Sunday, February 15, 2026
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Daily horoscope : आज इन राशियों को ग्रहों और तारों की स्थिति देगी खास सौगात

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मेष : खान-पान संभल-संभाल कर करें, क्योंकि पूरा परहेज रखने के बावजूद पेट बिगड़ा-बिगड़ा सा रहेगा।

वृष: अर्थ तथा कारोबारी दशा ठीक, अनमने मन के साथ किया गया कोई भी यत्न सिरे न चढ़ेगा, धार्मिक कामों में रुचि कम होगी।

मिथुन: दुश्मनों के उभरने, सेहत के बिगड़ने तथा पांव के फिसलने का डर रह सकता है, मगर आम हालात पहले जैसे बने रहेंगे।

कर्क: ध्यान रखें कि सोच-विचार में हावी नैगेटिविटी के कारण आपसे कोई गलत बात न हो जाए, मन भी परेशान सा रहेगा।

सिंह : जमीनी कामों के लिए सितारा कमजोर, इसलिए जो भी यत्न करें, पूरा जोर लगाकर करें, सफर भी न करें।

कन्या : आप कोई भी काम पूरे जोर-उत्साह के साथ न कर सकेंगे, कामकाजी व्यस्तता-भागदौड़ भी कोई खास नतीजा न देगी।

तुला: चूंकि कामकाजी कामों के लिए सितारा ढीला है, इसलिए आपका कोई भी कामकाजी प्रोग्राम आगे न बढ़ सकेगा।

वृश्चिक: व्यापार तथा कामकाज की दशा अच्छी, मगर आपका कोई भी यत्न तेजी के साथ आगे न बढ़ सकेगा।

धनु : सितारा खर्चों को बढ़ाने, अर्थ दशा तंग रखने वाला, लेन-देन के काम भी ध्यान के साथ करें, सफर भी न करें।

मकर: सितारा धन लाभ के लिए अच्छा कारोबारी टूरिंग, प्लानिंग तथा प्रोग्रामिंग फ्रूटफुल रहेगी, मान-सम्मान की प्राप्ति।

कुंभ: किसी सरकारी अफसर की नाराजगी आपको झेलनी पड़ सकती है, मन भी डरा-डरा तथा घबराया-घबराया सा दिखेगा।

मीन : सितारा चूंकि बाधाओं मुश्किलों वाला है, इसलिए आपकी प्लानिंग आगे न बढ़ सकेगी, धार्मिक कामों के प्रति भी बेरुखी सी नजर आएगी।

लखनऊ सपा सांसद डिंपल यादव का जन्मदिन,

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लखनऊ- सपा सांसद डिंपल यादव का जन्मदिन, जन्मदिन के मौके पर बांटे गए कंबल, सपा कार्यालय के बाहर कंबल वितरण

औरैया दिबियापुर नहर पुलिया पर युवक को गोली मारी

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औरैया – युवक को गोली मारने का मामला, पुलिस ने 3 बदमाशों को किया अरेस्ट, अवैध देशी पिस्टल, कारतूस, स्कूटी बरामद, रंजिश में जान से मारने की नीयत से फायरिंग, दिबियापुर नहर पुलिया पर युवक को गोली मारी थी

रायबरेली 25 साल का युवक बना संन्यासी

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रायबरेली- 25 साल का युवक बना संन्यासी , युवक ने डेढ़ करोड़ की संपत्ति छोड़ी, युवक ने चुना संन्यासी का जीवन, करोड़ों की संपत्ति वारिस है युवक, मजराजगंज का रहने वाला है युवक

 

 

फर्रुखाबाद क्रिकेट टूर्नामेंट में लगाया जा रहा सट्टा ,

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फर्रुखाबाद – क्रिकेट टूर्नामेंट में लगाया जा रहा सट्टा , टूर्नामेंट में सट्टा लगाने का वीडियो वायरल, फर्रुखाबाद, अलीगढ़,अमरोहा के बीच टूर्नामेंट, एसएनएम इंटर कॉलेज कायमगंज का मामला

