Friday, February 13, 2026
Home Blog Page 266

शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौटे हैं और वहां 18 दिन बिताए…..

0

दिल्ली – एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला भारत लौट आए हैं। वे रात 2 बजे दिल्ली में लैंड हुए। दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनका स्वागत किया। आज वे प्रधानमंत्री मोदी से भी मिल सकते हैं।

शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौटे हैं और वहां 18 दिन बिताए। वह ISS जाने वाले पहले भारतीय हैं और इस दौरान उन्होंने कई एक्सपेरिमेंट किए। रिहैब में समय बिताकर वे देश लौटे। वे एक्सिओम 4 मिशन के पायलट थे।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरे पर

0

गोरखपुर – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरे पर हैं। वे निजी अस्पताल का लोकार्पण करेंगे। सुबह 11 बजे गुलहरिया में कार्यक्रम होगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना का भी शुभारंभ किया जाएगा। यह परियोजना 72 टन प्रति वर्ष की हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता वाली है।

 

लीग में लखनऊ फॉल्कंस, कानपुर सुपरस्टार्स खिताब के लिए जोर आजमाएंगी

0

लीग में लखनऊ फॉल्कंस, कानपुर सुपरस्टार्स, गोरखपुर लायंस, मेरठ मावरिक्स, नोएडा किंग्स और काशी रुद्रास की टीमें खिताब के लिए जोर आजमाएंगी। दूसरे मैच से दर्शकों की एंट्री निःशुल्क रहेगी।

डीएस चौहान ने यह भी कहा कि तकनीक के क्षेत्र में किया सुधार

0

डीएस चौहान ने यह भी कहा कि तकनीक के क्षेत्र में सुधार किया गया है और मैच टीवी व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखे जा सकेंगे। लीग का आगाज आज से होगा और समापन 6 सितंबर को होगा। यूपी टी-20 लीग में कुल 34 मैच खेले जाएंगे।

 

आज से यूपी टी-20 लीग सीजन-3 की शुरुआत

0

लखनऊ – आज से यूपी टी-20 लीग सीजन-3 की शुरुआत हो रही है। यूपी T-20 लीग के मैच इकाना स्टेडियम में खेले जाएंगे। आज इकाना स्टेडियम में सेलिब्रिटी का भी जमावड़ा होगा।
UP T20 गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डीएस चौहान ने कहा कि सीजन 2 के अच्छे परिणाम रहे थे। उन्होंने बताया कि इस बार 13 खिलाड़ी IPL में परफॉर्म कर रहे थे और तीसरे सीजन में और बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

‘पिता की बदौलत नहीं, माफिया से लड़कर बनी विधायक’, पूजा पाल ने रागिनी सोनकर पर किया पलटवार

0

‘पिता की बदौलत नहीं, माफिया से लड़कर बनी विधायक’, पूजा पाल ने रागिनी सोनकर पर किया पलटवार

*लखनऊ:-* रागिनी सोनकर और पूजा पाल में वर्चस्व की लड़ाई ने जोर पकड़ लिया है। अब रागिनी सोनकर पर पूजा पाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह न्याय के लिए अदालतों और कचहरियों के चक्कर लगा रही थीं, तब रागिनी जैसे लोग अपने पिता की एंबेसडर कार में बड़े कॉलेजों में जाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को संघर्षों का मूल्य क्या पता होगा?

लेकिन फिर भी बता दूं..पूजा पाल उस PDA की पीड़ित महिला है जिसने अन्याय अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई जब कुछ लोग उसी माफिया के घर चाय पानी करते थे।

पूजा पाल ने आगे कहा, “आदरणीय मैं पहले ही कह चुकी हूं मै चुनाव जीतने विधायक बनने के लिए राजनीति में आई ही नहीं । मैं न्याय के लिए राजनीति में आई ये बस एक माध्यम था आपने मुझे हराने के बजाय एक बार उस माफिया के अन्याय के खिलाफ मेरे संघर्ष का उल्लेख ही कर देते मै भी उसी PDA समाज की पीड़ित बेटी थी।”

*रागिनी सोनकर का बयान*

दरअसल, पूजा पाल के निष्कासन पर जब रागिनी सोनकर से सवाल किया गया था, तो उन्होंने पूछा था, “पूजा पाल कौन हैं? किस पार्टी में हैं?” जब पत्रकारों ने बताया कि वह सपा की विधायक हैं, तो रागिनी ने कहा, “अच्छा हुआ आपने यह बताया, क्योंकि मुझे यह पता नहीं था।” रागिनी ने पूजा पाल के निष्कासन को सही ठहराते हुए कहा कि जनता और पार्टी ने उन पर भरोसा करके उन्हें चुना था, लेकिन उन्होंने पार्टी को धोखा दिया।

*जानें पूरा विवाद*

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब पूजा पाल ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने माफिया अतीक अहमद को मिट्टी में मिला दिया। इसके बाद ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। बता दें कि पूजा पाल दिवंगत विधायक राजू पाल की पत्नी हैं, जिनकी 2005 में अतीक अहमद ने हत्या कर दी थी।

