Friday, February 13, 2026
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिखेगी ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक, आएंगे 50 लाख से अधिक श्रद्धालु

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Shri Krishna Janmashtami: ब्रज क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव पर मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, इस वर्ष केवल मथुरा में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। शहर में छोटे-बड़े मंच सजाए गए हैं, जिन पर एक हजार के करीब कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

देशी-विदेशी पर्यटकों का उमड़ेगा सैलाब 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मथुरा-वृन्दावन में तीन दिन शहर के मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक भव्य शोभा यात्राएं निकलेंगी। उत्सव के दौरान पारंपरिक झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों के माध्यम से ब्रज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। दरअसल, 15 से 17 अगस्त तक तीन दिन की लगातार छुट्टी होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। विभाग का अनुमान है, इस वर्ष मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों का सैलाब उमड़ेगा। उन्होंने बताया कि मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और गोकुल में भव्य तैयारियां की गई हैं। जिनके माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटक भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी लीलाओं का साक्षात अनुभव कर सकेंगे।

फूल, रंगोली और दीपों से सजाए मंदिर 
जयवीर सिंह ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्ति का माहौल चरम पर है। मथुरा की गलियों में श्रीकृष्ण बाल लीलाओं की झांकियां सज रही हैं। वहीं, मंदिरों को फूलों, फसाड लाइटिंग, रंगोली और दीपों से सजाया जा रहा है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि से भव्य शोभायात्रा निकलेगी। मथुरा की गलियों से लेकर वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन मंदिरों शोभायात्रा की श्रृंखला भक्तिमय वातावरण तैयार करेगी। राधा-कृष्ण मंदिरों को फूल, रंगोली और दीपों से सजाया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज और बुंदेलखंड के साथ-साथ राजस्थान व हरियाणा के लोक कलाकार नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

पीडीए का नारा जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला- विधानसभा में योगी ने सपा पर बोला हमला

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लखनऊ: विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को जनता की आंखों में धूल झोंकने का खेल करार देते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने वास्तव में पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक शिल्पियों के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन को संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश के उद्योग इन्फ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद करने का कार्य विपक्ष के शासनकाल में हुआ। इसमें कानपुर को तबाह कर दिया गया। व्यापारियों और उद्यमियों से हफ्ता वसूली की जाती थी।

70 वर्षों में विपक्षी सरकारें अधूरे नेटवर्क से नहीं हो रहा था निवेश
उन्होंने कहा कि विपक्षी शासनकाल में एमएसएमई क्लस्टर को मरणासन्न स्थिति में पहुंचा दिया गया था जबकि, परंपरागत उद्यमों से गांव के गरीब, वंचित और पिछड़ा वर्ग ही सबसे ज्यादा जुड़ा हुआ है। हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के परंपरागत उद्यम को बढ़ावा दिया, ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और पैकेजिंग पर काम किया। टूलकिट उपलब्ध कराये गये। अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल (2017-2025) की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करते हुये कहा कि उनके ‘विजन’ को देखकर आश्चर्य होता है, क्योंकि 70 वर्षों में विपक्षी सरकारें अधूरे नेटवकर् और ठहरे निवेश के साथ प्रदेश को विकास के पथ पर आगे नहीं ले जा सकीं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1947 से 2017 तक की स्थिति को उन्होंने अधूरा नेटवकर् और ठहरा निवेश करार दिया, जब केवल दो एक्सप्रेसवे थे, राष्ट्रीय राजमार्ग 12 हजार किलोमीटर से कम थे, हवाई अड्डों की संख्या सीमित थी, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी नहीं थी और औद्योगिक कनेक्टिविटी के लिए कोई नीति नहीं थी। इसके विपरीत, योगी ने अपने कार्यकाल को जल-थल-नभ की बेहतरीन कनेक्टिविटी वाला दौर बताया।

प्रदेश में एक्सप्रेसवे की संख्या दो से बढ़कर 22 हो गई
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय 2017 में 69,789 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1,47,719 करोड़ रुपये हो गया। एक्सप्रेसवे की संख्या दो से बढ़कर 22 हो गई, जिसमें सात संचालित, पांच निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित हैं, जो देश का सबसे बड़ा नेटवकर् है। उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवकर् स्थापित हुआ है। दादरी (नोएडा) में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का विकास हो रहा है और ईस्टर्न व वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन बनाया गया है। सुनियोजित लॉजिस्टिक्स पाकर् स्थापित किए गए हैं। हवाई अड्डों की संख्या 16 तक पहुंच गई है, जिनमें पांच निर्माणाधीन हैं और प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। जेवर इंटरनेशनल एयरपोटर् का निर्माण अंतिम चरण में है, जो इस वर्ष के अंत में शुरू होगा।

