सिंगर-एक्टर प्रशांत तमांग के पार्थिव शरीर को सोमवार को दार्जिलिंग उनके घर लाया गया। रविवार को उनका दिल्ली में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। वह 43 साल के थे। अधिकारियों ने बताया कि गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के निर्देश के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार दार्जिलिंग में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।
Budget 2026: पहली बार रविवार को पेश होगा आम बजट, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश करेंगी 9वां बजट
संसदीय इतिहास में पहली बार रविवार के दिन केंद्रीय बजट पेश होगा। वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट इस बार रविवार को पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी। आमतौर पर संसद की कार्यवाही सप्ताहांत पर नहीं होती है, ऐसे में रविवार के दिन बजट प्रस्तुत होना एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
मोरारजी देसाई के किस रिकॉर्ड के करीब पहुंचीं सीतारमण?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए यह बजट व्यक्तिगत तौर पर भी एक बड़ी उपलब्धि होगा। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही, वह देश के पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई की ओर से स्थापित सर्वाधिक बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। पूर्व पीएम मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कुल 10 बजट पेश किए थे, और निर्मला सीतारमण अब उस ऐतिहासिक आंकड़े से महज एक कदम दूर हैं।
28 जनवरी से शुरू बजट सत्र के दौरान क्या-क्या होगा?
संसद के बजट सत्र का पूरा शेड्यूल भी स्पष्ट कर दिया गया है। सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को होगी।
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- राष्ट्रपति का अभिभाषण: सत्र का आगाज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगा। वह लोकसभा कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी।
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- आर्थिक सर्वेक्षण: राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद, वित्त मंत्री द्वारा संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने की संभावना है।
13 फरवरी से 9 मार्च के बीच क्या होगा?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही साफ किया था कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। संसदीय प्रक्रियाओं और बजट प्रस्तावों की बारीकी से जांच सुनिश्चित करने के लिए सत्र को दो चरणों में विभाजित किया गया है-
- पहला चरण: 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा।
- अवकाश: 13 फरवरी के बाद सत्र स्थगित रहेगा और 9 मार्च को दोबारा शुरू होगा। इस अंतराल का उपयोग संसदीय समितियों द्वारा विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और बजट प्रस्तावों की जांच के लिए किया जाएगा।
- दूसरा चरण: 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की उम्मीद है।
1 फरवरी को सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर ‘बजट के दिन’ के रूप में नामित किया गया है। रविवार को बजट पेश करने का निर्णय और निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, आगामी सत्र को राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही लिहाज से महत्वपूर्ण बनाता है। बाजार और उद्योग जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी होंगी कि ‘रविवार’ को पेश होने वाला यह बजट अर्थव्यवस्था के लिए क्या नया लेकर आता है।
Lucknow: हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा-डीजीपी ने फुटेज ढाई माह ही रखने का परिपत्र क्यों जारी किया? आगे कहा…
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पुलिस महानिदेशक (डी जी पी) द्वारा जारी उस परिपत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें राज्य के सभी थानों में सी सी टी वी फुटेज केवल दो से ढाई महीने तक सुरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। अदालत ने इसे काफी अजीब बताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले ‘परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह (2020)’ के प्रथमदृष्टया अवमानना जैसा प्रतीत होता है, जिसमें कम से कम छह से 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव को तीन सप्ताह में व्यक्तिगत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि डी जी पी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत ऐसा परिपत्र क्यों जारी किया।
आवश्यक नियम बनाए गए हैं या नहीं
यह भी पूछा है कि क्या बी एन एस एस की धारा 179(2) के तहत आवश्यक नियम बनाए गए हैं या नहीं। और, याचिकाकर्ता महिला को किस परिस्थिति में थाने बुलाया गया और क्यों? अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो अगली सुनवाई पर मुख्य सचिव को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने यह आदेश उन्नाव की रूबी सिंह व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्नाव पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 5 अगस्त 2025 को पुलिस ने उनके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर उन्हें उठा लिया, लेकिन कोई गिरफ्तारी मेमो नहीं बनाया गया। आरोप है कि 7 अगस्त की रात याची – एक महिला को अवैध रूप से लॉकअप में रखा गया और उसके खिलाफ अश्लील टिप्पणियां की गईं। जबकि, याचिकाकर्ता संख्या 2 और 3 को ₹10,000 की रिश्वत देने के बाद छोड़ा गया।
एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने…
25 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने मामले में उन्नाव के एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और संबंधित अवधि की सी सी टी वी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। लेकिन, एसपी ने बताया कि फुटेज उपलब्ध नहीं है, क्योंकि 20 जून 2025 के डी जी पी के परिपत्र के अनुसार केवल 2 से 2.5 महीने की रिकॉर्डिंग ही रखी जाती है।
अदालत ने इस पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि दी सी टी वी फुटेज को कम से कम छह महीने और अधिकतम 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाए, और कहा है कि राज्यों को उसी अनुसार स्टोरेज क्षमता विकसित करनी होगी।
विवेकानंद यूथ अवॉर्ड: सीएम योगी बोले-यूपी में न कर्फ्यू न दंगा…सब चंगा; नशे के कारोबार के खिलाफ आगे आएं युवा
राजधानी लखनऊ में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर युवाओं को समर्पित कार्यक्रम ‘युवा प्रतिभा सम्मान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने मौजूद लोगों को संबोधित किया।
UP News: स्कूल और ऑफिस की इस दिन रहेगी छुट्टी; सार्वजनिक अवकाश किया गया घोषित… देखें आदेश
यूपी में मकर संक्रांति यानी 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में बताया गया कि शासन स्तर पर विचार के बाद मकर संक्रांति पर अवकाश का निर्णय लिया गया है। क्योंकि, इससे पहले जारी प्रदेश के अवकाशों की तालिका में इस दिन छुट्टी का प्रावधान नहीं था। बताते चलें कि फिलहाल परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन छुट्टी चल रही है। 1 जनवरी से 14 जनवरी तक सभी परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया था। 15 जनवरी को स्कूल खुलने थे। लेकिन, अब यह आदेश आ जाने के बाद स्कूलों की छुट्टी 15 जनवरी तक बढ़ गई है। मकर संक्रांति पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, लिहाजा स्कूलों के साथ सभी ऑफिस भी बंद रहेंगे।
केजीएमयू विवाद: पांचों संगठन 13 जनवरी से हड़ताल पर रहेंगे, बोले- हंगामा-बवाल होने के बावजूद एफआईआर नहीं हुई
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मंगलवार से इलाज और बाकी सामान्य कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहेगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही सभी पांचों संगठनों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा की है। केजीएमयू के पांचों संगठनों के मुताबिक 9 जनवरी को कुलपति कार्यालय पर हंगामा-बवाल होने के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर न होना निराशाजनक है।केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि कुलपति कार्यालय पर हुए हंगामे और बाहरी लोगों के कब्जा करने के मामले में प्रॉक्टर की ओर से उसी दिन तहरीर दी गई थी। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।ऐसे में संस्थान के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन ने सोमवार सुबह बैठककी। बैठक में सभी अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सभी का कहना था कि अगर कुलपति कार्यालय सुरक्षित नहीं है तो फिर सामान्य डॉक्टर और कर्मचारी कीस्थिति और भी खराब है। इसलिए जब तक एफआईआर नहीं होगी, केजीएमयू के सभी संगठन हड़ताल पर रहेंगे।
प्रभावित नहीं होगी इमरजेंसी सेवा
प्रो. केके सिंह के अनुसार हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। ओपीडी का संचालन नहीं होगा और अन्य सामान्य कामकाज नहीं होंगे। ट्रॉमा सेंटर के साथ ही इमरजेंसी वाले मरीजों का उपचार जारी रहेगा।
कुलपति की होगी मुख्यमंत्री से मुलाकात
केजीएमयू में हुए घटनाक्रम को देखते हुए सोमवार शाम कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा है कि इस दौरान नौ जनवरी को हुए घटनाक्रम और परिसर में व्याप्त आक्रोश की जानकारी देंगी।
यह है मामला
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने एक साथी रेजिडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया है। इस मामले में विशाखा समिति की सिफारिश के बाद आरोपी रेजिडेंट का निलंबन किया जा चुका है। केजीएमयू प्रशासन इस समय रेजिडेंट डॉक्टर के मददगारों की पहचान के लिए विशेष समिति के माध्यम से जांच करवा रहा है।
मामले में एफआईआर होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस मामले कीशिकायत राज्य महिला आयोग के पास दर्ज कराई गई थी। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पूरे मामले में केजीएमयू प्रशासन पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है।
नौ जनवरी को इसी मामले में उपाध्यक्ष केजीएमयू गईं थीं। इसके बाद वहां जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। इस पर केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी और अन्य संवर्ग आक्रोशित हैं। इसी मामले पर सोमवार को बैठक में हड़ताल पर सहमति बनी।