शादी का झांसा देकर बीजेपी महिला नेता के साथ छेड़छाड़; अंधेरे का फायदा उठाकर गलत तरीके से छुआ, की अश्लील हरकत

0

UP News: यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बीजेपी महिला नेता के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। दरअसल, महिला नेता को शादी का झांसा देकर उसके साथ छोड़छाड़ की गई है और फिर इसके बाद उसे धमकी दी गई। महिला ने थाने पहुंचकर इस मामले में शिकायत की है और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

जानिए पूरा मामला 
जानकारी के मुताबिक, अर्जुनगंज दयानंदपुरम निवासी दीपा कश्यप, जो बीजेपी की मौजूदा बूथ अध्यक्ष हैं। उन्होंने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात विवाह पोर्टल पर हर्षवर्धन कश्यप नाम के युवक से हुई। दोनों एक दूसरे से बात करने लगे। युवक ने खुद को चिनहट निवासी और मारुति कंपनी में असिस्टेंट सर्विस मैनेजर बताया और दावा किया कि वह तलाकशुदा है।

अंधेरे का फायदा उठाकर गलत तरीके से छुआ
महिला ने शिकायत में बताया कि 13 जून को उनकी पहली मुलाकात हुई। इस दौरान आरोपी ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद उसने अंधेरे का फायदा उठाकर उसे गलत तरीके से छुआ। इसके बाद वो 5 जुलाई को फिर मिलने आया और इंगेजमेंट की तारीख 12 जुलाई बताने के बहाने दोबारा अश्लील हरकत की।

फोन कर दी धमकी
दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि 11 जुलाई को, सगाई से एक दिन पहले, उसने व्हाट्सऐप कॉल पर धमकी दी कि सारे मैसेज और फोटो डिलीट कर दो, वरना जान से मार दूंगा। इसके बाद उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। उसने बताया कि वो शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच पड़ताल कर पुलिस ने पता लगाया कि विवाह पोर्टल पर उसकी आईडी और पता भी फर्जी था। पुलिस ने आरोपी हर्षवर्धन कश्यप के खिलाफ बीएनएस की धारा 74 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

7 दिन पहले राखी बांधकर लिया था रक्षा का वचन, उन्हीं भाईयों ने झाड़ियों में फेंका बहन की लाश

0

शामली ( पंकज मलिक ):  उत्तर प्रदेश के जनपद शामली से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे हर किसी को क्षुब्ध कर दिया। सात दिन पहले रक्षाबंधन के त्योहार पर जिस बहन ने भाइयों की राखी में कलाई बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया था। उन्हीं हाथों ने बहन के शव को झाड़ियां में फेंक दिया और वापस अपने घर लौट आए। सुबह होते ही बहन की गुमशुदगी थाने में दर्ज करा दी लेकिन जब पुलिस ने दोनों भाइयों से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा घटनाक्रम सामने आ गया और जो घटनाक्रम सामने आया वह चौंकाने वाला था।

दरअसल आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद शामली के कांधला थाना क्षेत्र के गांव रामपुर खेड़ी का है। जहां के रहने वाले एक व्यक्ति ने कांधला पुलिस को नाबालिक लड़की के बिना बताए घर से चले जाने के संबंध में तहरीर दी जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था और छानबीन शुरू कर दी थी। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने लड़की के भाइयों से सख़्ती से पूछताछ कि तो पुलिस के सामने जो मामला सामने आया उसे सुनकर पुलिस के पैरों के ताले से जमीन खिसक गई।

युवती ने खुद ही दे दी जान
पुलिस के मुताबिक जांच मे सामने आया कि लड़की के भाई कपिल उर्फ़ पपिन व सचिन ने बताया की उन्होंने अपनी बहन जिसकी उम्र 16 वर्ष थी उसको काफी डांटा था इसी बात से क्षुब्ध होकर हमारी बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बहन द्वारा फांसी लगाने से हम डर गए और हमने अपनी बहन के शव को छुपाने के उद्देश्य से रेहड़े में रखकर गांव से निकल गए। गांव में रात्रि में पहरा होने के कारण लोगों ने हमसे पूछा तो हम माता की तबीयत खराब होने और कांधला ले जाकर दवाई दिलाने की बात कही। हमने अपनी बहन के शव को भारसी गेट के पास नहर पटरी के किनारे झाड़ियों में डाल दिया था।

अगले दिन झूठी रिपोर्ट लिखवा दी
अगले दिन बहन के घर से चले जाने की झूठी रिपोर्ट लिखा दी थी और हम अपनी बहन को ढूंढने का झूठा प्रयास कर रहे थे तथा पुलिस भी हमसे बार-बार पूछताछ कर रही थी। पुलिस को हम पर शक होने पर पुलिस ने हमें पकड़ लिया तो हमने पुलिस को सारी सच्चाई बता दी और अपनी बहन का शव बरामद करा दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राज्यवासियों को दीं शुभकामनाएं

0

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कृष्णं वन्दे जगदगुरुम्‌…

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कृष्णं वन्दे जगदगुरुम्‌। सम्पूर्ण जगत के आधार लीलाधर, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जी के पावन अवतरण दिवस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं।”

इससे आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मुरलीधर सभी के जीवन में प्रेम, करुणा एवं भक्ति का संचार कर चराचर जगत का कल्याण करें, यही प्रार्थना है। जय श्रीकृष्ण!”