 पहले कानून व्यवस्था के कारण निजी निवेशकों की अरुचि थी
योगी ने कहा कि हवाई जहाज के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग के लिए एमआरओ नीति बनाई गई है और एक्सप्रेस​वे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ये सुधार लॉजिस्टिक लागत को कम कर रहे हैं और निवेश व रोजगार को नए आयाम दे रहे हैं। औद्योगिक विकास के मोर्चे पर योगी ने विपक्ष के शासनकाल को नाकाम बताया, जब बदहाल कानून व्यवस्था के कारण निजी निवेशकों की अरुचि थी, औद्योगिक नीति का अभाव था और अदूरदर्शी निर्णयों ने सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को तालाबंदी की ओर धकेल दिया। पारंपरिक शिल्पकला और उद्योगों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिला, जिसके चलते हर जनपद के सूक्ष्म और लघु उद्योग मरणासन्न हो गए।

 60 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी और लाखों लोगों को रोजगार मिला
इसके उलट, पिछले आठ वर्षों में पंजीकृत कारखानों की संख्या 14,169 से बढ़कर 27,295 हो गई। 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरीं, जिससे 60 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी और लाखों लोगों को रोजगार मिला। 33 सेक्टोरल नीतियों और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से परंपरागत उद्यमों को तकनीक और पैकेजिंग से जोड़ा गया।

 सरकार ने स्वदेशी को बढ़ावा दिया
उत्तर प्रदेश के 77 जीआई टैग उत्पाद देश में अव्वल हैं, जो वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वदेशी को बढ़ावा दिया, जबकि विपक्ष ने शिल्पकारों को हतोत्साहित किया, जिससे वे पलायन और भुखमरी की कगार पर पहुंच गए। पिछले आठ वर्षों में गांव के मोची, कारीगर और कुम्हार को टूलकिट देकर उनके संवर्धन का कार्य किया गया, जिससे उनके जीवन में परिवर्तन आया। पहले पर्व-त्योहारों पर बाजार चीनी सामान से भरे रहते थे, लेकिन अब यूपी के हस्तशिल्पियों और कारीगरों के उत्पादों से सजते हैं।

सैफई महोत्सव में विदेशी फूलों के गुलदस्ते मंगवाती थीं सपा
योगी ने बताया कि वह हर अतिथि को ओडीओपी उत्पाद उपहार में देते हैं, जबकि विपक्षी सरकारें सैफई महोत्सव में विदेशी फूलों के गुलदस्ते मंगवाती थीं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे आजादी की बात करते हैं, लेकिन गुलामी का काम करते हैं। उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि शिवपाल यादव उनकी विरासत की अंतिम कड़ी थे, लेकिन वे (चच्चा) भी ‘गच्चा’ खा गए।

500 से अधिक देशी-विदेशी ट्रेडर्स ने हिस्सा लिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमएसएमई नीति-2022 के तहत 96 लाख इकाइयों के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष पर है, जिससे पौने दो करोड़ रोजगार सृजित हुए। औद्योगिक ऋण वितरण 2017 में 3.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 9.24 लाख करोड़ रुपये हो गया। सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश सारथी पोटर्ल ने उद्यमियों को सहूलियत दी।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन हो रहा है, वहां कोई हिन्दू मुस्लिम नहीं देखता। इसमें 2024 में 500 से अधिक देशी-विदेशी ट्रेडर्स ने हिस्सा लिया और 2,200 करोड़ रुपये के ऑडर्र प्राप्त हुए। एफडीआई नीति-2023 के तहत फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों को आकर्षित किया गया। अप्रैल 2000 से जून 2017 तक जहां केवल 3,303 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया, वहीं अप्रैल 2017 से अब तक 16,316 करोड़ रुपये का एफडीआई प्राप्त हुआ।

79th Independence Day: भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, सोनौली बॉर्डर पर बिना जांच के नहीं मिल रहा प्रवेश

