Monday, February 16, 2026
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Silver Rate Down: चांदी की कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स ने बताया इतने हो जाएंगे रेट

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नेशनल डेस्कः रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ ही दिनों के भीतर चांदी का भाव दो अंकों की गिरावट के साथ नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मुनाफावसूली और इंडस्ट्रियल डिमांड में संभावित कमजोरी के चलते चांदी पर आगे और दबाव बन सकता है। इंटरनेशनल मार्केट में सोमवार को चांदी का भाव 82.670 डॉलर प्रति आउंस के स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन शुक्रवार तक यह गिरकर 71.300 डॉलर प्रति आउंस रह गया। इस तरह प्रति आउंस चांदी की कीमत में 11.37 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जो रिकॉर्ड हाई की तुलना में करीब 13.75 प्रतिशत कम है। चांदी बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसमें और दबाव देखने को मिल सकता है और कीमतें 60 प्रतिशत तक गिर सकती हैं।

क्यों बढ़ा था चांदी का भाव

 

चांदी के लिए साल 2025 काफी शानदार रहा था। इस दौरान चांदी की कीमतों में करीब 180 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कीमतों में इस उछाल की एक बड़ी वजह सैमसंग की घोषणा को माना जा रहा है। कंपनी ने लिथियम-आयन बैटरी के विकल्प के रूप में सॉलिड स्टेट बैटरी पर काम करने की बात कही थी, जिसमें चांदी के इस्तेमाल की संभावना जताई गई थी।

इसके अलावा सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताओं ने भी चांदी की कीमतों को समर्थन दिया। चीन ने 1 जनवरी 2026 से सिल्वर के एक्सपोर्ट पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं, जिससे वहां की कंपनियों के लिए चांदी का निर्यात करना मुश्किल हो गया है। इस फैसले का असर वैश्विक बाजार में सप्लाई पर पड़ने की आशंका जताई गई थी। हालिया गिरावट के पीछे विशेषज्ञ मुनाफावसूली को भी एक अहम कारण मान रहे हैं। लंबे समय से चांदी होल्ड करने वाले निवेशक अब ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स की राय

चांदी बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थीं, लेकिन यह एक तरह से चेतावनी देने वाली स्थिति थी। अब इंडस्ट्री धीरे-धीरे चांदी के विकल्प तलाशने लगी है। फोटोवोल्टेक सेल और सोलर पैनल सेक्टर पहले ही कॉपर जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहा है, जिससे चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है।

फरवरी 2026 तक चांदी का भाव

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ओर से शॉर्ट कवरिंग होती है, तो फरवरी 2026 तक चांदी का भाव 100 डॉलर प्रति आउंस तक भी पहुंच सकता है। हालांकि, इसके बाद वित्त वर्ष 2027 में यह मेटल भारी दबाव में आ सकता है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक चांदी की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

Ganesh chauth ki Katha: आपने भी रखा है तिल चौथ व्रत, संतान की लंबी आयु के लिए अवश्य पढ़ें श्री गणेश कथा

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Til chauth vrat Katha: माघ महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी, सकट चौथ, माघी चतुर्थी, तिल चौथ या वक्रतुंडी चतुर्थी भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीगणेश व चंद्रमा की पूजा की जाती है। भगवान गणेश को तिल के लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। गणेश जी को भगवान शिव से वरदान प्राप्त है कि जो व्यक्ति संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखकर शाम में चंद्रोदय के बाद शिव जी सहित गणेश जी की पूजा करेगा उसके सारे संकट दूर हो जाएंगे।

देश के कई हिस्सों में सकट चौथ का व्रत महिलाएं विशेष रूप से रखती हैं। यह संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सभी संकटों (बाधाओं) को दूर करने के लिए भगवान गणेश और सकट माता को समर्पित है, जिसमें महिलाएं बच्चों की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं, तिल-कुटा का भोग लगाती हैं और चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।

Auraiya News: कार टकराने पर भिड़े दो पक्ष, शांतिभंग के तहत कार्रवाई

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औरैया। जरूरतमंदों को सस्ते दर पर जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों को जन औषधि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस सुविधा को शुरू करने के लिए जिले की 15 सहकारी समितियों का चयन किया गया है। इन समितियों के परिसर को दुरुस्त करने का काम भी जारी है। मार्च तक यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।जिले में पहले से ही 70 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाती है। अब इन समितियों का विस्तार करते हुए इन पर जेनरिक दवाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। सहकारिता विभाग ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए फार्मासिस्टों से आवेदन मांगे हैं। गांवों में इस नई सुविधा के बारे में प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएं समितियों पर ही उपलब्ध होंगी।सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता संजीव कुमार ने बताया कि जन औषधि केंद्र स्थापित करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मार्च माह तक 15 समितियों पर यह सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है। इसके लिए समितियों के सचिवों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अजीतमल और बिधूना तहसील सभागारों में152 शिकायतों में से 19 को निपटा पाए अफसर

