Friday, July 3, 2026
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बीमारी ठीक करने के बहाने ओझा ने किया था रे/प, भाई भी था साजिश में शामिल… 9 साल पुराने केस में मिली ऐसी खौफनाक सजा

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Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की एक अदालत ने एक महिला से दुष्कर्म करने के मामले में ओझा और उसके सहयोगी को दोषी करार देते हुए सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 9 साल पुराना है। अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 1 लाख 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला ने 27 अप्रैल 2017 को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज थाने में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी।

महिला ने पुलिस को बताया था कि वह विवाहित है और 2 बच्चों की मां है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह 3-4 दिन पहले चंदौली स्थित अपने मायके आई थी, और वह कुछ दिनों से बीमार थी। पीड़िता के अनुसार, बीमारी के उपचार के लिए 26 अप्रैल 2017 को उसका भाई लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा उसे रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के झपरी गांव निवासी ओझा जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा (55) के पास ले गया था।

10 Gram Gold Price: महंगा हुआ सोना-चांदी, 24 Carat गोल्ड के दाम में बंपर उछाल, जानें 10 ग्राम का नया रेट

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24 carat gold price:  घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। MCX पर 24 Carat सोना 2,574 रुपये यानी 1.71 फीसदी की बढ़त के साथ 1,53,102 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, चांदी की बात करें तो Silver सोने से भी अधिक तेजी दर्ज की गई। MCX पर चांदी 5,717 रुपये यानी 2.32 फीसदी की मजबूती के साथ 2,51,903 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा 15 जून 2026 सुबह 9:30 बजे तक का है।

क्यों महंगा हुआ सोना-चांदी? 
कीमती धातुओं की कीमतों में यह हालिया उछाल तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि ईरान के साथ शांति समझौता हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल जाएगा, जिससे चार महीने से चल रहा संघर्ष खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने उस अहम कनेक्टिविटी रूट से नाकेबंदी हटा ली है, जो दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग (choke point) है और दोनों देशों के बीच तनाव के कारण काफी समय से बाधित था।

तनाव कम होने के बीच, वैश्विक बाजारों में सोने की कीमत में लगभग 3% की बढ़ोतरी हुई और यह $4,346 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी की कीमत में लगभग 4% का उछाल आया और यह $70.5 पर पहुंच गई।

राम मंदिर: चढ़ावे में गिनती से पहले पार हो जाती थी रकम, FIR की जगह इसलिए चुना गया SIT का रास्ता; जानिए मामला

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श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की राशि में हुए गबन का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। उसकी कई वजहें हैं। दरअसल, मंदिर में आई चढ़ावे की राशि का हिसाब लगाने के लिए ही गिनती की जाती थी। मतलब उसके पहले ये राशि बेहिसाब होती थी। उसी दौरान उसमें से रकम पार की जाती थी। आखिर में जोड़-घटा कर विवरण दर्ज कर दिया जाता था। साफ है कि जो विवरण दर्ज हो गया, वही हिसाब हो गया। इसलिए गबन कितने करोड़ का हुआ, यह स्पष्ट अंदाजा लगाना काफी कठिन है। वहीं अब बड़े जिम्मेदार इधर-उधर भाग रहे हैं।

मंदिर के चढ़ावे का हिसाब-किताब रोजाना होता था। रोजाना लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। अधिकतर कुछ न कुछ चढ़ावा जरूर देते हैं। इसमें छोटी से लेकर बड़ी रकम व सोना-चांदी भी होता है। आम दिनों की अपेक्षा त्योहार, वीकेंड आदि के अवसर पर राशि में कई गुना बढ़ोतरी भी होती है। सूत्रों के मुताबिक, गिनती करने से पहले सभी दानपात्र खोले जाते थे। पूरी रकम एक जगह इकट्ठा की जाती थी। तब तक यह पता नहीं रहता था कि किस दानपात्र में कितनी और रकम है। इसी के लिए गिनती होती थी, लेकिन उसी दौरान रकम पार की जाती रही। अब देखना होगा कि एसआईटी इसका आकलन कैसे करेगी।

कुंभ की तरह माघ मेले के दौरान भी बेशुमार चढ़ावा

पिछले साल हुए कुंभ में करीब 67 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे थे। इसमें से करोड़ों लोग अयोध्या भी दर्शन करने आए। सूत्र बताते हैं कि उस दौरान चढ़ावे की राशि में बेशुमार वृद्धि हुई थी। इसका फायदा उठाते हुए चढ़ावा चोरों ने एक-एक दिन में 10 से 15 लाख रुपये तक पार किए। यही नहीं, इसी तरह का खेल माघ मेले के दौरान भी हुआ। तब भी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ था। उस दौरान भी हर दिन मोटी रकम गिनती के दौरान पार की गई।

कइयों ने बनाई अकूत संपत्ति

पिछले कुछ वर्षों से ट्रस्ट से जुड़े लोग व उनके कई रिश्तेदारों ने अकूत संपत्तियां बनाईं। किसी ने जमीनें खरीदीं तो किसी ने घर, मकान और कारें लीं। अचानक लखपति और करोड़पति होना सवाल खड़े करता है। अभी जो चार-पांच संदिग्ध पकड़े गए हैं, उनके अलावा तमाम ऐसे लोग हैं, जिनकी भूमिका इस हेरफेर में रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में CJP का प्रदर्शन आज, दीपके ने की ये अपील

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मंगलवार (16 जून) को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में प्रदर्शन करेगी. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह घोषणा की है, जिसके बाद जयपुर में उन पर हुए हमले के बाद भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.

दीपके ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा कि वह 16 जून को शहर पहुंचेंगे और उन्होंने नागपुर के लोगों, जिनमें छात्र और युवा शामिल हैं उनसे शाम 4 बजे संविधान चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अपील की है. सीजेपी पिछले महीने हुए नीट (यूजी) परीक्षा पेपर लीक कांड को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है.

‘घर सूने हो रहे, वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं’, CM Yogi ने वृद्धों के लिए लिखी भावुक पाती, जनता से पूछा ये बड़ा सवाल

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुजुर्गों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि एक ओर घर सूने होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सहायता करना सनातन संस्कृति का प्रमुख मूल्य है। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह तथ्य मन को विचलित करता है। आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई? एक संवेदनशील नागरिक के रूप में हमें इस पर विचार करना चाहिए।”

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”जिन लोगों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, वे जीवन के चौथे चरण में अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा रोजगार और अन्य कारणों से घरों से दूर रहते हैं, जिसके कारण वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सबसे अधिक अपनत्व की आवश्यकता होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें अपने ही लोगों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

आदित्यनाथ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को भी एक आदेश में लोगों को अपने वृद्ध माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों की याद दिलानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को ईश्वर के समान माना गया है। इस संदर्भ में उन्होंने भगवान गणेश की अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति भक्ति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की धार्मिक और सामाजिक परंपराएं पारिवारिक संबंधों और मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, ”सनातन परंपरा में बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा है, क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची धरोहर हैं।”

इंडस्ट्री को बड़ा झटका! नहीं रहीं ‘छावा’ मूवी की एक्ट्रेस, 30 साल की उम्र में दुखद अंत, अभिनेत्री ने उठाया खौफनाक कदम

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UP Desk : मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी अभिनेत्री और फिल्म कलाकार संचिता उगाले का 30 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पुलिस के अनुसार, अभिनेत्री अपने घर में मृत अवस्था में मिलीं, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद परिवार, मित्रों और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।

नालासोपारा स्थित घर में हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संचिता उगाले अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ मुंबई के नालासोपारा पूर्व स्थित आचोले क्षेत्र में रहती थीं। बताया जा रहा है कि रविवार शाम के समय वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान परिवार को उनके बारे में चिंताजनक जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अभिनेत्री को घर के अंदर मृत पाया। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हाल के दिनों में अभिनेत्री के निजी और पेशेवर जीवन में क्या परिस्थितियां थीं। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों, दोस्तों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि घटना के कारणों को समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

टीवी और फिल्मों में कर चुकी थीं काम
संचिता उगाले ने टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई थी। वह लोकप्रिय धारावाहिक ‘कुमकुम भाग्य’ और ‘दिलवाली दुल्हा ले जाएगी’ में नजर आ चुकी थीं। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था। कम उम्र में उनके निधन की खबर ने मनोरंजन जगत को स्तब्ध कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

प्रिंसिपल का चपरासी पर आ गया दिल; बेझिझक रचा ली शादी, बताया कैसे शुरू हुई Love story

