Tuesday, February 17, 2026
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थैंक्यू योगी अंकल! नए साल के पहले दिन 24 घंटे में माफियाओं के कब्जे से मुक्त हुआ मेजर की बेटी का घर, छलक पड़े खुशी के आंसू

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Lucknow News: लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में नए साल का पहला दिन 31 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना के लिए बेहद खास बन गया। अंजना को उनका घर वापस मिल गया, जिस पर कुछ लोगों ने फर्जी कागजात बनाकर कब्जा कर लिया था।

अंजना का दुखभरा जीवन
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे। उनका निधन 1994 में हो गया। परिवार में दो बेटियां और एक बेटा थे, लेकिन समय के साथ उनके भाई और एक बहन का भी निधन हो गया। इस गहरे दुख से अंजना गंभीर मानसिक बीमारी (सीजोफ्रेनिया) से ग्रस्त हो गईं। वह 2016 से रिहैबिलिटेशन सेंटर में इलाज करा रही हैं।

जाली दस्तावेज से किया गया कब्जा
चंदौली जिले के बलवंत यादव उर्फ बबलू और मनोज यादव ने अंजना की कमजोरी का फायदा उठाकर फर्जी वसीयत और जाली दस्तावेजों के जरिए अंजना के घर पर कब्जा कर लिया। जब अंजना को इस बात का पता चला, तो उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई।

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मिली राहत
अंततः 31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी पूरी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने तुरंत पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने तेजी से काम किया। अगले दिन यानी 1 जनवरी 2026 तक बलवंत यादव और मनोज यादव को गिरफ्तार किया गया, अवैध कब्जा हटाया गया और अंजना को उनका घर वापस सौंप दिया गया।

घर लौटते ही भावुक हुईं अंजना
– पुलिस की मौजूदगी में जब अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो भावुक हो गईं।
– उन्होंने हर कमरे को देखा, दीवारों को छुआ और पुरानी यादों में खो गईं।
– बाहर आकर नारियल फोड़ा, दीपक जलाया और फूल चढ़ाए।
– पड़ोस की महिलाओं से गले मिलकर रो पड़ीं।
– खुशी में बार-बार कहा: ‘थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू!’

पुलिस में कार्रवाई
इस पूरे मामले में एक चौकी इंचार्ज को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘भूमाफिया पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते अंजना को तेजी से न्याय मिला।

UP Diwas 2026: सीएम योगी ने कहा- राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होगा उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आयोजन इस वर्ष लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जायेगा। उन्होंने गुरुवार शाम उत्तर प्रदेश दिवस (24 से 26 जनवरी) की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन नोएडा शिल्पग्राम गौतमबुद्ध नगर समेत सभी जिलों, देश के अन्य राज्यों व उन देशों में भी भव्य रूप से हो, जहां बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के निवासी रहते हैं। साथ ही इन आयोजनों में सरदार वल्लभ भाई पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वंदे मातरम्, आनंद मठ से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतियों समेत अन्य कार्यक्रम किए जाएं।

गणतंत्र दिवस को भव्यता से मनाएः योगी 
मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को युवा दिवस, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती, 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस, 25 जनवरी राष्ट्रीय पर्यटन दिवस/मतदाता जागरूकता दिवस व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन को भव्यता से मनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस पर ब्लॉक, नगर व जनपद स्तर पर गायन, वादन, नृत्य, नाट्य प्रतियोगिताएं कराई जाएं। यहां प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को मंडल स्तर पर मौका दिया जाए, फिर यहां तीन स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट कलाकारों को लखनऊ में होने वाले मुख्य समारोह में प्रस्तुति का अवसर दें और उन्हें पुरस्कृत करें।

योगी ने दिया इन्हें आमंत्रित करने का निर्देश 
सीएम योगी ने कहा कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, माटी कला बोर्ड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों व वैज्ञानिकों का सम्मान किया जाए। योगी ने निर्देश दिया कि जनपदों में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, कवियों आदि को अवसर दें। इन प्रतिभाओं को मंच देने से वे प्रोत्साहित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में मंत्रियों, निगम/बोर्ड के चेयरमैन, जनप्रतिनिधियों आदि को आमंत्रित किया जाए।

सीएम ने दिए ये निर्देश 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभागों के समन्वय के साथ ही भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी जैसे संस्थानों को उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इससे यह आयोजन काफी भव्य और रोचक होगा। मुख्यमंत्री ने कलाकारों द्वारा पुराने वाद्ययंत्रों के प्रयोग पर भी जोर दिया।  उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस की ओर से हर जनपद में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर मॉकड्रिल का आयोजन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक रहते हैं। इन राज्यों में भी उत्तर प्रदेश दिवस पर भव्य आयोजन कराया जाए। इसमें वहां के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए।

ODOP उत्तर प्रदेश की पहचान है’
योगी ने कहा कि अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के जिन लोगों ने उद्यमिता, व्यापार, इनोवेशन, शिक्षा, कला, विज्ञान, प्रशासन आदि क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया है। ऐसे तीन से पांच लोगों को सम्मानित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी उत्तर प्रदेश की पहचान है। उत्तर प्रदेश दिवस के आयोजन पर प्रदेश के सभी जीआई टैग उत्पादों तथा एक जिला-एक उत्पाद की शोकेसिंग भी की जाए। साथ ही विभागों की उपलब्धियों व योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इस बार एक जिला-एक कुजीन पर भी फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री ने तीन जनवरी से प्रयागराज में शुरू होने जा रहे माघ मेले की तैयारियों की जानकारी ली। विगत दिनों प्रयागराज से आए अधिकारियों से उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

Viral News: बेटी की शादी में पिता को पड़ते हैं 20 कोड़े! चीन के इस समुदाय की अजीब रस्म ने पूरी दुनिया को चौंकाया

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Viral News: दुनिया भर में शादी के अलग-अलग और अनोखे रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। चीन में भी कई ऐसे जातीय समुदाय रहते हैं, जिनकी परंपराएं बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग हैं। ऐसा ही एक समुदाय है बाओआन जातीय समूह, जहां शादी के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली रस्म निभाई जाती है। इस रस्म में दूल्हे के पिता द्वारा दुल्हन के पिता को प्रतीकात्मक रूप से कोड़े मारे जाते हैं।

क्या है ‘ससुर को कोड़े मारने’ की रस्म?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बाओआन समुदाय में शादी के समय एक रस्म होती है, जिसे स्थानीय लोग ‘ससुर को कोड़े मारना’ कहते हैं। इसमें दुल्हन के पिता को शादी के दौरान घुटनों के बल बैठकर यह स्वीकार करना होता है कि वे अपनी बेटी को ठीक से अनुशासित नहीं कर पाए। इसके बाद दूल्हे का पिता 20 बार कोड़ा मारने का नाटक करता है। यह पूरी प्रक्रिया प्रतीकात्मक होती है और इसे अपमान नहीं, बल्कि विनम्रता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

तीन दिन चलती है शादी की रस्म
बाओआन समुदाय की शादी तीन दिनों तक चलती है। इस दौरान कई पारंपरिक रिवाज निभाए जाते हैं. शादी के समय दुल्हन के पिता को दूल्हे के घर के आंगन में बैठाया जाता है, जहां वे औपचारिक रूप से माफी मांगते हैं। इस रस्म में कालिख पोतने की परंपरा भी शामिल होती है।

दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगाई जाती है कालिख
शादी के दिन दुल्हन की बहनें और रिश्तेदार युवतियां दूल्हे के साथ उसके घर जाती हैं। वहां वे मजाक में खाना पकाने वाले बर्तन से कालिख निकालकर दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगा देती हैं। इसे शुभ संकेत और बधाई का प्रतीक माना जाता है।

योगी मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा; ये 6 नए चेहरे होंगे शामिल, कई मंत्रियों का हो सकता है पत्ता साफ!

