्वीकार किया कि आंधी-तूफान को लेकर पहले से मौसम विभाग का अलर्ट जारी था। ऐसे हालात में निर्माण कार्य बंद करा देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन किसी भी प्रोजेक्ट में सर्वोच्च प्राथमिकता होता है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खराब मौसम के बीच भी पुल पर काम जारी रहा।
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श्रमिकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश
इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। इस पर क्या कार्रवाई होगी इस संदर्भ में कुछ नहीं कहा। ग्रामीणों और श्रमिकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लिया जाता, तो छह लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected
निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
हादसे के बाद से निर्माण एजेंसी, सेतु निगम और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट अब यह तय करेगी कि हादसा सिर्फ तेज आंधी-तूफान का नतीजा था या फिर निर्माण में तकनीकी खामियां और गुणवत्ता में कमी भी इसकी बड़ी वजह रहीं।
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected
पुल का निर्माण पूरा होने के बाद होने वाली पिलरों की लोड टेस्टिंग इस बार पहले कराई जाएगी। दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी 13 पिलर की क्षमता जांची जाएगी। मानक के विपरीत होने पर दोबारा निर्माण कराया जाएगा।  -मिथलेश कुमार, संयुक्त प्रबंध निदेशक, सेतु निगम

यूपी: लखनऊ में आम आदमी के लिए बनने जा रहे हैं सस्ते फ्लैट, महज 10 लाख में मिल सकता है अपना घर; जानिए डिटेल

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एलडीए आम आदमी की पहुंच वाले करीब पांच हजार फ्लैट बनाने जा रहा है। इनके लिए जगह चिह्नित हो गई है। ये फ्लैट 10 से 30 लाख तक के होंगे। दीपावली तक इनके लिए पंजीकरण भी खोले जाने के लिए तैयारी हो रही है।एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में मध्यम और अल्प आय वर्ग को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में पांच जगहों पर आवासीय योजनाएं लांच की जाएंगी। इनको लेकर तैयारी हो गई है। जिन जगहों पर ये योजनाएं लाई जाएंगी, उनमें सीतापुर रोड पर शिया पीजी काॅलेज के पास, शारदा नगर विस्तार, बसंतकुंज, अनंत नगर योजना और ऐशबाग योजना शामिल है।

इनमें एलआईजी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनका क्षेत्रफल लगभग 50 वर्गमीटर और 38 वर्गमीटर तक होगा। इनमें आवंटियों की सुविधा के लिए पैसेंजर लिफ्ट, सर्विस लिफ्ट का प्रावधान किया जाएगा। वाहनों के लिए बेसमेंट व स्टिल्ट पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पार्क एवं ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। इनका पंजीकरण दीपावली या उससे पहले भी खोला जा सकता है।

तीन जगहों पर बनेंगी पार्किंग

एलडीए वीसी ने ने बताया कि लोगों के सुविधा के लिए शहर में तीन जगहों पर वाहन पार्किंग भी बनाई जानी हैं। इनके लिए जगह चिह्नित हो चुकी है। इनमें एक हजार से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। जिन जगहों पर यह बनाई जानी हैं उनमें गोमती नगर में अंबेडकर के सामने मैकेनिकल पार्किंग, पत्रकारपुरम में पार्क में तीन मंजिला भूमिगत पार्किंग और विराम खंड गोमती नगर में भूमिगत पार्किंग बनाई जाएंगी। इन पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा।

यूपी: उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, अब दस प्रतिशत नहीं महंगी होगी बिजली; आयोग ने बताया गैर कानूनी

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Electricity in UP: यूपी में जून महीने में दस फीसदी बिजली दर बढ़ाने के फैसले में बदलावा हो सकता है। नियामक आयोग ने इसे गैर कानूनी बताया है।

पाॅवर काॅर्पोरेशन की ओर से बिजली बिल में 10 फीसदी ईंधन अधिभार लगाए जाने को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने गैर कानूनी बताया है। यही नहीं, पूरे मामले में सात दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। जवाब के बाद आयोग अंतिम फैसला सुनाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि अब ईंधन अधिभार के रूप में 10 फीसदी की वसूली नहीं की जा सकेगी।पाॅवर काॅर्पोरेशन ने मार्च माह के ईंधन अधिभार के रूप में 10 फीसदी वसूली का आदेश दिया था। ऐसे में जून माह में बिजली का बिल 10 फीसदी अधिक जारी होने की बात कही गई थी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सोमवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार तथा सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल करते हुए बताया कि ईंधन अधिभार के नाम पर कॉर्पोरेशन ने मार्च 2026 की वास्तविक बिजली खरीद लागत के साथ-साथ लगभग 1400 करोड़ रुपये के पुराने बकाये दावों और पहले की देनदारियों को भी जोड़ दिया है। यह आयोग के नियमों के विपरीत है। मामले की सुनवाई करते हुए विद्युत नियामक आयोग ने पाॅवर काॅर्पोरेशन को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा है कि कॉर्पोरेशन की सभी देनदारियों को गणना में शामिल करने से उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ पड़ता है। पिछली अवधि के बकाया और देनदारियों को वर्तमान फ्यूल पावर पर्चेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) गणना में शामिल करना विनियम 16.1 के प्रावधानों के अनुसार असंगत है। ऐसे में इस अभिधार को स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। आयोग ने पाॅवर काॅर्पोरेशन को सात दिन में विस्तृत स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। साथ ही वर्तमान व पहले की बिजली खरीद लागत और ट्रांसमिशन शुल्क का विवरण देने का भी आदेश दिया है।

उपभोक्ताओं के साथ आयोग ने किया न्याय
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के साथ न्याय किया है। आयोग की टिप्पणियों से स्पष्ट हो गया है कि काॅर्पोरेशन ने गलत तरीके से ईंधन अधिभार लगाया है।

यूपी: शिक्षामित्रों की बैठक आज, सरकार को घेरने की बनेगी रणनीति; इधर कैबिनेट की अहम बैठक बुधवार को

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UP Cabinet meeting: यूपी कैबिनेट की अहम बैठक बुधवार को होगी। सीएम योगी इसकी अध्यक्षता करेंगे। कई दर्जन प्रस्ताव इस बैठक में पास हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3 जून को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें उद्योग, निवेश, कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित एक दर्जन से प्रस्ताव पास होने की उम्मीद है। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।शिक्षामित्रों की बैठक आज
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की प्रांतीय बैठक दो जून को सुबह 10 बजे से लखनऊ में बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश के सभी प्रांतीय पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, जिला अध्यक्ष और जिला महामंत्री मुख्य रूप से शामिल होंगे।

बैठक में शिक्षामित्रों की बुनियादी समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही जून के मानदेय के संकट, मूल विद्यालय वापसी को जल्द पूरा करने पर चर्चा होगी। साथ ही मानदेय में की गई वृद्धि के लिए संगठन मुख्यमंत्री का धन्यवाद व आभार ज्ञापित करेगा।

12 जिलों के 14 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी

चकबंदी आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने सोमवार को 12 जिलों के 14 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूरा करने का आदेश दिया। यह स्वीकृति उप्र जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 52 (1) के तहत दी गई। इसमें कन्नौज, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के प्रस्ताव पेश किए गए थे। इन सभी प्रस्तावों को चकबंदी आयुक्त ने जारी कर दिया। इन 14 गांवों में से कुछ में तो चकबंदी लंबे समय से लंबित थी।

कन्नौज का गांव अकबरपुर 45 वर्षों से प्रक्रियाधीन था। बिजनौर का कस्बा झालू 37 वर्षों से लंबित था। सहारनपुर का डालामजरा भी 37 वर्षों से चल रहा था। प्रयागराज का राजेपुर मय सराय अरजानी 34 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। चकबंदी आयुक्त ने जिलास्तरीय अधिकारियों को लंबित प्रकरण वाले गांवों में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य चकबंदी प्रक्रिया को जल्द से जल्द समाप्त करना था। विभिन्न जिलों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया।

 

बिधूना क्षेत्रीय विकास के लिए सीएम से मिले पूर्व आईएएस

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बिधूना। लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सेवानिवृत्त आईएएस मानवेंद्र सिंह ने मुलाकात की।भले ही यह शिष्टाचार भेंट बताई जा रही है लेकिन चुनाव से चंद माह पहले सीएम से भेंट को उनके चुनावी समर में उतरने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि पूर्व आईएएस ने सीएम से क्षेत्र की समस्याओं व विकास कार्यों पर चर्चा के लिए भेंट की है।
दरअसल, पूर्व आईएएस मानवेंद्र सिंह का परिवार करीब चार दशक से बिधूना की राजनीति में सक्रिय रहा है। मानवेंद्र सिंह भी लगातार क्षेत्रीय भ्रमण, जनसंपर्क और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग आगामी चुनाव में उनके चुनाव लड़ने की संभावना तलाश रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

Auraiya News: शिकायत निस्तारण में गलत रिपोर्ट लगाने पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि

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औरैया। आईजीआरएस में प्राप्त शिकायत के निस्तारण में एक लेखपाल शैलेंद्र ने गलत रिपोर्ट लगा दी। डीएम बृजेश कुमार के निर्देश पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसकी जांच नायब तहसीलदार बिधूना से कराई गई।एसडीएम बिधूना निखिल राजपूत ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रवाह भगत गांव निवासी अनिल सविता ने सरकारी ऊसर भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। जिस पर लेखपाल द्वारा फर्जी रिपोर्ट व शिकायत निस्तारण के लिए गवाह के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। डीएम ने शिकायत का दोबारा संज्ञान लेते हुए दोबारा जांच के निर्देश दिए थे। इसकी जांच नायब तहसीलदार बिधूना से कराई गई।