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अजीतमल। अजीतमल और बिधूना तहसील सभागारों में dwqसोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना। दोनों तहसीलों में कुल 152 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से केवल 19 का मौके पर ही समाधान हो सका। शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए।अजीतमल तहसील में जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। लालपुर प्रह्लापुर के नीरज कुमार ने शिकायत पर गलत आख्या लगाने का आरोप लगाया। शाहपुर की तारावती पत्नी राम सिंह ने बिजली बिल में संशोधन न होने की शिकायत की जबकि ग्राम पचदेवरा के हरि कृष्ण ने अपनी जमीन पर कब्जे से मुक्ति दिलाने की मांग की। ग्राम जगन्नाथपुर के पुष्पेंद्र कुमार ने सरकारी क्रय केंद्र पर तौल न होने की शिकायत दर्ज कराई। अजीतमल तहसील में कुल 74 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत, तहसीलदार अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।बिधूना तहसील में अपर जिलाधिकारी अविनाश चंद्र मौर्य ने लोगों की समस्याओं को सुना। यहां कुल 78 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 9 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। कस्बा निवासी तेजेंद्र प्रताप सिंह ने एक शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि उनके दिव्यांग बच्चे का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, जिसके लिए वह कई महीनों से डाकघर और बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

कस्बा लोहिया नगर निवासी अनिल चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को आवास आवंटित करने का आरोप लगाया। ग्राम सराय महाजजन के ओमप्रकाश ने बिधूना थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में फर्जी तरीके से अपना नाम दर्ज किए जाने की शिकायत की। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी शिकायतों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर एसडीएम गरिमा सोनकिया, तहसीलदार शर्मानानंद, नायब तहसीलदार रुचि मिश्रा, हरिकिशोर, सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

काशी में मकर संक्रांति पर उमड़ेगा जनसैलाब, 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

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वाराणसी: बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में मकर संक्रांति के अवसर पर चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। संगम नगरी प्रयागराज में 3 जनवरी से 17 फरवरी तक चलने वाले माघ मेले का शुभारंभ हो चुका है। ऐसे में प्रयागराज से काशी में पलट प्रवाह को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया है।

 

महाकुंभ जैसी व्यवस्था रहेगी लागू

सोमवार को अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने बताया कि प्रमुख स्नान तिथियों पर महाकुंभ जैसी व्यवस्था लागू रहेगी। बड़े वाहनों को शहर के बाहर ही रोक दिया जाएगा।18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचेंगे। शहर के बाहर और अंदर कई स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

 

भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया भी बनाया गया

सोनारपुरा से गोदौलिया की ओर कोई भी वाहन नहीं जाने दिया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर अग्रवाल तिराहे से अस्सी की ओर वाहनों को जाने से रोका जाएगा। दशाश्वमेध, अस्सी, नमो घाट तथा रविदास घाट पर विशेष सतकर्ता बरती जा रही है। इन घाटों पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। ऑटो और ई-रिक्शा तय रूट पर ही चलेंगे। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी डायवर्ट किया जाएगा। माघ मेले की भीड़ को देखते हुए होल्डिंग एरिया भी बनाया गया है। मिर्जामुराद, रोहनिया, राजातालाब, रामनगर और लंका क्षेत्र में स्कूलों में जरूरत पड़ने पर बड़े वाहनों को खड़ा किया जाएगा।

लंगूर की आवाज निकालकर ले जाओ नौकरी! मोटी सैलरी के साथ मिलेगा जीवन बीमा…सरकार ने निकाली अनोखी वैकेंसी

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UP Desk: अगर आप नौकरी की तलाश कर रहे है तो ये खबर आपके लिए है। अगर में जानवरों की आवाज निकालने का हुनर है और खासकर लंगूर की हूबहू आवाज निकाल सकते हैं तो आपको दिल्ली सरकार के साथ काम करने का मौका मिल सकता है। दरअसल, दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली विधानसभा परिसर को बंदरों के आतंक से मुक्त करने के लिए एक बेहद अनोखा टेंडर जारी किया है।