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International Desk: कहते हैं प्यार न उम्र देखता है, न हैसियत और न ही पद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहर Multan से सामने आई एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।रिपोर्टों के अनुसार, एक सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल Farzana को उसी स्कूल में कार्यरत Fayyaz से प्यार हो गया। बाद में दोनों ने विवाह कर लिया। बताया जाता है कि फरजाना फैयाज के व्यवहार और काम करने के तरीके से बेहद प्रभावित थीं। विशेष रूप से चाय परोसते समय उनका सलीका, सम्मानपूर्ण रवैया और जिम्मेदारी उन्हें पसंद आने लगी।

कहा जा रहा है कि फैयाज हर बार इतनी सावधानी और आदर के साथ चाय पेश करते थे कि एक बूंद भी बाहर नहीं गिरती थी। यही छोटी-छोटी बातें धीरे-धीरे फरजाना के दिल में जगह बनाती चली गईं। फरजाना के अनुसार, किसी इंसान की पहचान उसके पद, प्रतिष्ठा या धन से नहीं बल्कि उसके चरित्र, व्यवहार और ईमानदारी से होती है। उन्होंने कहा कि सच्चा प्यार कभी ओहदा या पैसा नहीं देखता, बल्कि इंसान की अच्छाइयों को पहचानता है। फैयाज की सादगी, सम्मान और समर्पण ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया।रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों के बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला किया।

सामाजिक धारणाओं और पद के अंतर को नजरअंदाज करते हुए दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार किया और शादी कर ली।  यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोग इसे इस बात का उदाहरण बता रहे हैं कि रिश्तों की नींव सम्मान, भरोसे और अच्छे व्यवहार पर टिकी होती है, जबकि कुछ लोग इसे एक असामान्य लेकिन दिलचस्प प्रेम कहानी के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल यह अनोखी प्रेम कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और इस बात की याद दिला रही है कि कई बार जीवन की बड़ी कहानियां छोटी-छोटी बातों से शुरू होती हैं।

Srinagar Airport से सफर करने वालों को होगी मुश्किल, कई दिनों तक उड़ानों पर लगेगी Break

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श्रीनगर(एजैंसी): भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (ए.ए.आई.) के श्रीनगर एयरपोर्ट निदेशक जावेद अंजुम ने कहा कि श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे की मुरम्मत अत्यंत आवश्यश्क हो चुकी है, क्योंकि अंतिम बार इसका रखरखाव और मरम्मत कार्य 15 वर्ष पहले हुए थे।

प्रत्येक रनवे की मुरम्मत समय-समय पर की जानी जरूरी होती है और सामान्यत. प्रत्येक 10 वर्ष में एक बार रनवे की बड़े स्तर पर मुरम्मत होती है, लेकिन श्रीनगर एयरपोर्ट की मुरम्मत 15 वर्ष से नहीं हुई है। इसलिए जुलाई से सितंबर के अंत तक एयरपोर्ट को प्रत्येक सप्ताह सोमवार और मंगलवार को रनवे की मरम्मत का काम होगा। इसके चलते यात्री विमान सेवा निलंबित रहेगी।

शनिवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में जावेद अंजुम ने कहा कि ए.ए.आई ने जुलाई से प्रत्येक सप्ताह सोमवार और मंगलवार को रनवे के कुछ हिस्सों पर काम करने का निर्णय लिया है। इन दो दिनों में रनवे के एक छोटे हिस्से पर कार्य किया जाएगा, जबकि शेष दिनों में उड़ान संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

अक्तूबर में रखराखव का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण पूरा किया जाना है। इसके लिए रनवे को पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। इसके चलते अक्तूबर में लगभग 15 दिनों तक श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन बंद रह सकता है।

हालांकि ए.ए.आई. ने स्पष्ट किया कि वह उड़ान संचालन के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश का पालन करेगा। अंजुम ने कहा कि यदि सरकार रखरखाव कार्य को स्थगित करने, टालने या उड़ानें जारी रखने के निर्देश देती है, तो प्राधिकरण उसी के अनुसार कार्रवाई करेगा।

इन 5 जिलों में अगले तीन घंटों का अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी

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Uttarakhand Weather: भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र ने उत्तराखंड के पांच जिलों के कुछ हिस्सों में अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान, संबंधित क्षेत्रों में लोगों एवं पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

इस चेतावनी के अनुसार, सोमवार अपराह्न 2:07 बजे से शाम 5:07 बजे तक तीन घंटों में जिला बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में कुछ जगहों पर तथा देवल, कपकोट, मुनस्यारी, डीडीहाट, बद्रीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ, बरकोट, पुरोला तथा आस पास के क्षेत्रो में बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ आंधी-तूफान आने की अनुमान जताया गया है।

विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इस दौरान घरों में या फिर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

दलबदलुओं को नकारो कहने वाली NCPI ममता संग कर दिया खेल, TMC के टूटे नेताओं से मिलाया हाथ…NDA को समर्थन

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नेशनल डेस्क: अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दलबदलुओं को नकारें’ के नारे के साथ 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में लगभग गुमनामी के बीच चुनाव लड़ने वाला एक राजनीतिक दल रविवार को उस वक्त अचानक राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया जब तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों वाले बागी गुट ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया।

चुनाव में नोटा से भी पीछे रही NCPI 
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) नामक इस दल ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी, लेकिन अंततः उसके प्रत्याशी चावमानु, अंबासा और कैलाशहर सीटों पर ही मैदान में उतर सके। चुनावी नतीजों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसके उम्मीदवार या तो ‘नोटा’ (इनमें से कोई नहीं) से पीछे रहे या उससे मामूली अंतर से आगे निकल पाए। करमचारा सीट से पार्टी की उम्मीदवार रीता शिल हलाम का नामांकन जांच के दौरान खारिज कर दिया गया था।
दिलचस्प तथ्य यह है कि एनसीपीआई का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा में है।

TMC सांसदों का NCPI में मिलना हैरान कर देने वाला फैसला 
निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में शेउली कुंडू का नाम पार्टी की अध्यक्ष के रूप में दर्ज हैं, जो स्वयं को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता बताती हैं। एनसीपीआई के प्रचार पोस्टर पर मतदाताओं से पार्टी के चुनाव चिह्न ‘पेन की निब’ पर मतदान करने की अपील करते हुए संदेश लिखा था, ”अपने अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीतिक दलबदलुओं को नकारें। राजनीतिक हस्तियों के बजाय समाजसेवियों का समर्थन करें।” पार्टी को यह चुनाव चिह्न एक पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में आवंटित किया गया था। रविवार को जब चावमानु से पार्टी के उम्मीदवार रहे बरजेदा त्रिपुरा से संपर्क किया, तो वह खुद इस घटनाक्रम से हैरान नजर आए।

 राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय 
उन्होंने कहा, ”मैंने 2023 में चुनाव लड़ा था। अब तीन साल बाद यह सब कैसे हो गया?” लोकसभा के 20 सदस्यों के एनसीपीआई में विलय की खबर सुनकर बरजेदा को यकीन नहीं हुआ। उन्हें आश्चर्य था कि जिस पार्टी का नाम अब राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, उसी ने कभी उन्हें त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। बरजेदा ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने कहा, ”2023 में कृष्ण देबबर्मा नाम के एक व्यक्ति ने मुझसे संपर्क किया था। उसी के कहने पर मैंने चुनाव लड़ा। कई वर्ष पहले मैं कांग्रेस का समर्थक था।”

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हालांकि, कृष्ण देबबर्मा से संपर्क नहीं हो सका। बरजेदा के चुनावी हलफनामे के अनुसार, 2023 में उनकी आयु 62 वर्ष थी। उन्होंने आठवीं तक शिक्षा प्राप्त की थी, चार लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी और अपने पेशे के तौर पर, समाजसेवा से जुड़े होने का उल्लेख किया था। चावमानु सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शंभू लाल चकमा विजयी रहे थे। उन्होंने टिपरा मोथा के हांगसा कुमार त्रिपुरा को 2,899 मतों के अंतर से हराया था। बरजेदा 536 वोट के साथ पांचवें स्थान पर रहे और ‘नोटा’ पर डले 500 वोट से मामूली अंतर से आगे रहे।

पार्टी के अन्य उम्मीदवार अंबासा, करमचारा और कैलाशहर सीटों से मैदान में थे। इनमें करमचारा और अंबासा सीट टिपरा मोथा के खाते में गईं, जबकि कैलाशहर से कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस में बगावत रविवार को उस वक्त निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई जब बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।

लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि तृणमूण के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करते हुए पत्र सौंप दिया है। उन्होंने कहा, ”तृणमूल के दो-तिहाई सांसदों ने अलग बैठने की व्यवस्था के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दिया है। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करेंगे।

वहीं, तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असंतुष्ट गुट पहले ही एनसीपीआई में विलय कर चुका है। उन्होंने एनसीपीआई को एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल बताया। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल वे होते हैं, जो आयोग में पंजीकृत तो होते हैं लेकिन अभी राज्य या राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल करने के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं कर पाए हैं।