नायब तहसीलदार की आख्या के अनुसार लेखपाल द्वारा विपक्षीगण अमर सिंह के संबंध में गलत जानकारी दर्ज की गई। यहां तक कि गवाह के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि इस आख्या के क्रम में लेखपाल शैलेंद्र कुमार वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित की गई है। अवैध कब्जा करने वाले अमर सिंह व उनके पारिवारिक जनों के विरुद्ध राजस्व संहिता 2006 की धारा-67 के तहत सक्षम न्यायालय में संस्थित किया गया है।

औरैया चार डिग्री लुढ़कर 32 डिग्री हो गया पारा

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औरैया। रविवार की रात आई आंधी और बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। नौतपा के अंतिम चरण में पहुंचते-पहुंचते गर्मी का असर कमजोर पड़ गया। इससे अधिकतम पारा चार डिग्री लुढ़ककर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा का अब केवल एक दिन शेष रह गया और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य के आसपास बने रहने की संभावना है।मौसम वैज्ञानिक डॉ. राम पलट सिंह ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्यिस दर्ज किया गया। रविवार की तुलना में सोमवार को अधिकतम तापमान में चार डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। वहीं हवा की गति बढ़कर 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इससे वातावरण में ठंडक बनी रही।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को 2.1 मिलीमीटर बारिश हुई। तापमान में गिरावट के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस हो गई।

डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी
सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने वालों की भीड़ देखी गई। चिकित्सकों को कहना है कि उमस भरे मौसम में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, बच्चों और बुजुर्गों को मौसम में हो रहे बदलाव के दौरान सतर्कता बरतनी चाहिए।


मौसम का हाल

एक जून- 32 डिग्री सेल्सियस
31 मई- 36 डिग्री सेल्सियस
30 मई- 38 डिग्री सेल्सियस
29 मई- 36 डिग्री सेल्सियस

नोट- अधिकतम तापमान मौसम विभाग के अनुसार, चार दिनों में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री ही रहा।

अछल्दा तारों पर लटका साइनबोर्ड, पेड़ व पोल गिरने से यातायात बाधित

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अछल्दा। रविवार रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। वहीं सड़कों के किनारे पेड़ व पोल गिरने से यातायात भी बाधित रहा। दिबियापुर रोड पर एक बड़ा साइनबोर्ड टूट कर बिजली एवं इंटरनेट के तारों के सहारे हवा में लटक गया।

तेज आंधी और बारिश से दिबियापुर रोड पर एक बड़ा साइनबोर्ड टूट कर बिजली के तारों पर झूल गया। हैरानी की बात यह रही कि काफी देर तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या जिम्मेदार विभाग की नजर इस ओर नहीं गई। वहीं तेज हवा से साइनबोर्ड गिरता तो सड़क पर बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में खतरे को भांपते हुए दुकानदारों ने खुद कमान संभाली। दोपहर बाद सोमवार को दुकानदारों ने किसी तरह मशक्कत कर तारों पर लटके इस साइनबोर्ड को उतारा।अछल्दा विकासखंड क्षेत्र में आई तेज आंधी और बारिश से निवाड़ी से नदूपुर फीडर को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की लाइन के खंभे टूट कर गिर गए। इससे जगह-जगह इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हुए। इससे नदूपुर फीडर से जुड़े एक दर्जन गांवों की बिजली पूरी तरह से ठप हो गई। बिजली गुल होने से मोहम्मदाबाद, तेहराजपुर, चिमकुनी, लिधौरा, नदूपुर, नौनिकपुर, मकरंदपुर सहित फीडर से जुड़े गांवों में अंधेरा छा गया।

सोमवार सुबह से ही विद्युत विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब पांच बजे फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। अवर अभियंता अनुज कुमार ने बताया कि तेज आंधी के कारण निवाड़ी के पास 11 हजार वोल्ट लाइन के खंभे टूट गए थे। इससे नदूपुर फीडर की सप्लाई बाधित हो गई थी। अब सभी गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।

मेरठ, हापुड़ के तुषार त्यागी की मेरठ में हत्या,

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मेरठ, हापुड़ के तुषार त्यागी की मेरठ में हत्या, हाईवे के पास कार में मिली तुषार की लाश, पत्नी के फोन पर तुषार ने किडनैपिंग की बात कई, व्हाट्सअप कॉल को लेकर हुआ था विवाद, विवाद में समझौते के बाद भी तुषार की हत्या, खरखौदा के कैली के पास मिला था शव

 

 

सहारनपुर, कोर्ट रोड स्थित फोन शॉप में लाखों की चोरी,

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सहारनपुर, कोर्ट रोड स्थित फोन शॉप में लाखों की चोरी, शटर के ताले तोड़कर दुकान में घुसे चोर, लाखों के फोन, नकदी पर किया हाथ साफ, करीब 8 लाख रुपये की चोरी की आशंका, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, थाना सदर बाजार क्षेत्र का मामला