फफूंद। कस्बे में गुरुवार को हुए दो सड़क हादसों में एक किशोर समेत दो की जान चली गई। हादसे से दोनों परिवारों में त्योहार की खुशियां गम में बदल गईं। किशोर के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव ले गए।कस्बा के मोहल्ला ऊंचा टीला निवासी जितेंद्र कुमार राठौर का बेटा आशीष (17) गुरुवार रात 10 बजे बाइक से अजीतमल के गांव मुरादगंज जाने की बात कहकर घर से निकला था।औरैया रोड स्थित मोड़ पर पहुंचते ही उसकी बाइक अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इससे किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
दूसरी घटना वहां से करीब 50 मीटर दूर कूड़ा डंपिंग जोन के पास देर रात करीब साढ़े 10 बजे हुई। यहां कस्बे के मोहल्ला भराव निवासी भगवानदास दिवाकर का बेटा जितेंद्र दिवाकर (20) भोजन करने के बाद सड़क पर टहल रहा था। तभी किसी वाहन ने पीछे से उसे टक्कर मार दी। जिससे वह उछलकर सड़क पर गिर गया।
वहां गश्त करने आ रही पुलिस ने युवक को सीएचसी दिबियापुर में भर्ती कराया। वहां से उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज फिर वहां से सैफई रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश पाल ने बताया कि किशोर के परिजनों की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई। युवक का पोस्टमार्टम सैफई में हो रहा है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
चार साल पहले आशीष की बहन की नदी में डूबने से हुई थी मौत
औरैया। आशीष के पिता कस्बे में किराने की दुकान किए हैं। आशीष इसमें हाथ बंटाता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। सबसे छोटी बहन चार वर्ष पहले अयाना के फरिया गांव स्थित ननिहाल गई थी। वहां यमुना नदी में नहाने के दौरान डूबने से उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। (संवाद)
भाई के लिए खरीदी थी राखी, जितेंद्र का शव देख चीख पड़ी बहन
औरैया। गुरुवार देर रात सड़क हादसे में जितेंद्र की मौत हो गई थी। वह तीन भाई दो बहनों में चौथे नंबर का था। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। दोनों भाई बाहर रहकर नौकरी करते हैं। जानकारी के बाद दोनों भाई घर के लिए निकल पड़े। मौत की सूचना पर बहन राखी सैफई अस्पताल पहुंची। वह भाई का शव देख चीख पड़ी। रक्षाबंधन को लेकर उसने भाई के लिए राखी खरीदी थी। मौत के बाद बहन के अरमान धरे के धरे रह गए।



