Monday, February 23, 2026
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Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम चलाने के लिए नहीं कर्मचारी

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औरैया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी नई बिल्डिंग ने शिफ्ट हुए एक साल का समय होने जा रहा है।इस बिल्डिंग में लाखों की कीमत के अग्निशमन संयंत्र (फायर सेफ्टी सिस्टम) लगाए गए हैं, लेकिन आपातकाल की स्थिति में इसे चलाने के लिए हुनरमंद अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई।
ऐसे में यदि आग व अन्य तरह की कोई आकस्मिक घटना हुई तो यह संयंत्र धरे के धरे रह जाएंगे। सीएफओ ने जनवरी में निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज में यह खामी पकड़ी तो अब पत्राचार किया जा रहा है।मेडिकल कॉलेज की ओपीडी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में ओपीडी का आंकड़ा तीन हजार के पार तक चला गया। नई बिल्डिंग में ओपीडी, इमरजेंसी और सेंट्रल लैब का संचालन किया जा रहा है। दिन के समय यहां पर अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है। स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को इस भीड़ को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन आग लगने की कोई घटना हो जाए तो बचाव करना मुश्किल हो जाएगा।

इधर, गर्मी का सीजन आने वाला है। ऐसे में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ेगी। उधर, यहां की नई बिल्डिंग में लाखों की कीमत का अग्निशमन संयंत्र लगा है। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन की लाइनें बिछी हुई हैं, लेकिन इस संयंत्र को चलाने के लिए पेशेवर कर्मियों व अधिकारियों की तैनाती नहीं है। जबकि बिल्डिंग तैयार होने के साथ ही इसमें यह अग्निशमन संयंत्र भी लगाया गया था। बीते एक साल में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में इस संयंत्र का मेंटीनेंस भी सवालों के घेरे में है।

पुरानी बिल्डिंग में भर्ती मरीज, संयंत्र खराब पड़े
मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में लेबर रूम से लेकर जनरल वार्ड है। यहां पर रोजाना 200 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। तीमारदारों की भीड़ भी यहां देखी जाती है। इस बिल्डिंग में सालों पहले लगाए गए संयंत्र देखरेख के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे में यह बिल्डिंग भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगी।

सवाल जिनके नहीं हैं जवाब
-साल भर से क्यों नहीं चेक हुआ अग्निशमन संयंत्र।
-मरीजों की जान से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार।

-आग लगी तो कौन संचालित करेगा संयंत्र।

-क्या जिम्मेदारी से बचने के लिए पत्राचार ही काफी है।

मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में हाईटेक अग्निशमन संयंत्र लगा है, लेकिन वहां पर अग्निशमन अधिकारी व कर्मचारी की तैनाती ही नहीं है। इस खामी को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्राचार किया गया है।
-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

अग्निशमन संयंत्र के संचालन को लेकर अधिकारी व कर्मचारी की नियुक्ति की प्रकि्रया शासन स्तर से चल रही है। फिलहाल कार्यदायी संस्था के कर्मचारी संयंत्र की देखरेख कर रहे हैं।-डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

सीएम योगी का एलान: होमगार्ड भर्ती में आपदा मित्रों को मिलेगी प्राथमिकता, भर्ती प्रक्रिया को लेकर आया अपडेट

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रही 45 हजार होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा।सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। 25 जिलों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है।सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को तीन साल तक के लिए जीवन व चिकित्सा बीमा की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए बीते 10 फरवरी को ही आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन साल के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में काफी युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। युवा इसे पूरा करके आगे आ सकते हैं। बता दें कि होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन हो चुके हैं। अब इसके लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

लखनऊ समेत पांच शहरों में डॉप्लर वेदर राडार
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है।

इनका किया शिलान्यास भी
मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 बेड के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया।

यूपी: आज सिंगापुर और जापान की यात्रा के लिए रवाना होंगे सीएम योगी, इन कंपनियों से करेंगे मुलाकात

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उत्तर प्रदेश को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रविवार को रवाना होंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा। इसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री 33 ग्लोबल कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। यूपी के सीईओ की तरह वे निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर बातचीत करेंगे। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे।

करेंगे हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा

जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन, जो चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का विशेष आकर्षण बनने जा रही है। मुख्यमंत्री अपने जापान प्रवास के दौरान इस हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी।

मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। जापान टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजना के लिए उपयोगी माना जा रहा है। जापानी विशेषज्ञों के अनुसार इस ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो इसे उच्च गति के साथ स्थिरता और सुरक्षा भी देता है। फिलहाल ट्रायल चरण में संचालित यह ट्रेन जापान की तकनीकी क्षमता की मिसाल है।

यूपी: विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव, राज्यसभा चुनावों में होगा उलटफेर?

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सपा ने अपने बागी विधायकों की वापसी का फॉर्मूला तय कर दिया है। जिस रास्ते पार्टी से बाहर गए थे, उसी रास्ते से होकर अंदर आ सकते हैं। यानी, पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में उन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी और इसी साल होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट देकर वे पार्टी में पुनः प्रवेश कर सकते हैं।सपा के कई बागी विधायक इन दिनों सत्ताधारी दल में अपेक्षित महत्व न मिलने से असहज चल रहे हैं। उनमें से एक-दो विधायक सपा नेतृत्व के संपर्क में भी आए हैं। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन बागी विधायकों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

यूपी में फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी जीते थे। इसमें सपा के 7 विधायकों मनोज पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चुतर्वेदी और आशुतोष मौर्य ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इससे भाजपा के आठवें प्रत्याशी संजय सेठ जीत गए थे, जबकि सपा के तीसरे प्रत्याशी और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन चुनाव हार गए थे।

सपा ने बाद में अपने चार बागी विधायकों मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बताते हैं कि कई बागी विधायकों को अब लग रहा है कि सत्ताधारी दल के नजदीक जाने के एवज में उन्हें वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे या जिसकी उम्मीद उनके भीतर जगाई गई थी। 

रखी गई है ये शर्त

सपा सूत्र बताते हैं कि संपर्क करने वाले बागी विधायकों को लेकर पार्टी का रुख नकारात्मक नहीं है, लेकिन उनसे कह दिया गया है कि शामिल होने के लिए पार्टी के प्रति अपना समर्पण (लॉयलिटी) साबित करनी होगी। राज्यसभा की यूपी कोटे की 10 सीटें इस साल 25 नवंबर को रिक्त हो रही हैं। यानी, उससे पहले इन सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

अगर पार्टी में वापस आने के इच्छुक बागी विधायक इस चुनाव में सपा के राज्यसभा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करेंगे तो उन्हें वापस ले लिया जाएगा। कोई माफीनामा भी उनसे नहीं लिखाया जाएगा।

Auraiya: अज्ञात युवक ने भेड़ों पर किया धारदार हथियार से हमला, 36 बेजुबानों की मौत और 24 घायल, आरोपी की तलाश

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औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक ने भेड़ों के झुंड पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बरता में करीब 36 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो 24 से अधिक भेड़ें लहूलुहान हालत में तड़प रही हैं। घटना सहायल थाना क्षेत्र के नवी मोहन सुख गांव की है।

औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक ने भेड़ों के झुंड पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बरता में करीब 36 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो 24 से अधिक भेड़ें लहूलुहान हालत में तड़प रही हैं। घटना सहायल थाना क्षेत्र के नवी मोहन सुख गांव की है।भेड़ों के शव और घायल अवस्था में तड़पते बेजुबानों को देख चरवाहे के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुट गई है। चिकित्सक मौके पर ही गंभीर रूप से घायल भेड़ों का उपचार कर रहे हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। आखिर किस रंजिश या मानसिक विक्षिप्तता के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है। सहायल पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Auraiya: अज्ञात युवक ने भेड़ों पर किया धारदार हथियार से हमला, 36 बेजुबानों की मौत और 24 घायल, आरोपी की तलाश

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औरैया जिले के सहायल थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवक ने भेड़ों के झुंड पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बरता में करीब 36 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो 24 से अधिक भेड़ें लहूलुहान हालत में तड़प रही हैं। घटना सहायल थाना क्षेत्र के नवी मोहन सुख गांव की है।

भेड़ों के शव और घायल अवस्था में तड़पते बेजुबानों को देख चरवाहे के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुट गई है। चिकित्सक मौके पर ही गंभीर रूप से घायल भेड़ों का उपचार कर रहे हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। आखिर किस रंजिश या मानसिक विक्षिप्तता के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस इसकी बारीकी से जांच कर रही है। सहायल पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Kanpur: बैंक का प्रतिनिधि बनकर टीवी मैकेनिक से चार लाख ठगे, रिपोर्ट दर्ज

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गोविंदनगर में साइबर ठग ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर टीवी मैकेनिक से चार लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एच ब्लॉक निवासी विजय श्रीवास्तव टीवी मैकेनिक हैं। उन्होंने बताया कि ओ-ब्लॉक स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में उनका खाता है। 31 जनवरी को बैंक के एप से ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लेनदेन नहीं हो पा रहा था। उसी दौरान अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उनसे एप अपडेट करने के लिए कहा और लिंक भी भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही कुछ देर में खाते से चार लाख रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। गोविंद नगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

Kanpur Dehat Accident: मदद के लिए चीखते-चीखते थम गईं चार सांसें, खुले शीशे से बच गई छह जिंदगियां, ऐसा था हादसा

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नोएडा, औरैया के बाद अब कानपुर देहात में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते चार लोगों की जान चली गई। त्रियोदशी संस्कार में अपनों का गम बांट कर लौट रहे एक ही परिवार के चार लोगों की मदद के लिए चीखते-चीखते सांसें थम गईं। कार में मौजूद अन्य परिजन को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। अपनों के शव देख सुरक्षित बचे लोग बदहवास नजर आए। शिवली कल्याणपुर मार्ग पर बैरी सवाई स्थित सांचुला माता मंदिर के पास सड़क किनारे गहरा तालाब है।


इसके बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से तालाब के किनारे सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री नहीं बनवाई गई है। इसके चलते शुक्रवार देर शाम को अनियंत्रित वैन तालाब में जा गिरी। हादसे में कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर-3 निवासी राजकिशोर अग्निहोत्री, उनकी पत्नी स्नेहलता, बेटी राखी उर्फ हिमांशू अग्निहोत्री, नाती शिव (2) की डूबने से मौत हो गई। वहीं, कार गिरने की जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए मोर्चा संभाला।

सुरक्षा जाली होती, तो कार तालाब में न गिरती
कार में मौजूद राजकिशोर की नातिन वानी, रिश्तेदार कृतिका, सुधा, उनके बेटे कान्हा (4), सुधांशु (24) की सांसें उखड़ने से पहले ही तालाब से निकाल कर सीएचसी शिवली में भर्ती करवाया। आंखों के सामने अपनों की सांसें थम जाने से सभी घायल बदहवास हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग कई बार जिम्मेदारों से तालाब के किनारे बाउंड्री बनवाने की मांग कर चुके हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से हुए हादसे में चार लोगों की जान चली गई। यदि सुरक्षा जाली होती तो कार तालाब में न गिरती और न ही इतना बड़ा हादसा होता।

नोएडा, औरैया के बाद अब कानपुर देहात में जिम्मेदारों की अनदेखी से हुआ हादसा
मुख्य मार्गों के पास पड़ने वाली नहर, माइनर, तालाबों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम करने में जिम्मेदारों की ओर से की जाने वाली अनदेखियां बड़े हादसों का कारण बन रही हैं। इन हादसों में लोगों की जान चली जाना उनके परिवार को जिंदगी भर का दुख दे जाता है। जिम्मेदार इन हादसों के बाद भी अनदेखी कर देते हैं। नोएडा में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते निर्माणाधीन साइट में खोदे गए गड्ढे में कार चली जाने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई थी।

एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई
इस घटना के बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया और सड़क के किनारे मौजूद नहर नालों व तालाबों के किनारे सुरक्षा के कड़े प्रबंध नहीं किए गए। औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के तुरुकपुर गांव के पास नहर के किनारे सुरक्षा व प्रकाश व्यवस्था न होने से भरथना इटावा के घी कारोबारी राजीव कुमार उर्फ कल्लन, उनकी पत्नी मधु गुप्ता व बेटे शिवम की रात में नहर में कार सहित पड़े रहने से जान चली गई। इसके बाद शुक्रवार को बैरी में भी तालाब के किनारे सुरक्षा व्यवस्था न होने से तालाब में कार तालाब में गिर गई। तालाब के पास प्रकाश व्यवस्था भी न होने से ग्रामीणों को तालाब में डूब रहे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई।

कार की शीशे खुले होने से बच गई छह की जान
घटना स्थल पर पहुंचे राजकिशोर के भतीजे राजन अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी हादसे में बचे लोगों से बात हुई है। साथ ही गांव के लोगों ने बताया कि हादसे के बाद करीब 25 मिनट में सभी को बाहर निकाला गया। कार में चालक की साइड के शीशे खुले थे। कार तालाब में गिरने के बाद चालक निकल कर भाग गया। इसी बीच ग्रामीणों ने शीशे से बाहर की ओर झांक रहे लोगों को किसी तरह से बाहर निकला। जबकि जो लोग अंदर की तरफ थे, उनकी जान चली गई।

ये था पूरा हादसा
शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर बैरी सवाई के पास शुक्रवार रात आठ बजे की करीब एक वैन सामने से आए वाहन से बचने में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे तालाब में जा गिरी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, छह को सुरक्षित बाहर निकाल कर सीएचसी पहुंचाया गया। चालक मौके से लापता है।

Kanpur: अवैध पिस्टल से कनपटी पर गोली मारने वाले कारोबारी ने दम तोड़ा, पिता ने बहू पर लगाए आरोप

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तिलकनगर में मंगलवार देर रात अवैध पिस्टल से कनपटी पर गोली मारने वाले कपड़ा कारोबारी सनल कपूर (40) ने शुक्रवार शाम सर्वोदय नगर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से दुखी पिता रतन ऑर्बिट निवासी सत्यप्रकाश कपूर का आरोप है कि बहू प्रियंका बेटे से आए दिन झगड़ा करती थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अधिक खून बहने और कोमा में जाने से मौत की पुष्टि हुई।

सनल कपूर का नयागंज में साड़ियों का कारोबार है। परिवार में पत्नी प्रियंका, दो बेटियां झलक (13) और वानी (7) है। जनरलगंज में ट्रेडिंग का काम करने वाले सनल के पिता सत्य प्रकाश कपूर के अनुसार इकलौते बेटे सनल ने वर्ष 2010 में काहूकोठी निवासी प्रियंका से प्रेमविवाह किया था। शादी में वह और पत्नी रेखा कपूर नहीं शामिल हुए थे। शादी के बाद वह लोग इंद्रलोक विला अपार्टमेंट के तीसरे फ्लोर में रहने लगे। आरोप है कि बहू को उनका घर में आना-जाना पसंद नहीं था लेकिन बेटा अक्सर बहू से झगड़े की बात बताता था। उन्होंने कुछ साल पहले दोनों में समझौता तक कराया था। वहीं, कारोबारी की पत्नी प्रियंका ने ससुर के आरोपों को निराधार बताया। कोहना थाना प्रभारी प्रतीक सिंह ने बताया कि जांच की जा रही रही है। परिजन तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

Ayodhya: राम मंदिर की भव्यता देख मंत्रमुग्ध हुए गुयाना के उप राष्ट्रपति, रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की

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गुयाना के उप राष्ट्रपति भारत जगदेव शनिवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने राम मंदिर में रामलला के दर्शन करके पूजा-अर्चना की। वह सुबह करीब 11 बजे प्राइवेट एयरक्राफ्ट से महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट उतरे।एयरपोर्ट पर शंख बजाने के साथ पारंपरिक अवधी रीति-रिवाजों से मेयर गिरीश पति त्रिपाठी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। यहां से वह राम मंदिर पहुंचे। वीआईपी गेट नंबर-11 से अंदर गए। मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने मंदिर में उनका स्वागत किया। भारत जगदेव ने भगवान राम के ‘दर्शन’ किए। इस दौरान उन्होंने अंदर कुबेर टीला और सप्त ऋषि मंदिर समेत दूसरे मंदिरों में भी दर्शन किया।

ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि भारत जगदेव दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए थे। वहां से वापस गुयाना जाने से पहले रामलला के दर्शन किए। उन्होंने राम मंदिर की शान और चल रहे कंस्ट्रक्शन काम की तारीफ की। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी अपनी टीम के साथ तैनात रहे। इसके अलावा कमिश्नर राजेश कुमार, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सोमेन वर्मा और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे भी मौजूद रहे।