दिल्ली यूनिवर्सिटी में खत्म होगी गुंडागर्दी और पैसे की राजनीति: ASAP का ऐलान

0

नेशनल डेस्क : दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति लंबे समय से कुछ रसूखदारों, राजनीतिक दलों और गुंडागर्दी करने वाले संगठनों के कब्ज़े में रही है। चुनाव टिकट अब मुद्दों पर नहीं, बल्कि पैसे, जाति और बाहुबल के आधार पर बंटते हैं। जिन सवालों पर छात्र राजनीति की नींव होनी चाहिए, जैसे फीस वृद्धि, हॉस्टल और लैब की कमी, महिला सुरक्षा और भेदभाव उन पर सालों से चुप्पी छाई रही है। एबीवीपी और एनएसयूआई ने कैंपस को सालों तक एक निजी ठेके की तरह चलाया, जहां पर सेटिंग करके बारी-बारी से डूसू छात्रसंघ पर कब्जा जमाए बैठे रहे। लेकिन कभी भी छात्रों के हितों की आवाज बुलंद नहीं है। सिर्फ अपने नेताओं को खुश करने और अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहे। जहां छात्रों की भागीदारी को कुचला गया और राजनीति का मतलब सिर्फ बैनर, पैसा, गुंडागर्दी और धमकी बनकर रह गया।

लेकिन अब यह चक्र टूटेगा। क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप डूसू छात्र संघ चुनाव लड़ेगा, और सिर्फ लड़ेगा ही नहीं, बल्कि एबीवीपी और एनएसयूआई की गुंडागर्दी वाली राजनीति को सीधी चुनौती देगा। एसैप मानता है कि छात्र राजनीति कोई बीजेपी और कांग्रेस नेताओं की जागीर नहीं हो सकती। नेतृत्व उस छात्र के हाथ में होना चाहिए, जो पढ़ाई में अच्छा है, मेहनती है, ईमानदार है और अपने कॉलेज व विश्वविद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है।

अब चुनाव लड़ने के लिए न किसी रसूखदार नेता के दरवाज़े पर खड़ा होना पड़ेगा, न पैसा या जाति पूछी जाएगी, न बैकग्राउंड। एसैप ने टिकट प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बना दिया है। हर छात्र को मौका मिलेगा, चाहे वो किसी भी भाषा, धर्म, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो।

जो भी छात्र डूसू या कॉलेज यूनियन का चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सिर्फ तीन आसान स्टेप पूरे करने होंगे, पहला- एक पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। जिसकी आखिरी तारीख 25 अगस्त है। दूसरा- एक मिनट का वीडियो या ऑडियो जिसमें वह अपने मुद्दों को साफ़-साफ़ रखे, और तीसरा- 200-500 शब्दों में अपना एजेंडा बताए। कॉलेज यूनियन के लिए कम से कम 5 अलग-अलग सेक्शन से 10 छात्रों का समर्थन जुटाना होगा, और डूसू के लिए 5 कॉलेजों से 50 छात्रों का, जिनके नाम, स्टूडेंट ID और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। उम्मीदवार के पास पूरी कक्षा उपस्थिति होनी चाहिए, कोई बैकलॉग नहीं, और न ही कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड हो।

एसैप की राजनीति पारदर्शिता, जवाबदेही और मुद्दों पर आधारित है। यह नेतृत्व को चंद हाथों से निकालकर छात्रों के बीच वापस ले जाने की लड़ाई है। यह सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो चाहता है कि यूनिवर्सिटी से ऐसे नेता निकलें जो जनता की आवाज़ बनें, भ्रष्टाचार से लड़ें और लोकतंत्र को मजबूत करें।

इस बार डूसू चुनाव में न पैसा चलेगा, न बाहुबल, न परिवारवाद। इस बार चलेगा आपका विज़न, आपकी नीयत और आपकी सोच। एसैप हर छात्र से कहता है, अगर आपने अब भी चुप्पी साधी, तो बदलाव की संभावना फिर टल जाएगी। लेकिन अगर आप उठे, खड़े हुए और आगे आए तो दिल्ली यूनिवर्सिटी की राजनीति का चेहरा हमेशा के लिए बदल जाएगा। इस बार यह चुनाव सिर्फ एक पद के लिए नहीं, एक नई राजनीति के लिए लड़ा जाएगा।