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UP Politics: उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, अब मंत्रिमंडल विस्तार होगा और 6 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं और कई चेहरों को हटाए जाने की भी चर्चा है।

बताया जा रहा है कि इस पर बीते मंगलवार को हुई कोर कमेटी की एक अहम बैठक में भी चर्चा की गई। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह बैठक नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद संघ, संगठन और सरकार की पहली संयुक्त बैठक थी, जिसमें आपसी परिचय भी हुआ।

भूपेंद्र चौधरी की मंत्रिमंडल में वापसी संभव
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को फिर से मंत्री बनाए जाने पर गंभीरता से विचार किया गया है। उनके साथ करीब 6 विधायकों को मंत्री बनाने की योजना है। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास जोर दिया जा रहा है।

कब हो सकता है विस्तार
फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी 6 नए मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद जनवरी या फरवरी 2026 में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है, क्योंकि खरमास के बाद शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा के मिशन-2027 का अहम हिस्सा है।

कपड़े उतारकर नाबालिग को बेरहमी से पीटा; कनपटी पर पिस्टल लगाकर दी धमकी…हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा युवक

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Lucknow News: यूपी की राजधानी लखनऊ में कुछ दबंगों ने बर्बरता की सारी हद पार कर दी। कुछ दबंगों ने एक नाबालिग युवक को अगवा किया। उन्होंने चार पहिया वाहन से उसे अगवा किया और फिर उससे 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। इतना ही नहीं दरिंदों ने बर्बरता की सारी हद पार कर दी और नाबालिग को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया।

पीड़ित लगाता रहा छोड़ने की गुहार 
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला तालकटोरा थाना क्षेत्र का है। यहां के 31 दिसंबर रात करीब 2 बजे 16 वर्षीय नाबालिग युवक का कुछ दबंगों ने अपहरण किया। अगवा करने के बाद गाड़ी के अंदर नाबालिग को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित दबंगों से जान की गुहार लगा रहा है, लेकिन दबंग नाबालिग के बेरहमी से पीटते रहते हैं। कनपटी पर अवैध पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। वो पीड़ित से 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर रहे थे। दबोंगों द्वारा नाबालिग युवक को सुबह 6-7 बजे छोड़ा गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित के परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत 
पीड़ित नाबालिग राजाजीपुरम इलाके का रहने वाला है। उसके परिजनों ने तालकटोरा थाने में तहरीर दी है। परिवार का आरोप, इशू यादव और अनुज दीक्षित ने साथियों संग मिलकर नाबालिग यवुक के अपरहरण की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद  कई गिरफ्तारी नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे है।

वीडियो हो रहा जमकर वायरल 
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दबंग युवक नाबालिग के कपड़े उतरवा रहे हैं और उसे अपशब्द कहते हुए पीट रहे हैं। नाबालिग दबंगों से रहम की भीख मांग रहा है, लेकिन आरोपी उसको बेरहमी से पीटते नजर आ रहे है।

साल की पहली डुबकी से खुलेंगे मोक्ष के द्वार! 3 जनवरी से संगम पर शुरू होगा माघ मेला 2026—होंगे 6 महा-स्नान, जानिए सबसे पुण्यकारी दिन

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Magh Mela 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को बेहद पवित्र और पुण्य देने वाला माना जाता है। इस महीने में किया गया स्नान, दान, जप और तप व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक लाभ देता है। इसी कारण हर साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला त्रिवेणी संगम के तट पर लगता है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम होता है। माघ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान करने पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान करने से पापों से मुक्ति, अक्षय पुण्य और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।

कब से कब तक लगेगा माघ मेला 2026?
साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संगम क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, कल्पवास और स्नान-दान का सिलसिला चलता रहेगा।

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां
हालांकि पूरे माघ मास में स्नान करना शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ तिथियां विशेष फलदायी होती हैं। इस वर्ष माघ मेले में 6 मुख्य स्नान पर्व होंगे—

पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी 2026
* मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026
* मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026
* बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026
* माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026
* महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026

मौनी अमावस्या का विशेष महत्व
माघ मेले का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या माना जाता है। इस दिन संगम तट पर सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यता है कि मौन रहकर किया गया संगम स्नान पापों का नाश करता है, मन को शांति देता है और मोक्ष का मार्ग खोलता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को पड़ेगी।

स्नान के लिए सबसे शुभ समय
हिंदू धर्म में स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सबसे उत्तम समय माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक होता है। इस समय संगम में स्नान करने से पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे इसी समय पवित्र डुबकी लगाएं।

Crime News: हंसता-खेलता परिवार चंद सेकंड में बर्बाद, दो मासूम बेटी के पिता और SBI ब्रांच मैनेजर ने ऐसे किया खौफनाक अंत

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नेशनल डेस्क: अयोध्या में बुधवार दोपहर एक दुखद घटना ने सबको झकझोर दिया। शहर के कोतवाली क्षेत्र में गोरखपुर-अयोध्या हाईवे पर बने सरयू नदी के पुल से बहराइच जिले के  SBI  ब्रांच मैनेजर ने नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और शाम तक शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बैंक मैनेजर की पहचान  
मृतक बैंक मैनेजर की पहचान रामबाबू सोनी (39) के रूप में हुई है। वे गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र स्थित जवाहर नगर के निवासी थे। रामबाबू बहराइच जिले में SBI की शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। परिवार के अनुसार, वे अपने परिवार के साथ रहते थे, लेकिन लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे थे।

घटना बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे हुई। रामबाबू ने अपने परिवार से पहले फोन पर बातचीत की और फिर अपनी लोकेशन अपनी पत्नी को भेजी। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर दिया और पीठ पर बैग लादे हुए पुल से सरयू नदी में कूद गए। परिवार को लोकेशन मिलने के बाद उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और बचाव कार्य
अयोध्या कोतवाली की पुलिस ने सूचना मिलते ही गोताखोरों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने बताया कि लगभग 8 बजे शाम को गोताखोरों ने रामबाबू का शव नदी से निकाल लिया। उनके साथ उनका मोबाइल और बैग बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिवार के बयान दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले उन्होंने किससे संपर्क किया था या कोई संदेश भेजा था।

आत्महत्या के पीछे की वजह
पुलिस और परिवार का कहना है कि रामबाबू लंबे समय से तनाव में थे, लेकिन आत्महत्या का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। जांच में उम्मीद है कि परिवार और मोबाइल के सबूतों के आधार पर यह पता चल सकेगा कि आखिर उन्हें इतना तनाव क्यों था कि उन्होंने यह दर्दनाक कदम उठाया।

कटिहार में बीच बाजार ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटी के लिए बर्थडे केक खरीदने आए पिता को गोलियों से भूना; हत्या से दहला इलाका

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कटिहार (रजनीश कुमार): बिहार के कटिहार में साल का पहला दिन ठांय ठांय की भेंट चढ़ गया। बेटी के बर्थडे पर केक खरीदने आए युवक को हथियारबन्द अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। पुलिस ने घटनास्थल से चार खोखा बरामद किया हैं। फिलहाल, पुलिस ने पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरी घटना बुधवार रात कुर्सेला थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान कटरिया निवासी सागर झा उर्फ मिट्ठू के रूप में हुई है। बताया जाता है कि पीड़ित अपने कार से अपने एक रिश्तेदार के साथ केक खरीदने होटल पर आया था कि इसी दौरान बाइक सवार हथियारबन्द अपराधी आ धमके और ताबड़तोड़ फायरिंग की। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। परिजनों ने बताया कि नए साल के दिन सागर झा की बेटी का जन्मदिन था। बच्ची का बर्थडे मनाने वह केक लाने गए थे।

इधर घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से चार खोखा बरामद किया हैं। पुलिस की मानें तो पूरा मामला प्रथम दृष्टया से आपसी रंजिश का नजर आता हैं। उन्होंने बताया कि मृतक के खिलाफ पूर्व में एफआईआर दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी हैं। SP शिखर चौधरी के निर्देश पर SDPO के नेतृत्व में अपराधियों की धड़पकड़ के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया हैं।

डायमंड सिटी सूरत रचेगा नया इतिहास, भारत का पहला स्लम-मुक्त शहर बनने के करीब, झुग्गियों की जगह लेंगे पक्के मकान