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Maharajganj News, (मार्तण्ड गुप्ता): स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर भारत नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। देश में किसी तरह की आतंकी गतिविधियां ना हो इसके लिए पूरे नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा सुरक्षा पर लगे एसएसबी और पुलिस के जवानों द्वारा नेपाल से हर आने वाले की सघन तलाशी ली जा रही है।

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रेलवे स्टेशन, होटलों और बसों की सघन तलाशी
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर किसी भी तरह की आतंकी घटनाओं को देखते हुए बॉर्डर की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रेलवे स्टेशन, होटलों और बसों की सघन तलाशी ली जा रही। वहीं सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। सोनौली सीमा को भारत नेपाल की सबसे संवेदनशील सीमा मानी जाती है। इसलिए सीमा पर सीसीटीवी कैमरे की भी मदद ली जा रही है और नेपाल से आने वाले एक-एक लोगों की एसएसबी जवानों द्वारा तलाशी लेने के बाद ही उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश करने दिया जा रहा है।

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सुरक्षा में लगे अधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त को लेकर ये विशेष अभियान एसएसबी के साथ संयुक्त रूप से पूरे नो मेंस लैंड पे,गेस्ट हाउस और रोडवेज पर डॉग स्क्वायड के साथ किया जा रहा है और ये चेकिंग स्वतंत्रता दिवस तक चलता रहेगा।

‘पहले मैं पीड़ित महिला हूं, फिर विधायक’, सपा से बर्खास्तगी के बाद भावुक हुईं पूजा पाल, बोलीं- जब पति की हत्या हुई…मैं नई-नवेली दुल्हन थी

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Lucknow News: समाजवादी पार्टी से बर्खास्त विधायक पूजा पाल ने पार्टी से निकाले जाने के बाद तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह प्रयागराज की उन माताओं और बहनों की आवाज़ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

पूजा पाल ने कहा, “प्रयागराज में जो लोग अतीक अहमद से परेशान थे, उन्हें न्याय मुख्यमंत्री ने दिलाया है, सिर्फ मुझे नहीं। यह बात मैं पहले दिन से कह रही हूँ, तब भी जब मैं पार्टी में थी। आज मुझे बर्खास्त किया गया है, लेकिन मैं अपने बयान पर आज भी कायम हूँ। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले एक पीड़ित महिला और पत्नी हैं, उसके बाद विधायक बनीं।

उन्होंने कहा कि “मेरे पति की दिनदहाड़े हत्या हुई थी, मैं नई-नई दुल्हन थी और घर में कोई नहीं था। तब मैं घर से निकली थी। मैं भी पिछड़ा वर्ग से हूँ और मैंने जो कहा, उस पर आज भी कायम हूँ। उन्होंने साबित कर दिया है कि वे पूरी तरह पीडीए के खिलाफ हैं। पूजा पाल के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विकास और भविष्य 2047 की दिशा पर मंथन के लिए आयोजित 24 घंटे के विशेष सत्र में कौशांबी की चायल से सपा विधायक पूजा पाल ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सीएम योगी की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री योगी ने मिट्टी में मिलाने का काम किया। योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के चलते अतीक अहमद जैसे माफिया खत्म हुए, और उन्हें व कई अन्य महिलाओं को न्याय मिला। उनका यह बयान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रास नहीं आया और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

सुहागरात पर सो गया दूल्हा तो दुल्हन ने कर दिया बड़ा कांड….. बुलानी पड़ी पुलिस, जानिए क्या पूरा मामला

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संभल : जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 24 घंटे बाद ही दुल्हन सोना-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। आधी रात को जागे दूल्हे ने दुल्हन को बिस्तर पर न पाकर हड़कंप मचा दिया।

लुटेरी दुल्हन का कारनामा
पीड़ित सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके छोटे भाई अरविंद की शादी नैनीताल निवासी राधिका से धूमधाम से हुई थी। इस शादी का रिश्ता हल्द्वानी के मनोज और नैनीताल के लक्की नामक व्यक्तियों ने तय कराया था। रिश्ता पक्का करते समय आरोपियों ने 1.20 लाख रुपये यह कहकर लिए थे कि दुल्हन की मां की तबीयत खराब है और जल्द शादी करनी होगी।

घटना कैसे हुई
विदाई के बाद राधिका अशोकनगर स्थित अरविंद के घर आ गई। लेकिन 12 जुलाई की आधी रात को वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और ₹24,000 नकद लेकर चुपचाप भाग गई। जब दूल्हे और परिवार को पता चला, तो उन्होंने दुल्हन और उसके परिचितों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

पुलिस कार्रवाई
बनियाठेर थाना प्रभारी रमनपाल सिंह के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर राधिका सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

J&K: भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, इस इलाके का Traffic ठप्प

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पुंछ ( धनुज ) :  पुंछ जिले में कल से जारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो कर रह गया है। बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जिसको देखते हुए DC पुंछ अशोक शर्मा, SSP पुंछ शफकत हुसैन, ASP पुंछ मोहन शर्मा और SHO पुंछ सचिन्दर सिंह ने पुलस्त्य नदी सहित कई क्षेत्रों का दोरा कर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने के निर्देश दिए। वहीं भारी बारिश को देखते हुए पुंछ से सुरनकोट के बीच यातायात को बंद किया गया है। पुलिस वाहनों से एनाउंसमैंट कर लोगों को सचेत किया जा रहा है ताकि कहीं किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो।

यूपी: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शराब की दुकानें रहेंगी बंद, बार और क्लब को लेकर भी आया आदेश; जानिए डिटेल

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स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले की सभी शराब की दुकानें, मॉडल शॉप, भांग की दुकानें और बार बंद रहेंगे। डीएम विशाख जी ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को इसका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अनुज्ञापनधारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।

दिल्ली में लगातार दो दिन बंद रहेंगे ठेके

दिल्ली में इस सप्ताह लगातार दो दिन शराब की दुकानें बंद करेंगी। जिसमें स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी पर्व शामिल है। दिल्ली आबकारी नियम के तहत विभिन्न लाइसेंस श्रेणियों की शराब की दुकानें 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 16 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर बंद रहेंगी।

इसे लेकर दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सभी खुदरा शराब की दुकानें, बार, रेस्टोरेंट, होटल और क्लब स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ दो अक्टूबर, महात्मा गांधी की जयंती पर भी बंद रहेंगे।

लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस में शराब मिलने के मामले की जांच शुरू

 लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के एसी डक्ट में मिली शराब की बोतलों के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। इसमें अटेंडेंट की भूमिका शक के दायरे में है। आरपीएफ को ऐसे इनपुट मिले हैं। ट्रेन के बरौनी से वापस आने के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किया जाएगा। पिछले दो दिन में ट्रेनों में शराब मिलने के 15204 लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के अलावा करीब आधा दर्जन मामले पकड़े गए हैं। ट्रेनों के अंदर टॉयलेट से लेकर अनाज से भरी बोरियों तक में शराब की बोतलें मिलीं हैं। ये ट्रेनें बिहार और मध्य प्रदेश जाने वाली हैं। बिहार में पूरी तरह और मध्य प्रदेश में कई धार्मिक शहरों में शराब प्रतिबंधित है। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारी अंतरराज्यीय गिरोह के संपर्क में हैं। इसके अलावा अन्य रेलवेकर्मियों की भी इसमें मिलीभगत हो सकती है।

विजन डॉक्यूमेंट: ऊर्जा मंत्री बोले- बिजली की व्यवस्था बनाएंगे सर्वश्रेष्ठ, शिवपाल ने कहा- ये सब सिर्फ लॉलीपॉप

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Vision Document 2047: यूपी विधानसभा में विजन डॉक्यमेंट पर चर्चा के दौरान कई बार पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तकरार देखने को मिली।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए यूपी तेजी से काम कर रहा है। प्रदेश की बिजली व्यवस्था को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे। बिल में घोटाले होते थे। अब प्रदेश में 32 हजार मेगावाट की पीक डिमांड पूरी हो रही है। सात दशक में सिर्फ साढ़े आठ लाख किसानों को नलकूप मिले, जबकि वर्तमान सरकार ने आठ साल में ही 15 लाख किसानों को नलकूप दिए। करीब 1.5 लाख मजरों का विद्युतीकरण हुआ और 9120 मेगावाट तापीय बिजली का उत्पादन हो रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्ष 2047 तक बिजली और नगरीय व्यवस्थापन में प्रदेश को रामराज्य के वैभव तक पहुंचाने का संकल्प है।