देवरिया अवैध मजार पर बुलडोजर एक्शन

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देवरिया – अवैध मजार पर बुलडोजर एक्शन मामला, तत्कालीन मजार कमेटी के सदर पर FIR, सदर शहाबुद्दीन सजक के खिलाफ FIR दर्ज, तत्कालीन नायब सदर इरशाद अहमद पर FIR , तत्कालीन नाजिम मुबारक अली पर केस दर्ज, तत्कालीन नायब नाजिर अख्तर वारसी पर केस , तत्कालीन कानूनगो राधेश्याम उपाध्याय पर केस , तत्कालीन लेखपाल रामानुज सिंह पर केस दर्ज, छेड़छाड़ कर के मजार का नाम दर्ज किया गया, सदर तहसील के लेखपाल ने दर्ज कराया मुकदमा, FIR दर्ज होने में हैरान कर देने वाली बात , तत्कालीन नाजिम मुबारक अली की हो चुकी मौत, तत्कालीन नायब नजीर अख्तर वारसी का हो चुका निधन

माघ मेला 2026 : मुलायम सिंह यादव सेवा स्मृति शिविर में विवाद, सपा नेता ने मेला प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के सबसे चर्चित शिविरों में से एक मुलायम सिंह यादव सेवा स्मृति शिविर इस बार विवादों में घिर गया है।सपा नेता संदीप यादव ने पंजाब केसरी से खास बातचीत में मेला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस बार शिविर में मुलायम सिंह यादव की मूर्ति लगाने की अनुमति नहीं दी। जिससे शिविर की परंपरागत पहचान प्रभावित हुई है।

संदीप यादव ने बताया कि प्रशासन द्वारा कल्पवासियों को बांटे जाने वाले दूध तक को मेटल डिटेक्टर से चेक कराया जा रहा है। जिससे व्यवस्थाओं में अनावश्यक कठिनाई पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि सपा द्वारा मेला क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक और सेवा कार्यों को भी प्रशासन रोक रहा है।

उन्होंने बताया कि इस बार मुलायम सिंह यादव की मूर्ति की जगह कृष्ण और राधा की मूर्ति स्थापित की गई है। सपा नेता संदीप यादव ने इसे प्रशासन की जानबूझकर की गई सियासी कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि इससे न केवल शिविर की परंपरा प्रभावित हुई है, बल्कि सामाजिक कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी असर पड़ा है। आगे संदीप यादव ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल समाज सेवा और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है, लेकिन प्रशासन की वर्तमान नीति से यह मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था, अनुमति और सुविधाओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। जिससे कल्पवासियों और शिविर कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। फिलहाल इस विवाद से यह भी स्पष्ट होता है कि महाकुंभ 2025 केवल धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है,,,बल्कि इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और सियासी जद्दोजहद भी देखने को मिल रही है।

Widow Property Rights : क्या ससुर की संपत्ति से विधवा बहू मांग सकती है गुजारा भत्ता, जानें क्या कहती है कोर्ट?

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Widow Property Rights: देश की सर्वोच्च अदालत ने विधवा महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक कानून का मेल करते हुए स्पष्ट किया है कि एक विधवा बहू का अपने ससुर की संपत्ति पर भरण-पोषण (Maintenance) का कानूनी अधिकार है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने फैसले के दौरान ‘मनुस्मृति’ के नैतिक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है।

मनुस्मृति का हवाला: अपनों को छोड़ना दंडनीय अपराध

अदालत ने फैसले के दौरान प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति के एक श्लोक का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि शास्त्रों में स्पष्ट है कि माता, पिता, पत्नी और पुत्र को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। जो व्यक्ति समर्थ होने के बावजूद अपनों को बेसहारा छोड़ता है वह दंड का पात्र है। कोर्ट ने इसी सिद्धांत को हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम 1956 के साथ जोड़कर देखा। पीठ ने कहा कि ससुर की यह नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है कि वह अपने पुत्र की मृत्यु के बाद विधवा बहू का ख्याल रखे।

भेदभाव का तर्क पूरी तरह असंवैधानिक

इस मामले में एक अजीबोगरीब कानूनी पेच फंसाया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यदि बहू ससुर के जिंदा रहते विधवा होती है, तभी उसे गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। यदि ससुर की मृत्यु के बाद पति की मौत होती है, तो बहू हकदार नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा:

  1. मनमाना भेदभाव: पति की मृत्यु के समय के आधार पर विधवा बहुओं को दो श्रेणियों में बांटना पूरी तरह से तर्कहीन और असंवैधानिक है।
  2. समान अधिकार: चाहे पति की मौत ससुर के जीवनकाल में हुई हो या बाद में दोनों ही स्थितियों में विधवा बहू को ससुर की विरासत वाली संपत्ति से सम्मानजनक भरण-पोषण पाने का पूरा हक है।