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नेशनल डेस्क: मुंबई, दिल्ली या देश के किसी भी बड़े शहर की पहचान ऊंची इमारतों के साथ झुग्गी-बस्तियों से भी जुड़ी रही है। लेकिन अब इस तस्वीर को बदलने की दिशा में गुजरात का सूरत शहर एक बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है। देश की ‘डायमंड सिटी’ कहलाने वाला सूरत जल्द ही भारत का पहला स्लम-मुक्त शहर बनने की दहलीज पर खड़ा है।

PMAY और राज्य योजनाओं से मिली रफ्तार
स्वच्छता और तेज आर्थिक विकास के लिए पहचाने जाने वाले सूरत ने अब आवास के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सूरत नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य सरकार की हाउसिंग पॉलिसी को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर की ज्यादातर झुग्गी-बस्तियों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर वहां पक्के मकानों का निर्माण किया गया। प्रशासन का साफ लक्ष्य है कि सूरत में कोई भी परिवार झुग्गी या कच्चे घर में रहने को मजबूर न रहे।

प्रवासी आबादी के बीच बड़ी चुनौती
एक बड़े औद्योगिक केंद्र होने के कारण सूरत में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी ज्यादा है। इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना नगर निगम के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद, बीते कुछ वर्षों में लाखों लोगों को नए और पक्के घरों में शिफ्ट किया जा चुका है, जो अपने-आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

देश के लिए बनेगा रोल मॉडल
अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत की यह पहल सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के अन्य महानगरों के लिए भी एक मजबूत रोल मॉडल बन सकती है। अगर सूरत पूरी तरह स्लम-मुक्त शहर बनने में सफल होता है, तो यह शहरी विकास के क्षेत्र में भारत की छवि को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा।

शहर से आगे बढ़कर सोच
सूरत का यह प्रयास दिखाता है कि सही नीति, मजबूत प्रशासन और निरंतर निगरानी से झुग्गी-मुक्त शहर का सपना हकीकत में बदला जा सकता है। आने वाले समय में सूरत न सिर्फ डायमंड सिटी, बल्कि आधुनिक और समावेशी शहरी विकास का प्रतीक भी बन सकता है।

Viral News: बेटी की शादी में पिता को पड़ते हैं 20 कोड़े! चीन के इस समुदाय की अजीब रस्म ने पूरी दुनिया को चौंकाया

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Viral News: दुनिया भर में शादी के अलग-अलग और अनोखे रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। चीन में भी कई ऐसे जातीय समुदाय रहते हैं, जिनकी परंपराएं बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग हैं। ऐसा ही एक समुदाय है बाओआन जातीय समूह, जहां शादी के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली रस्म निभाई जाती है। इस रस्म में दूल्हे के पिता द्वारा दुल्हन के पिता को प्रतीकात्मक रूप से कोड़े मारे जाते हैं।

क्या है ‘ससुर को कोड़े मारने’ की रस्म?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बाओआन समुदाय में शादी के समय एक रस्म होती है, जिसे स्थानीय लोग ‘ससुर को कोड़े मारना’ कहते हैं। इसमें दुल्हन के पिता को शादी के दौरान घुटनों के बल बैठकर यह स्वीकार करना होता है कि वे अपनी बेटी को ठीक से अनुशासित नहीं कर पाए। इसके बाद दूल्हे का पिता 20 बार कोड़ा मारने का नाटक करता है। यह पूरी प्रक्रिया प्रतीकात्मक होती है और इसे अपमान नहीं, बल्कि विनम्रता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

तीन दिन चलती है शादी की रस्म
बाओआन समुदाय की शादी तीन दिनों तक चलती है। इस दौरान कई पारंपरिक रिवाज निभाए जाते हैं. शादी के समय दुल्हन के पिता को दूल्हे के घर के आंगन में बैठाया जाता है, जहां वे औपचारिक रूप से माफी मांगते हैं। इस रस्म में कालिख पोतने की परंपरा भी शामिल होती है।

दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगाई जाती है कालिख
शादी के दिन दुल्हन की बहनें और रिश्तेदार युवतियां दूल्हे के साथ उसके घर जाती हैं। वहां वे मजाक में खाना पकाने वाले बर्तन से कालिख निकालकर दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगा देती हैं। इसे शुभ संकेत और बधाई का प्रतीक माना जाता है।