आईंस्टीन ने जो बताया, हजारों साल पहले हमारे पास था : एके शर्मा
एके शर्मा ने कहा कि 1700 ईस्वी में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की 24 प्रतिशत थी। आधुनिक युग में वैज्ञानिक आईंस्टीन ने फॉर्मूले के जरिये बताया था कि हर चीज ऊर्जा है, लेकिन यह बात हमारे वेद-पुराणों में हजारों साल पहले कह दी गई थी। हमारा शहरीकरण देश के औसत से कम है, लेकिन इसके लिए पहले की सरकारें जिम्मेदार हैं। हमने लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत प्रमुख शहरों में लाखों टन कूड़े का निस्तारण किया है। पीएम नरेंद्र मोदी शहरों के कायाकल्प के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं लाए। इसके अलावा भाजपा के दिनेश गोयल, शैलेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे।

वोट बैंक के लिए लॉलीपॉप है विजन डॉक्यूमेंट : शिवपाल सिंह

 सपा के वरिष्ठ सदस्य शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान कहा कि भाजपा 2047 का सपना लेकर सदन में आई है। जब लोग अपने पोते-पोतियों को स्कूल छोड़ने जा रहे होंगे, तब यह सरकार विकास करेगी। तब तक हम लोगों में से तमाम लोग शायद जिंदा भी न हों। दरअसल यह वोट बैंक के लिए लॉलीपॉप है। भाजपा को पहले अतीत का हिसाब देना चाहिए। 2022 में जो वादे किए थे, क्या वे पूरे हो गए। किसानों की आय दोगुनी होने के बजाय आधी हो गई। मेडिकल कॉलेज अभी निर्माणाधीन हैं। आधे में स्टाफ नहीं है। सड़कों का बुरा हाल है। स्कूलों में शिक्षक, फर्नीचर, बिजली नहीं है। नई शिक्षा नीति ने सब चौपट कर दिया। क्लास होती नहीं है और साल भर परीक्षा कराई जाती है। भाजपा ने सिर्फ शिलान्यास करने और नाम बदलने का काम किया है। सरकार के हिसाब से गरीबी एक लंबी बीमारी है जो वर्ष 2047 में खत्म होगी। इनको आज की भूख नहीं दिख रही। भाजपा 2047 के सपने दिखाना बंद करे और 2025 की हकीकत बताए। उन्होंने विजन डॉक्यूमेंट का विरोध करने के साथ इसे बकवास करार दिया।

पहले के सीएम-पीएम को मंदिर जाने में आती थी शर्म : अशोक कटारिया

विधान परिषद में भाजपा के सदस्य और पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि 2014 से पहले पीएम और सीएम मजारों पर तो चादर चढ़ाने जाते थे, पर मंदिर जाने में उन्हें शर्म आती थी। भाजपा की सरकारों ने देश-प्रदेश में अयोध्या, काशी, महाकाल और केदारजी कॉरिडोर का विकास कराया। भारत के सांस्कृतिक प्रतीकों को समृद्ध किया। आज हमारे कारोबारी दुनिया में जाते हैं, तो उन्हें हाथोंहाथ लिया जाता है। किसानों को समय से गन्ना मूल्य मिलता है। किसान क्रेडिट कार्ड ने उनकी जिंदगी में आमूलचूल बदलाव कर दिया है। हर गांव में गैस चूल्हे हैं, जो पहले सपना हुआ करता था।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में यूपी का हिस्सा बढ़ाना हमारा लक्ष्य : सुरेश खन्ना

वित्त और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विकसित देश भी चाहते हैं कि उनके यहां योगी आदित्यनाथ जैसा सीएम हो। 8 साल में हमारा राज्य सकल घरेलू उत्पाद 12.71 लाख करोड़ से बढ़कर 30.77 लाख करोड़ रुपये हो चुका है, जिसे बढ़ाकर 35 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। इस अवधि में हमारी कर राजस्व प्राप्ति में 147 प्रतिशत की वृद्धि, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की वृद्धि, राजस्व व्यय में 96 प्रतिशत वृद्धि और प्रदेश के बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 1960-61 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का हिस्सा 14.4 प्रतिशत था, जो अब घटकर 9 प्रतिशत रह गया है। इसे पहले के बराबर लाना ही हमारा लक्ष्य है। हम प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना चाहते हैं। वनीकरण कम होने के कारण वित्त आयोग के तहत हमें कम बजट मिला, जिसे दुरुस्त करने के लिए 242 करोड़ पौधे लगाए हैं।

राज्य की नई सहकारी नीति जल्द, ड्राफ्ट कमेटी का हुआ गठन
विधान परिषद में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा करते हुए सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि सपा के समय में सहकारिता जेब की, चंद लोगों की थी। सदस्य, निदेशक, अध्यक्ष सब अपने लोगों को बनाते थे। हमने जेब से निकालकर जनता की सहकारिता बनाया है। विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति में उन्होंने कहा कि सपा ने 24 कैरेट वाले कार्यकर्ताओं को ही इसमें भर्ती किया। बिना पर्ची, बिना खर्चे के भर्ती नहीं की। हमने पारदर्शी भर्ती की है। मंत्री ने बताया कि केंद्र की तर्ज पर यूपी की नई सहकारी नीति जल्द आएगी। इसके लिए ड्राफ्ट कमेटी का गठन किया गया है। इसमें 20247 की झलक दिखेगी। मंत्री ने कहा कि सपा के समय में 16 सहकारी बैंक बंद थे। इसके 18 लाख सदस्य, अपने 2100 करोड़ के लिए भटक रहे थे। किसी की बेटी की शादी तो किसी की बीमारी का इलाज रुका था। हमने न सिर्फ इन बैंकों को चलाया, आज यह प्रॉफिट में हैं। सभी के पैसे भी वापस मिले हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक बैंक इटावा का घाटे में है। जिसकी जांच में 1 अरब दो करोड़ का घपला मिला था। इसमें 10 लोगों को जेल भेजा गया है।

लखनऊ एयरपोर्ट: साढ़े पांच महीने बाद सामान्य होगा विमानों का संचालन, 15 अगस्त के बाद दिन में उड़ सकेंगी फ्लाइट

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Lucknow Airport: लखनऊ एयरपोर्ट में बीते साढ़े पांच महीने से चल रहा मेंटेनेंस का काम 15 अगस्त से खत्म हो जाएगा। इसके बाद यहां दिन में विमानों का संचालन हो सकेगा।

करीब साढ़े पांच महीने बाद एक बार फिर से अमौसी एयरपोर्ट पर विमानों का 24 घंटे संचालन शुरू हो सकेगा। नये टैक्सी-वे, रनवे की रि-कार्पेटिंग की वजह से 15 अगस्त तक विमानों के संचालन में बदलाव किया गया था। अब काम पूरा होने के बाद एक बार फिर से शनिवार से विमानों का संचालन पूरी तरह बहाल होगा जिससे विमानों की संख्या 120 से ज्यादा बढ़ सकती है। यात्रियों को राहत मिलेगी।एयरपोर्ट प्रशासन ने सबसे पहले एक मार्च से 15 जुलाई तक सुबह 10 से शाम छह बजे विमान सेवाएं बंद की थीं। यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने हस्तक्षेप किया तो इसमें बदलाव किया गया। उसके बाद संचालन अवधि में बदलाव करते हुए दो घंटे ज्यादा समय के लिए विमान उड़ाने का निर्णय लिया गया। इसकी वजह से काम की अवधि एक महीने यानी 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई थी।

रनवे की रिकॉर्पेटिंग से लैंडिंग और टेकऑफ में काफी सुविधा हो जाएगी। टर्मिनल-3 बनने के बाद अमौसी एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ी है। वहीं अब टर्मिनल- 1 व 2 को संवारा जा रहा है। इनके बनने के बाद टर्मिनल-1, 2 व 3 को एक कर दिया जाएगा। इससे अमौसी एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर दोगुनी से ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में नये रनवे से विमानों का संचालन और आसान हो सकेगा। 

यूपी: बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक सदन में पेश, चल-अचल संपत्तियों पर होगा ट्रस्ट का अधिकार; होंगे ये बदलाव

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Shri Banke Bihari Temple Bill: विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक को पेश किया गया। उम्मीद है कि यह विधेयक गुरुवार को पास हो जाए।

विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक को पेश किया गया। न्यास गठन के बाद वृंदावन स्थित मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कहा गया है कि मंदिर के चढ़ावे, दान और सभी चल-अचल संपत्तियों पर न्यास (ट्रस्ट) का अधिकार होगा। संपत्तियों में मंदिर में स्थापित मूर्तियां, मंदिर परिसर और उसकी सीमा के भीतर देवताओं के लिए दी गई भेंट या उपहार, किसी भी पूजा, सेवा, कर्मकांड, समारोह व धार्मिक अनुष्ठान के लिए दी गई संपत्ति, नकद या वस्तु के रूप में अर्पण, मंदिर परिसर के उपयोग के लिए डाक-तार से भेजे गए बैंक ड्राफ्ट और चेक भी शामिल होंगे।मंदिर की संपत्तियों में आभूषण, अनुदान, योगदान, हुंडी संग्रह समेत श्री बांके बिहारी जी मंदिर की सभी चल एवं अचल संपत्तियां शामिल मानी जाएंगी। विधेयक में कहा गया है कि न्यास का गठन स्वामी हरिदास की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। स्वामी हरिदास के समय से चले आ रहे रीति-रिवाज, त्योहार, समारोह और अनुष्ठान बिना किसी हस्तक्षेप या परिवर्तन के जारी रहेंगे। न्यास ही दर्शन का समय तय करेगा, पुजारियों की नियुक्ति करेगा। उनके वेतन, भत्ते या प्रतिकर निर्धारित करेगा। साथ ही भक्तों और आगंतुकों की सुरक्षा तथा मंदिर के प्रभावी प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी न्यास पर होगी।

ये सुविधाएं होंगी विकसित
प्रसाद वितरण, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग दर्शन मार्ग, पेयजल, विश्राम के लिए बेंच, पहुंच एवं कतार प्रबंधन कियोस्क, गोशालाएं, अन्नक्षेत्र, रसोईघर, होटल, सराय, प्रदर्शनी कक्ष, भोजनालय और प्रतीक्षालय जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

यह होगी ट्रस्ट की संरचना, कुल होंगे 18 सदस्य

न्यास में 11 मनोनीत और 7 पदेन सदस्य होंगे। मनोनीत सदस्यों में वैष्णव परंपराओं, संप्रदायों व पीठों से 3 प्रतिष्ठित सदस्य होंगे। इनमें साधु-संत, मुनि, गुरु, विद्वान, मठाधीश, महंत, आचार्य और स्वामी शामिल हो सकते हैं। सनातन धर्म की परंपराओं, संप्रदायों व पीठों से 3 सदस्य, सनातन धर्म की किसी भी शाखा या संप्रदाय से 3 सदस्य होंगे। ये प्रतिष्ठित व्यक्ति, शिक्षाविद, विद्वान, उद्यमी, वृत्तिक व समाजसेवी होंगे। गोस्वामी परंपरा से 2 सदस्य होंगे। इनमें स्वामी हरिदासजी के वंशज के राज-भोग सेवादारों और शयन-भोग सेवादारों का एक-एक प्रतिनिधि होगा। इनका कार्यकाल 3 वर्ष का होगा।

पदेन सदस्य में मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ, बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट के सीईओ और राज्य सरकार का नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे। यदि कोई पदेन सदस्य सनातन धर्म को नहीं मानने वाला या गैर-हिंदू हुआ, तो उसकी जगह उससे कनिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाएगा।

हर तीन महीने में होगी ट्रस्ट की बैठक, 20 लाख तक की संपत्ति खरीदने का अधिकार

न्यास की बैठक हर तीन महीने में अनिवार्य होगी। बैठक के आयोजन से 15 दिन पहले नोटिस देना होगा। बोर्ड या सदस्य सद्भावनापूर्वक किए गए कार्यों के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराए जाएंगे। न्यास को 20 लाख रुपये तक की चल व अचल संपत्ति स्वयं खरीदने का अधिकार होगा। इससे अधिक के लिए सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एडीएम स्तर के अधिकारी होंगे। यह विधेयक मंदिर की धार्मिक परंपरा की रक्षा करते हुए प्रशासन को संस्थागत बनाता है और श्रद्धालुओं को अच्छे अनुभव देने का रोडमैप प्रस्तुत करता है।

क्या है न्यास का उद्देश्य

न्यास गठन का उद्देश्य मंदिर की संपत्तियों को अपने अधीन करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि व्यय जवाबदेह तरीके से किया जाए। न्यास की स्थापना का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में हस्तक्षेप करना नहीं है। सरकार किसी भी धार्मिक पहलू में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद हो सकेगा न्यास का गठन

शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दोनों सदनों में उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक पास होने के बाद भी इसके तहत ट्रस्ट का गठन नहीं हो सकेगा। ट्रस्ट के गठन के बाबत कोई भी निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद ही हो सकेगा।

यहां बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज और पर्यवेक्षण के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अशोक कुमार की अध्यक्षता एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया। यह समिति तब तक मंदिर प्रबंधन का कामकाज देखेगी, जब तक यूपी सरकार के अध्यादेश मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला नहीं सुना देता।