 

जानिए क्यों निकाली ये वैकेंसी

दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी बन गई है। विधायक, सरकारी कर्मचारी और आगंतुक अक्सर बंदरों के आतंक से परेशान रहते हैं। अब तक बंदरों को डराने के लिए विधानसभा परिसर में लंगूर की मूर्तियां और पुतले लगाए गए थे, लेकिन बंदर अब इनसे डरते नहीं हैं। कई बार तो बंदर इन मूर्तियों के ऊपर बैठे भी देखे गए हैं। इससे साफ हो गया कि यह तरीका अब काम नहीं कर रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक खास और अलग तरीका अपनाने का फैसला किया है।

 

लंगूर की आवाज निकालने वाले एक्सपर्ट होंगे तैनात

PWD ने तय किया है कि अब ऐसे लोगों को तैनात किया जाएगा जो लंगूर की असली आवाज निकाल सकें। माना जाता है कि बंदर लंगूर से डरते हैं, इसलिए उसकी आवाज सुनते ही वहां से भाग जाते हैं। जरूरत पड़ने पर ये कर्मचारी अपने साथ प्रशिक्षित लंगूर भी ला सकते हैं।

तय होगी ड्यूटी और मिलेगी बीमा सुविधा

इस काम के लिए चुने गए कर्मचारियों को सोमवार से शनिवार तक रोजाना 8 घंटे की ड्यूटी करनी होगी। काम में जोखिम को देखते हुए सरकार उन्हें बीमा कवर भी देगी।

रेलवे कर्मचारी की चाकू घोंपकर हत्या; ड्यूटी जाते वक्त बदमाशों ने रोका, 10 बार किया वार…30 मिनट तड़पता रहा और फिर निकली जान

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मेरठ: उत्तर प्रदेश में मेरठ के देहात क्षेत्र में मुंडाली-खरखौदा मार्ग पर रविवार देर रात एक रेलवे कर्मचारी की सीने में चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव लू-बक्सर निवासी 28 वर्षीय विवेक चौहान रेलवे में कीमैन के पद पर कार्यरत थे। वह रविवार रात करीब साढ़े दस बजे अपनी बाइक से खरखौदा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए जा रहे थे।

कैसे हुआ मर्डर?

इसी दौरान मुंडाली थाना क्षेत्र के अजराड़ा चौराहे के पास कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकुओं से हमला किया और मौके से फरार हो गए। राहगीरों ने विवेक को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें गठित

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आपसी रंजिश की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

नए साल में फैंस का टूटा दिल! फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता का निधन, जानें कैसे हुई मौत…. शोक में डूबी पूरी इंडस्ट्री

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UP Desk : मलयालम सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है। अभिनेता और प्रोडक्शन कंट्रोलर कन्नन पट्टाम्बी का 62 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके बड़े भाई, अभिनेता-निर्देशक मेजर रवि ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कन्नन पट्टाम्बी का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे पट्टाम्बी के न्यांगत्तिरी स्थित उनके आवास परिसर में किया जाएगा। मेजर रवि ने भावुक संदेश में अपने छोटे भाई के काम, समर्पण और फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान को याद किया

व्यवहार और विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते थे एक्टर

कन्नन पट्टाम्बी अपने पेशेवर व्यवहार और विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सिनेमा में अभिनेता के साथ-साथ प्रोडक्शन कंट्रोलर के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौर पर उन्होंने कई बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं अभिनेता के रूप में वे करीब 23 मलयालम फिल्मों में नजर आए और अपनी अलग पहचान बनाई।

फिल्मी करियर और उपलब्धियां

उनकी प्रमुख फिल्मों में पुलिमुरुगन, ओडियन, 12th मैन, पट्टाम्बी अनंतभद्रम, वेट्टम और कीर्तिचक्र शामिल हैं। खास तौर पर पुलिमुरुगन को उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है, जिसे मलयालम सिनेमा की एक ऐतिहासिक और ब्लॉकबस्टर फिल्म माना जाता है। कन्नन पट्टाम्बी ने अपने करियर में कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया और सुपरस्टार मोहनलाल के साथ भी स्क्रीन साझा की। भले ही वे अधिकतर सहायक भूमिकाओं में नजर आए, लेकिन हर फिल्म में उनकी अभिनय क्षमता की सराहना हुई। उनकी फिल्मोग्राफी में पुनरधिवासम, क्रेजी गोपालन, कंधार, तंत्र, मिशन 90 डेज़, कुरुक्षेत्र और किलिचुंडन माम्बाझम जैसी फिल्में भी शामिल हैं।

प्रोडक्शन में भी मिली सराहना

अभिनय के अलावा प्रोडक्शन विभाग में भी उनका योगदान बेहद सराहा गया। उन्होंने मेजर रवि, शाजी कैलास, वी. के. प्रकाश, संतोष सिवन, के. जे. बोस और अनिल मेडायिल जैसे नामी फिल्मकारों के साथ काम किया और एक भरोसेमंद तथा जिम्मेदार टीम सदस्य के रूप में पहचान बनाई।

कन्नन पट्टाम्बी की आखिरी फिल्म “रचेल” जल्द ही रिलीज होने वाली है। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री को गहरा आघात पहुंचा है। साथी कलाकारों और तकनीशियनों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनकी यादों को साझा किया है।

ट्रंप की धमकी के बीच ईरान में हालात बेकाबू: 27 प्रांतों में भड़का जनआक्रोश, 35 की मौत व 1200 से अधिक हिरासत में

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International Desk: ईरान में खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और इन प्रदर्शनों के थमने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे। एक मानवाधिकार एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमेरिका की ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इन प्रदर्शनों के दौरान 1,200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। एजेंसी ने बताया कि मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान के सुरक्षाबलों के दो सदस्य हैं। इसके अनुसार, ईरान के 31 में से 27 प्रांतों के 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं।

यह समूह ईरान के भीतर मौजूद कार्यकर्ताओं के नेटवर्क के जरिए आंकड़े जुटाता है और पिछली बार अशांति के दौरान इसकी जानकारी सही साबित हुई थी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने सोमवार देर रात बताया कि प्रदर्शनों के दौरान लगभग 250 पुलिसकर्मी और ‘बसीज’ बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ यह आशंका भी जताई जा रही है कि अमेरिका इसमें हस्तक्षेप कर सकता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान शांतिपूर्वक विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है तो अमेरिका ‘‘उन्हें बचाने के लिए आगे आएगा।” हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप हस्तक्षेप करेंगे या नहीं और यदि करेंगे तो किस तरह करेंगे, लेकिन उनके बयानों को लेकर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी अधिकारियों ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी।

Gold Investment: अगर आज सोने में 3 लाख का निवेश किया तो दिसंबर 2026 में कितना होगा मुनाफा? जानकर उड़ जाएंगे होश

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नेशनल डेस्क : 2025 में सोना, चांदी और तांबे ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया। खासतौर पर सोने ने करीब 70% तक की बढ़त दर्ज की, जिससे कई स्टॉक मार्केट शेयर पीछे छूट गए। निवेशकों में खुशी का माहौल रहा, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या 2026 में भी सोने की तेजी जारी रहेगी।

 

सोने की कीमतें 2026 में कहां तक जा सकती हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 जैसा असाधारण रिटर्न दोहराना मुश्किल है, लेकिन सोना अगले साल 12–15% तक की बढ़त दे सकता है। मौजूदा समय में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव लगभग 1,35,070 रुपये है, जो 2026 के अंत तक 1,50,000–1,70,000 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, कभी-कभी मुनाफावसूली के दबाव में कीमत 1,18,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती है, लेकिन इसकी संभावना सीमित है।

 

निवेशकों को कितना फायदा हो सकता है?

अगर कोई निवेशक जनवरी 2026 में सोने में 3 लाख रुपये का निवेश करता है और 13–15% रिटर्न मिलता है, तो दिसंबर 2026 तक निवेश राशि बढ़कर लगभग 3.36–3.45 लाख रुपये हो सकती है।

 

सोने की कीमत कैसे तय होती है?

सोने और चांदी के दाम रोजाना कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करते हैं। सबसे बड़ा असर डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर पड़ता है। जब डॉलर मजबूत होता है या रुपये कमजोर होते हैं, तो भारत में सोने की कीमत बढ़ जाती है। इसके अलावा, आयात शुल्क, जीएसटी और अन्य टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।

 

वैश्विक और स्थानीय कारक

भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध, वैश्विक आर्थिक मंदी और केंद्रीय बैंकों की खरीद से सोने की मांग बढ़ती है। निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से दूर होकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति में निवेश करते हैं, जिससे कीमतें मजबूत बनी रहती हैं।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

भारत में सोने का सांस्कृतिक महत्व भी कीमतों को प्रभावित करता है। शादी, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोने की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा महंगाई के समय सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।