धारा 22: वारिसों की कानूनी मजबूरी

सुप्रीम कोर्ट ने अधिनियम की धारा 22 की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि मृतक व्यक्ति की संपत्ति जो भी वारिस प्राप्त करता है उस पर यह कानूनी दायित्व (Liability) है कि वह मृतक पर निर्भर व्यक्तियों (जैसे विधवा बहू) का भरण-पोषण करे। यदि विधवा बहू के पास अपनी आय का कोई साधन नहीं है या उसके मृत पति ने उसके लिए कोई संपत्ति नहीं छोड़ी है तो उसे ससुर की संपत्ति से हिस्सा मिलना अनिवार्य है।

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि

अदालत ने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कानून की संकीर्ण व्याख्या करके विधवा बहुओं को हक से वंचित किया गया तो वे गरीबी और सामाजिक हाशिए पर धकेल दी जाएंगी। यह महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए गंभीर खतरा होगा। इस फैसले से अब देशभर की उन विधवा महिलाओं को बल मिलेगा जो ससुराल में संपत्ति विवाद या उपेक्षा का सामना कर रही हैं।

Auraiya: रात के सन्नाटे में गूंजी गोलियां, पुलिस मुठभेड़ में दो शातिर गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली…दो फरार

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औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात लगभग तीन बजे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्षेत्राधिकारी औरैया अशोक सिंह ने बताया कि पुलिस टीम मंगलवार रात तीन बजे क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध बाइकों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश घायल हो गया।फरार साथियों की तलाश जारी
घायल बदमाश की पहचान फफूंद थाना क्षेत्र के गांव कुतूपुर निवासी शिवम के रूप में हुई है। उसके साथी की पहचान कानपुर के पनकी निवासी हर्ष के तौर पर की गई है। पुलिस ने मौके से दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से दो तमंचे भी बरामद किए हैं। हालांकि, उनके दो अन्य साथी दूसरी बाइक से भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।

यूपी: यौन शोषण-धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज के खातों में हुआ संदिग्ध लेनदेन, विदेश से फंड जुटाने की आशंका

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यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज के खाते में संदिग्ध खातों से लाखों के लेनदेन की बात सामने आई है। रमीज के खाते में दिल्ली, आगरा, उत्तराखंड और पीलीभीत समेत कई शहरों से रकम भेजी गई है। आरोपी का पूर्वांचल कनेक्शन भी सामने आया है। जिन खातों से रमीज को रकम भेजी गई थी, उनका ब्योरा पुलिस जुटा रही है।

सूत्रों का कहना है कि यह रकम रमीज को धर्मांतरण गिरोह की ओर से भेजी गई थी। पुलिस अब आरोपी और उसके परिजनों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। माना जा रहा है कि रमीज के जरिये धर्मांतरण कराने वाले लोगों को पैसे भिजवाए जाते थे। आरोपी के आतंकी संगठनों से कनेक्शन सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि रमीज ने कितनी बार जम्मू कश्मीर की यात्रा की है। आरोपी के नेपाल कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। केजीएमयू से भागने के बाद रमीज 16 दिन तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया। इतने दिनों में वह कितने लोगों के संपर्क में रहा और किन लोगों से मदद ली, इसकी दिशा में भी छानबीन की जा रही है। 

फंड जुटाने की आशंका

बताया जा रहा है कि पुलिस से छिपकर रहने के दौरान आरोपी ने विभिन्न संगठनों से फंड भी जुटाए थे। वह पूर्वांचल में अपने करीबियों के ठिकाने पर ठहरा था। पुलिस बहराइच और बलरामपुर में छांगुर बाबा के करीबियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संरक्षण देने वालों के बारे में पता लगाया जा रहा है। ऐसे सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने रमीज को मदद पहुंचाई है।

गवाह और काजी को नहीं पकड़ सकी पुलिस

धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोपी काजी और गवाह को चौक पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। काफी समय बीतने के बाद भी दोनों की गिरफ्तारी नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही गिरोह का पर्दाफाश हो सकेगा। बावजूद इसके पुलिस दोनों को गिरफ्तार करने में नाकाम है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा।